/नैनीताल-कुमाऊं में फिल्माई गई फिल्में

नैनीताल-कुमाऊं में फिल्माई गई फिल्में

  1. मधुमती (1958)-दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला और जॉनी वॉकर। प्रमुख गीत-जुल्मी संग आँख लड़ी, चढ़ गयो पापी बिछुआ, दिल तड़प तड़प के, घड़ी घड़ी मोरा दिल धड़के, जंगल में मोर नाचा, सुहाना सफ़र, आजा  रे परदेशी 
  2. गुमराह(1963)- सुनील दत्त, माला सिन्हा। प्रमुख गीत-इन हवाओं में, इन फ़िज़ाओं में तुझको मेरा प्यार पुकारे।
  3. कौन अपना-कौन पराया फिल्म में नैनीताल
    कौन अपना-कौन पराया फिल्म के गीत ‘जरा सुन हसीना नाजनीं’ में नैनीताल

    कौन अपना-कौन पराया (पूर्व नाम वांटेड) (1963)-वहीदा रहमान, अशोक कुमार, विजय कुमार (जॉनी वॉकर के छोटे भाई। प्रमुख गीत-जरा सुन हसीना नाजनीं।

  4. शगुन (1964)-वहीदा रहमान, कमल जीत। प्रमुख गीत-पर्वतों के पेड़ों पर शाम का अंधेरा है, तुम चली जाओगी।*
  5. भीगी रात (1965) – अशोक कुमार, मीना कुमारी, प्रदीप कुमार, प्रमुख गीत-मोहब्बत से देखा खफा हो गए।*
  6. वक्त (1965)- शशि कपूर, शर्मिला टैगोर, सुनील दत्त, राजकुमार। प्रमुख गीत-दिन है बहार के, आजा आजा रे तुझको मेरा प्यार पुकारे, दिल के सहारे आजा प्यार करें। 
  7. अनीता (1967)- मनोज कुमार, साधना। प्रमुख गीत-तुम बिन जीवन कैसा जीवन
  8. एक कली मुस्काई (1967 या 68)-जॉय मुखर्जी, मीरा जोगलेकर। प्रमुख गीत-लो एक कली मुस्काई।*
  9. दिल देके देखो-शम्मी कपूर, आशा पारेख।
  10. कटी पतंग (1970) – राजेश खन्ना, आशा पारेख। प्रमुख गीत-जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा।
  11. कलाबाज (1977)- देवानंद, जीनत अमान।
  12. अभी तो जी लें(1971) – मुकेश, डैनी, जया भादुड़ी। प्रमुख गीत-ओ लाली हो सवेरे वाली।
  13. हम किसी से कम नहीं (1979)-तारिक, जीनत अमान।
  14. एक कली मुस्काई-जॉय मुखर्जी, मीरा जोगलेकर।
  15. होली आई रे-जितेंन्द्र, माला सिन्हा।
  16. झील के उस पार-राजेश खन्ना, वहीदा रहमान।
  17. शगुन-कमलजीत, वहीदा रहमान।
  18. आदमी और इंसान-धर्मेंद्र, सायरा बानो।
  19. आये दिन बहार के-धर्मेंद्र, आशा पारेख।
  20. बड़ी दीदी-जितेंद्र, नंदा।
  21. शिकार-धर्मेंद्र, आशा पारेख।
  22. दुल्हन एक रात की-धर्मेंद्र, नूतन।
  23. एक हंस का जोड़ा-अनिल धवन, इंद्राणी मुखर्जी।
  24. जिंदगी-विनोद मेहरा, मौसमी चटर्जी।
  25. मिस्ट (1981) दिनेश ठाकुर, संगीता नाइक।
  26. बिंदी चंदन की-शेखर सुमन, रोमा मलिक।
