छोटी बिलायत में दुहराया गया इतिहास ! एक-दूजे के हुए ‘इंग्लिश बाबू-देशी मेम’

-सात समुंदर पार से आई हल्द्वानी की सिम्पी की बारात

विश्व गुरु बनने को उद्यत भारतीय संस्कृति वैश्विक विमर्श के साथ ही आकर्षण का केंद्र भी बनी
नवीन जोशी, नैनीताल। अंग्रेजी दौर की ‘छोटी बिलायत’ में जो न जाने कितनी बार हुआ हो, वही इतिहास एक नए रूप में मंगलवार को यहाँ फिर लिखा गया। बताया जाता है कि कुमाऊँ के दूसरे कमिश्नर जीडब्लू ट्रेल ने भी यहीं, रानीखेत की युवती से विवाह किया था। कुछ इसी तर्ज पर मंगलवार को यहां एक ‘इंग्लिश बाबू’ न्यू यॉर्क निवासी जे माइकल स्टेहेन पुत्र चार्ल्स स्टेहेनऔर ‘देशी मेम’ हल्द्वानी निवासी सिम्पी वर्मा पुत्री सेंचुरी पेपर मिल लालकुआ के सेवानिवृत्त कर्मी एसके वर्मा भारतीय विवाह पद्धति के जरिये एक-दूसरे के साथ ‘सात फेरे’ लेकर एक-दूजे के हो गये। यहां देशी मेम यानी सिम्पी की मेंहदी की रस्म हुई और वह बेहद सुरुचिपूर्ण तरीके से सजे मंडप में घाघरा-चोली में शरमाती-शकुचाती अपने दूल्हे का इंतजार करती रही। उधर इंग्लिश बाबू माइकल बाकायदा घोड़ी पर चढ़े। उनके करीब तीन दर्जन परिजनों-दोस्तों ने पगड़ियां पहनकर भारतीय नृत्य किये। दोनों का ‘जयमाल’ हुआ, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे का फूल माला पहनकर वरण किया और हिंदू रीति रिवाज के तहत पूरे विधि-विधान के साथ यह विवाह संपन्न हुआ।

यह भी पढ़ें : 

मौका था सोमवार को नगर के मनु महारानी होटल में हुए विवाह समारोह का। इस विवाह के लिए अमेरिका से दूल्हे माइकल के परिजनों सहित करीब तीन-दर्जन विदेशी मेहमान यहां दो दिन पहले ही पहुंच गये थे। रविवार को दोनों की मेंहदी की रस्म हुई, जबकि सोमवार को दोनों परिणय सूत्र में बंध गये। यूं यह भी था कि माइकल भारत से अमेरिका जाकर वहीं प्रसिद्ध वार्नर ब्रदर्स फिल्म कम्पनी में कार्य करने वाली सिम्पी से पहले ही पिछले फरवरी माह में न्यूयॉर्क में कोर्ट मैरिज कर चुके थे। लेकिन जब उन्हें सिम्पी से भारतीय समृद्ध संस्कृति और परंपराओं व खासकर विवाह पद्धति के बारे में पता चला तो उन्होंने एक बार फिर भारत आकर भारतीय विवाह पद्धति से विवाह करने का निर्णय लिया। विवाह के बाद सभी बाराती नैनीताल के पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कर रहे हैं। आगे उनका मंगलवार को जिम कार्बेट पार्क रामनगर की सैर करने और बुधवार को वहां से वापस लौटने का कार्यक्रम है। मनुमहारानी होटल के उप महाप्रबंधक प्रमोद बिष्ट ने कहा कि इस तरह भारतीय संस्कृति का प्रसार तो हो ही रहा है, नैनीताल जैसे छोटे भारतीय शहर भी विदेशी दूल्हों के लिए शादी करने के पसंदीदा स्थल यानी ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में खासे पसंद किये जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कि उत्तराखंड के हरिद्वार में इस तरह के कई विवाह अक्सर होते रहते हैं, जबकि नैनीताल में यह अपनी तरह का पहला आयोजन है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.