कुमाऊं के लोक देवी-देवता

देवभूमि उत्तराखंड की दो में से से एक व पुरानी कमिश्नरी कुमाऊं अंचल की अपनी अनेक विशिष्टताएं हैं। उत्तर में उत्तुंग हिमाच्छादित नंदादेवी, नंदाकोट व त्रिशूल की सुरम्य पर्वत मालाएं, पूर्व में पशुपति नाथ व…

आस्था के साथ ही सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर भी हैं…

इस तरह ‘जागर’ के दौरान पारलौकिक शक्तियों के वसीभूत होकर झूमते हें ‘डंगरिये’ कुमाऊं के जटिल भौगोलिक परिस्थितियों वाले दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में संगीत की मौखिक परम्पराओं के अनेक विशिष्ट रूप प्रचलित हैं। उत्तराखंड के…

कुमाउनी समग्र

कुमाउनी समग्रः चंद शासन काल में राजभाषा रही कुमाउनी, गढ़वाली व जौनसारी सहित उत्तराखंड की समस्त लोक भाषाओं को उनकी पहचान लौटाने का एक प्रयास... आप भी चाहें तो अपनी प्रविष्टियां इस पेज के लिए भेजें @…

बिन पटाखे, कुमाऊं में ‘च्यूड़ा बग्वाल’ के रूप…

-कुछ ही दशक पूर्व से हो रहा है पटाखों का प्रयोग -प्राचीन लोक कला ऐपण से होता है लक्ष्मी का स्वागत और डिगारा शैली में बनती है महालक्ष्मी नवीन जोशी, नैनीताल। वक्त के साथ हमारे…

राजुला-मालूशाही और उत्तराखंड की रक्तहीन क्रांति की धरती,…

[gallery type="rectangular" ids="9295,9294,9293,2770"] पौराणिक काल से ऋषि-मुनियों की स्वयं देवाधिदेव महादेव को हिमालय पुत्री पार्वती के साथ धरती पर उतरने के लिए मजबूर करने वाले तप की स्थली बागेश्वर कूर्मांचल-कुमाऊं मंडल का एक प्रमुख धार्मिक…

कुमाउनी ऐपण: शक, हूण सभ्यताओं के साथ ही…

नवीन जोशी, नैनीताल। लोक कलाएं संबंधित क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ ही उस संस्कृति के उद्भव और विकास की प्रत्यक्षदर्शी भी होती हैं। उनकी विकास यात्रा में आने-जाने वाली अन्य संस्कृतियों के प्रभाव…

12 ज्योर्तिलिंगों में प्रथम ज्योर्तिलिंग है जागेश्वर, यहीं…

देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में देवत्व की बात कही जाती है। प्रदेश के अनेक धर्म स्थलों में एक भगवान शिव के प्रथम ज्योर्तिलिंग जागेश्वर के बारे में स्कंद पुराण के मानसखंड में कहा गया है-‘मा…

प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ सदृश रामायण-महाभारतकालीन द्रोणगिरि वैष्णवी…

हिमालय की गोद में बसे आध्यात्मिक महिमा से मंडित और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दूनागिरि शक्तिपीठ का अपार महात्म्य है। जम्मू के प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ की तरह ही यहां भी वैष्णवी माता की…

1830 में मुरादाबाद से हुई कुमाउनी रामलीला की…

[caption id="attachment_3243" align="alignnone" width="300"] Kumaoni Ramlila[/caption] -कुमाऊं की रामलीला की है देश में अलग पहचान नवीन जोशी, नैनीताल। प्रदेश के कुमाऊं मंडल में होने वाली कुमाउनी रामलीला की अपनी मौलिकता, कलात्मकता, संगीत एवं राग-रागिनियों में…

सच्चा न्याय दिलाने वाली माता कोटगाड़ी: जहां कालिया…

[embed]https://youtu.be/zfByg8CDQxE[/embed] नवीन जोशी, नैनीताल। कण-कण में देवत्व के लिए प्रसिद्ध देवभूमि उत्तराखंड में कोटगाड़ी (कोकिला देवी) नाम की एक ऐसी देवी हैं, जिनके दरबार में कोर्ट सहित हर दर से मायूस हो चुके लोग आकर…

साफ-सफाई का सन्देश देता ‘खतडु़वा’ आया, सर्दियां लाया

[caption id="attachment_8218" align="alignnone" width="225"] खतडु़वा[/caption] -विज्ञान व आधुनिक बौद्धिकता की कसौटी पर भी खरा उतरता है यह लोक पर्व, साफ-सफाई, पशुओं व परिवेश को बरसात के जल जनित रोगों के संक्रमण से मुक्त करने का…

कुमाऊँ के ऋतु, प्रकृति व लोक पर्व-हरेला, भिटौली,…

हरेला: लाग हरिया्व, लाग दसैं, लाग बग्वाल, जी रये, जागि रये.... नवीन जोशी, नैनीताल। `लाग हरिया्व, लाग दसैं, लाग बग्वाल, जी रये, जागि रये, यो दिन यो मास भेटनैं रये, तिष्टिये, पनपिये, हिमाल में ह्यूं छन…

देवभूमि के कण-कण में देवत्व

आदि गुरु शंकराचार्य का उत्तराखंड में प्रथम पड़ाव: कालीचौड़ मंदिर [embed]https://youtu.be/EzTAxzrgjLY[/embed] देवभूमि के कण-कण में देवत्व होने की बात यूँ ही नहीं कही जाती। अब इन दो स्थानों को ही लीजिये, यह नैनीताल जिले में…