  27. रोमांस (1983)-कुमार गौरव, पूनम ढिल्लो।
  28. मासूम (1983)-नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, जुगल हंसराज। प्रमुख गीत-तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान हूं मैं।
  29. जानू (1985) –  जय किशन (जैकी) श्राफ, रति अग्निहोत्री, सईद जाफ़री, अनुपम खेर, इफ़्तेख़ार, युनुस परवेज़।
  30. भूल ना जाना (1985)-संजीव मित्रा, नीलमा।
  31. बंधन बांहों का (करिए क्षमा) (1985)-राजकिरण, स्वप्ना। प्रमुख गीत-ना कोई अकबर ना कोई बाबर ना कोई शाह हुमायूं, सब हैं यहां दिल के शहजादे, अपना देश कुमाऊं।
  32. हुकूमत (1987)-धर्मेन्द्र, रति अग्निहोत्री, शम्मी कपूर, स्वप्ना, सदाशिव अमरापुरकर, प्रेम चोपड़ा। प्रमुख गीत-ना ज़ुल्म ना ज़ालिम का, इस अफसर का बाजा, राम राम बोल।
  33. रामा ओ रामा (1988) – किमी काटकर।
  34. खून भरी मांग (1988)- रेखा,कबीर बेदी, शत्रुघ्न सिन्हा, सोनू वालिया और राकेश रोशन कबीर बेदी।
  35. तेरे बिना क्या जीना (1988 में शूटिंग )-शेखर सुमन, मुनमुन सेन। निर्माता-पार्थो घोष।
  36. माशूक (1993)-अयूब खान, आयशा झुल्का। प्रमुख गीत-कौन हो तुम जो दिल में समाए जाते हो।
  37. इश्क में जीना, इश्क में मरना (1994)-रवि सागर, दिव्या दत्ता।
  38. हिमालय पुत्र (1997)-विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, अक्षय खन्ना, अंजला झावेरी। प्रमुख गीत-ना वो इनकार करती है नो वो इकरार करती है, तूने कैसा जादू किया…।
  39. सिर्फ तुम (1999)-संजय कपूर, प्रिया गिल।। प्रमुख गीत-ये सिलसिला है प्यार का ये चलता रहेगा
  40. कोई मिल गया (2003)-ऋतिक रोशन, प्रीति जिंटा। प्रमुख गीत-इधर चला मैं उधर चला।
  41. बाज, द बर्ड इन डेंजर (2003)- करिश्मा कपूर, जैकी श्राफ,डिनो मोरिया, सुनील शेट्टी, प्रीति झिंगियानी।
  42. जूली (2004)-नेहा धूपिया, प्रियांशु चटर्जी, यश टांक, संजय कपूर। प्रमुख गीत-हम तुम से दिल लगा बैठे, भीगी भीगी, इश्क तेजाब।
  43. प्यार जिंदगी है-विकास, आशिमां भल्ला।
  44. किसना (2005)-विवेक ओबेरॉय, ईशा शरवानी।
  45. जाना, लेट्स फॉल इन लव (2005)-2004 रेहान खान, राजेश खन्ना, जीनत अमान।
  46. विवाह (2006)- शाहिद कपूर, अमृता राव। प्रमुख गीत-दो अजनबी…।
  47. बालकृष्ण (2006)- मीरा जैस्मिन।
  48. चांद के पार चलो- प्रीति झिंगयानी, हिमानी शिवपुरी। प्रमुख गीत-रात मेरी धिंचक लड़ गई।
  49. डिफरेंट स्ट्रोक बैनर (2008) राजीव वर्मा, सुदेश बेरी, अतुल किनागी, वेदिता प्रताप सिंह। प्रमुख गीत-किस मी वन मोर टाइम (आरिफ कैसल्स, बलरामपुर हाउस)।
  50. ट्रंप कार्ड (सड़ियाताल)Hillwani Gallery
  51. दांए या बांए (2011)-दीपक डोबरियाल, (निर्देशक बेला नेगी) ।
  52. आहिस्ता-आहिस्ता (2012)- अभय देओल, सोहा अली।
  53. सतरंगी पैराशूट(2013)- जैकी श्राफ, राजपाल यादव, लिलीपुट, संजय मिश्रा।
  54. रंगमहल (2013)-यजुवेंद्र प्रताप सिंह, वर्तिका तिवारी।
  55. औरंगजेब (2013)-ऋषि कपूर, अर्जुन कपूर, साशा आगा, अमृता सिंह।
  56. कांची (2014)-मिष्टी, कार्तिक आर्यन, ऋषि कपूर, मिथुन चक्रवर्ती, चंदन रॉय सान्याल, आदिल हुसैन, मीता वशिष्ठ।
  57. गांधी-द हीरो (2015 में सेंट जोसफ कॉलेज व फ्लेट्स मैदान में मस्जिद के साथ शूटिंग))- मिलिंद गुनाजी, ग्रेसी सिंह, सुधीर पांडे आदि।
  58. मिशन टाइगर (2016)-बीजू लाल टीआर, विजय राज, सुभाष चंद्रा, मदन मेहरा, मनोज साह टोनी, जहूर आलम, धर्मवीर परमार, हरीश राणा, अनिल घिल्डियाल, जितेंद्र बिष्ट, नवीन बेगाना, अनुपम उपाध्याय, मंजूर हुसैन, भुवन बिष्ट, विक्रम सयाल, चारु तिवारी, दीपक सहदेव, कैलाश सुयाल व बालक अंशुल।
  59. मेरठिया गेंगस्टर (2015)- जयदीप अहलावत, नुसरत बरूचा, संजय मिश्र, मुकुल देव व विजेंद्र काला (नैनी झील, बोट हाउस क्लब)
  60. जगजीवन की पत्नी की तीसरा प्यार (2016 में शूटिंग)-विक्रम गोखले एवं रेवती। (प्रस्तावित)
  61. डांस में मेरी लग गयी (2016 में शूटिंग)-सैयद समीर अली, शक्ति कपूर, रजा मुश्ताक खान, अमन वर्मा, शशि शर्मा, सलीम, जावेद हैदर, सरोज खान। (प्रस्तावित)
  62. खर्चा पानी (2016 में शूटिंग)-संजय मिश्रा, राजपाल यादव, सुधा चंद्रन । (प्रस्तावित)
  63. मौसम इकरार के-दो पल प्यार के (शूटिंग नवंबर 2016)- मुकेश भारती, मदालसा सिंह, हेमंत पांडे, निर्देशक-पार्थो घोष। (प्रस्तावित)
  64. लफंडर इश्क (शूटिंग 2017) – जतिन पांडे, सपना मलिक, शिवम गुप्ता, गीता बिष्ट, ऋषि तिवारी, अंकिता सिंह, राम मेहर, अर्श देओल व आंचल सिंह। (प्रस्तावित)
  65. हम सब हैं अतरंगी (शूटिंग 2017) – हेमंत पांडे, राकेश श्रीवास्तव, जतिन पांडे, ब्रिजेन्द्र काला,अनिल घिल्डियाल, चारू तिवारी, राम मेहर, अर्श देओल व गीता बिष्ट। (प्रस्तावित)
  66. फालूदा (शूटिंग 11 मार्च 2017) – आरव नेगी, गुंजन चंद, पीहू शर्मा,गीत दिल में तेरे प्यार का स्टंप लगा रे। (प्रस्तावित)
  67. कंजूसा – इदरीश मलिक

*सहयोग: Shikha Chaki

नेपाली : 1. विरासत।
भोजपुरी:

  1. प्रेम के रोग भइल (2007)- दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, पाखी हेगड़े।
  2. भीमा।
  3. फूहड़ सिनेमा।

बंगाली : धूमकेतु (2015 में सेंट जोसफ कॉलेज में शूटिंग)

कुमाउनी-
1.मधुली- टॉम आल्टर, गिरीश तिवाड़ी ‘गिर्दा’, पंकज चौधरी ‘जूली’ नायक तथा सोनू बाफिला.

2. अभिमान-ठुल घरैकि चेलि-निर्मल पांडे

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कुमाउनी फिल्म मधुली भी की थी टॉम आल्टर ने, नैनीताल और कुमाऊं से रहा था गहरा संबंध

नवीन जोशी, नैनीताल। रविवार को दिवंगत हुए पद्मभूषण सम्मान प्राप्त प्रसिद्ध सिने अभिनेता टॉम ऑल्टर का नैनीताल और कुमाऊं से भी गहरा संबंध रहा। वे यहां न केवल अक्सर आते रहते थे, वरन कम ही लोग जानते होंगे कि वे यहां की लोकभाषा कुमाउनी जानते थे, और उन्होंने कुमाउनी भाषा की एक फीचर फिल्म ‘मधुली’ में एक अंग्रेज डिप्टी कमिश्नर का किरदार निभाया था। इस फिल्म में प्रदेश के दिवंगत जनकवि गिरीश तिवाड़ी ‘गिरदा’ सहित पंकज चौधरी ‘जूली’ नायक तथा सोनू बाफिला भी प्रमुख भूमिकाओं में थे।
प्रदेश की रक्तहीन क्रांति कहे जाने वाले प्रसिद्ध कुली बेगार आंदोलन पर बनी कुमाउनी फिल्म मधुली 1921 की कहानी थी। इस फिल्म में टॉम ने अंग्रेज डिप्टी कमिश्नर का किरदार निभाया था। फिल्म की शूटिंग अल्मोड़ा के शीतलाखेत, धामस व खूंट गांव में शूटिंग हुई थी। फिल्म के निर्माता-निर्देशक सुहृद सुदर्शन साह ने टॉम की सहृदयता को याद करते हुए बताया कि मधुली का शुरुआती बजट टॉम को फिल्म में लेने के साथ 60 लाख रुपए रखा गया था, किंतु जिस तरह से टॉम ने इस फिल्म से आत्मीयता दिखाई, ऐसे में फिल्म केवल 10 लाख में बन गयी। उन्होंने खुलासा किया कि जब वे टॉम को मधुली की स्क्रिप्ट सुना रहे थे, तब टॉम उन्हें स्वयं बता रहे थे कि अंग्रेज डिप्टी कलेक्टर कैसे थे। वे अपने चरित्रों में पूरा डूब कर व शोध करके अभिनय करते थे। उनमें गजब का टेलेंट था। वे कुमाउनी भी समझते और बोल लेते थे। मधुली में भी उन्होंने ‘ठीक छू’ यानी ठीक है जैसे कुछ कुमाउनी डॉयलॉग भी बोले थे। साह ने बताया कि इस फिल्म के साथ उनका व फिल्म की यूनिट का टॉम से ऐसा संबंध बना कि टॉम ने उन्हें अपने पुत्र के विवाह में अपने घर मसूरी भी आमंत्रित किया था, और वे तथा यहां के कई लोग इस विवाह समारोह में शामिल भी हुए थे। साथ ही मुंबई सेंट्रल के पास वाईएमसीए के ठीक सामने स्थित उनके अपार्टमेंट में भी गये थे। टॉम मधुली के नायक पंकज चौधरी की शादी में भी यहां आये थे। इधर टॉम से मधुली को हिंदी में डब करके नये सिरे से रिलीज करने पर भी चर्चा चल रही थी। साथ ही टॉम स्वयं की लिखी एक फिल्म को यहां फिल्माना चाहते थे। इस फिल्म के अलावा भी टॉम का नैनीताल व कुमाऊं से गहरा संबंध था। वर्ष 2013 में वे नगर में आखिरी शरदोत्सव के तहत आयोजित हुए कुमाउनी फिल्म फेस्टिवल में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। जिसके बाद उन्होंने नैनीताल राजभवन में तत्कालीन राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी के द्वारा आयोजित मौलाना आजाद पर नाटक में ढाई घंटे अकेले एकल अभिनय किया था। टॉम प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय शिकारी एवं पर्यावरणविद् जिम कार्बेट से भी खासे प्रभावित थे। इसलिये वे कॉर्बेट की जयंती पर उनके पैत्रिक आवास गर्नी हाउस में आयोजित गोष्ठी में भाग लेने भी आये थे और इस दौरान उन्होंने कॉर्बेट पर लिखी पुस्तक से कार्बेट के वृतांतों का अपनी खास डॉयलॉग उच्चारण शैली में वाचन किया था। वे नैनीताल जनपद स्थित जिम कार्बेट पार्क के ब्रांड एंबेसडर भी बने थे। नैनीताल के शेरवुड कॉलेज के एक कार्यक्रम में भी वे यहां आये थे। श्री साह के साथ ही नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी सुरेश गुरुरानी ने भी टॉम के नैनीताल से जुड़ाव को याद करते हुए उन्हें गजब का कलाकार बताते हुए कहा कि उनके निधन से लग रहा है कि जैसे कोई अपना खो दिया हो।

The Great Nainital Showreel

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निर्मल पांडे का जाना

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‘मौसम इकरार के, दो पल प्यार के’ से लौटेगा प्रेम व संगीत आधारित मेलोडी फिल्मों का जमाना

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फिल्म ‘मौसम इकरार के, दो पल प्यार के’ के एक दृश्य में नायक मुकेश भारती व नायिका मदालशा शर्मा.

नवीन जोशी, नैनीताल। एक दौर में 100 डेज व तीसरा कौन जैसी सस्पेंस थ्रिलर तो आगे अग्निसाक्षी, गुलाम-ए-मुस्तफा, जीवन युद्ध, युगपुरुष, खोटे सिक्के, मसीहा, सूर्या, सितम, रहमत अली जैसी तत्कालीन दौर के हिसाब से फिल्म बनाने वाले और 1993 में आई फिल्म दलाल के लिये सर्वश्रेष्ठ निर्देशक हेतु नामाकिंत होने वाले सुप्रसिद्ध सिने निर्देशक पार्थो घोष करीब छह वर्ष के अंतराल के बाद एक कमोबेश नये हीरो-हीरोइन मुकेश भारती व मदालशा शर्मा को लेकर करीब एक सप्ताह के लिये नैनीताल आये हैं। यहां वह हिंदी फीचर फिल्म ‘मौसम इकरार के, दो पल प्यार के’ की शूटिंग करने वाले हैं। फिल्म के मुहूर्त के मौके पर पार्थो ने विश्वास जताया कि हिंदी फिल्मों में काफी समय से खो सा गया प्रेम व संगीत आधारित मेलोडी फिल्मों का जमाना लौटने जा रहा है। क्योंकि लोग आज के दौर की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से मुक्त अल्ट्रा मारधाड़ वाली फिक्शन फिल्मों से उकता गये हैं, और आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ पलों के सुकून के लिये शांत, मनोहर, मनोरंजक, सुमधुर संगीत व प्रेम से युक्त फिल्म देखना चाहते हैं। उम्मीद जताई कि फिल्म ‘मौसम इकरार के, दो पल प्यार के’ दर्शकों की इस तलाश को पूरी करेगी।

फिल्म 'मौसम इकरार के, दो पल प्यार के' के मुहूर्त के मौके पर फिल्म की यूनिट व डीएम.

फिल्म ‘मौसम इकरार के, दो पल प्यार के’ के मुहूर्त के मौके पर फिल्म की यूनिट व डीएम.

उन्होंने कहा कि वे देवभूमि उत्तराखंड में अपनी फिल्म दो पल प्यार के की शूटिंग करने में सौभाग्य मानते हैं। इससे पूर्व भी वे एक फिल्म के लिये नैनीताल आ चुके हैं। इस संगीत पूर्ण फिल्म के लिये नैनीताल से अच्छी लोकेशन कहीं मिल ही नही सकती थी। इन वादियों का नजारा देखकर हर कोई बरबस इसकी तरफ आकर्षित हो जाता है। कहा कि उत्तराखंड प्रतिभाओं से भरा हुआ है। यहा की संस्कृति दुनिया में अपनी अलग छवि बनाती है। उनकी कोशिश होगी कि स्थानीय कलाकारों को भी फिल्म में मौका दिया जाये। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष हेमंत पांडे भी उनकी फिल्म में हैं। इससे पूर्व 2010 में उनकी फिल्म ‘एक सेकेंड, जो आपकी जिंदगी बदल दे’ आई थी, इसके बाद छह वर्षों तक कोई मन का विषय नहीं मिला, और जब इस फिल्म के रूप में मिला है, तो पूरी खूबसूरती और दिल से फिल्म बनाने की कोशिश रहेगी।

नैनीताल में चल रहा है ‘जगजीवन की पत्नी की तीसरा प्यार’

  • अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित विक्रम गोखले और रेवती हैं प्रमुख भूमिकाओं में
  • पूरी फिल्म नैनीताल पर एवं 65 पार के दंपत्तियों के आपसी प्रेम पर है आधारित

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नैनीताल। हालांकि सरोवरनगरी में मधुमती से लेकर अब तक करीब पांच दर्जन फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है, लेकिन फिल्म के निर्माता-निर्देशक का दावा है कि इस फिल्म में पहली बार नैनीताल पूरी फिल्म में और अपने खुद के नाम से दिखाई देगा। पहली बार सरोवरनगरी बड़े पर्दे पर पूरी फिल्म में स्वयं के ही नाम और स्वरूप में दिखाई देगी। इन दिनों यहां निर्देशक के रूप में अंतराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त दो वरिष्ठ कलाकारों-विक्रम गोखले एवं लव फिल्म में सलमान खान की हीरोइन से बॉलीवुड में कदम रखने वाले दक्षिण भारतीय अभिनेत्री रेवती की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘जगजीवन की पत्नी का तीसरा प्यार’ फिल्म की शूटिंग चल रही है। फिल्म में नैनीताल नगर की समग्र ख़ूबसूरती के फिल्मांकन में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

फिल्म के निर्माता-निर्देशक व लेखक राजेश वचानी के अनुसार इस पूरी फिल्म में नैनीताल अपने मूल नाम व स्वरूप में दिखाई देगा। हालांकि फिल्म यूनिंट अभी फिल्म की कहानी व थीम को गोपनीय रखे हुये हैं, किंतु प्राप्त जानकारी के अनुसार फिल्म उम्रदराज दंपति जगजीवन (विक्रम गोखले) व उनकी पत्नी (रेवती) की कहानी है, जो भारत के विभाजन के दौर में नैनीताल आ बसे। फिल्म में बीते दौर के परिवेश को दिखाने की कोशिश के तहत बुजुर्ग विक्रम लूना मोपेड चलाते हैं। इधर बृहस्पतिवार 22 दिसंबर को डीएसबी-राजभवन रोड पर विक्रम के मोपेड चलाने के दृश्यों का फिल्मांकन किया गया। इससे पूर्व माल रोड नगर पालिका पुस्तकालय के सामने भी फिल्म के कई दृश्य फिल्माए गए। फिल्म की कुछ शूटिंग राजस्थान के जैसलमेर में भी होगी। फिल्म 65 से पार की उम्र के दंपत्तियों में शारीरिक प्रेम से ऊपर उठकर एक-दूसरे का खयाल रखने के प्रेम को हृदयस्पर्शी तरीके से प्रकट करती है। फिल्म बताती है कि एक दंपत्ति जीवन में बचपन और युवावस्था के बाद प्रेम की तीसरी स्थिति में पहुंच जाता है, जोकि वास्तविक प्रेम है। शूटिंग के दौरान बात करते हुए अभिनेता विक्रम गोखले ने बताया कि उन्हें एक निर्देशक के रूप में अपनी ही फिल्म आघात के लिये अंतराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। इसी तरह रेवती को भी निर्देशन के लिये ही अंतराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है।

नैनीताल में फिल्माई जायेगी भ्रष्टाचार युक्त व्यवस्था पर चोट करती फिल्म ‘खर्चा पानी’

नैनीताल। फिल्म खर्चा पानी के लेखक, निर्माता निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्रस्तावित फिल्म ‘खर्चा पानी’ उस भ्रष्टाचार युक्त व्यवस्था पर चोट करती है, जहां ‘खर्चा पानी’ यानी रिश्वत दिये बिना कोई सरकारी कार्य नहीं होता है। यह एक ‘सिचुएशनल कॉमेडी’ फिल्म है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा के चरित्र का नाम ‘अंडर टेबल’ और राजपाल यादव का नाम ‘शॉर्टकट’ है। इससे कहानी की थीम समझी जा सकती है। अलबत्ता, उनकी फिल्म भ्रष्टाचार को केवल प्रकट करती है, लेकिन कोई संदेश नहीं देती है। बताया कि फिल्म में बॉलीवुड के कुछ स्थापित कलाकारों संजय मिश्रा, राजपाल यादव, सुधा चंद्रन, पंकज त्रिपाठी, वीरेंद्र सक्सेना के अलावा अन्य सभी भूमिकायें स्थानीय कलाकारों द्वारा ही निभायी जायेंगी। फिल्म की शूटिंग आगामी अक्टूबर माह में नैनीताल एवं टनकपुर में की जायेगी। उल्लेखनीय है कि पुष्पेंद्र की गुजरात के बहुचर्चित इशरत जहां इनकाउंटर कांड पर बनी एक फिल्म लोक सभा चुनावों से पूर्व बनने के बाद से रिलीज होने का इंतजार कर रही है। बताया कि आईबी के अधिकारियों से बातचीत एवं लंबे समय तक शोध करके बनायी गई है। फिल्म की कहानी का खुलासा करते हुये उन्होंने बताया कि इन्काउंटर सही किया गया था। अलबत्ता, इशरत जहां से अधिक उसकी मां के आतंकियों से संबंध थे।

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