नैनीताल बैंक को बेचने की कोशिश में आरबीआई पहुंचा बॉब !

राष्ट्रीय सहारा, 12 जनवरी 2018

-रिजर्व बैंक ने कहा, पहले अपने बोर्ड से प्रस्ताव पास करके आएं: सूत्र
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड के अपने करीब एक सदी पुराने ऐतिहासिक और इकलौते वाणिज्यिक बैंक नैनीताल बैंक लिमिटेड को इसके पैतृक बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा बेचे जाने और इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक जाने की चर्चाएं हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनीताल बैंक के 98.57 फीसद शेयर धारिता वाला देश का तीसरा सबसे बड़े बैंक-बैंक ऑफ बड़ौदा अपनी घटती ‘कैपिटल’ को बढ़ाने के लिए अपने स्वामित्व वाले नैनीताल बैंक को बेचने की कोशिश में है। इस खबर के बाद नैनीताल बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मचना तय है। पूछे जाने पर नैनीताल बैंक के चेयरमैन व मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश शर्मा ने बताया कि बीती रात्रि उनके संज्ञान में भी यह बात आई है। फिलहाल वह इसकी पुष्टि करने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण साह ने आरबीआई द्वारा फिलहाल बॉब को इस संबंध में टाले जाने की बात कही।

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लाइव मिंट

उल्लेखनीय है कि इस आलेख के 11 जनवरी की सुबह प्रकाशित होने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा प्रबंधन ने मुंबई में पत्रकार वार्ता कर ‘नैनीताल बैंक को बेचे जाने के लिए आरबीआई से अनुमति लेने’ के लिए किसी तरह के प्रयास से इंकार किया, और नैनीताल बैंक प्रबंधन को भी ईमेल के जरिए इस बात से अवगत कराया। यह सही है तो अच्छा है। किंतु आशंकाएं अपनी जगह हैं कि बॉब प्रबंधन नैनीताल बैंक में किसी तरह का आंदोलन आदि न छिड़ जाने के भय से भी आखिरी समय तक इस तरह के प्रयासों से इंकार कर सकता है। इस आलेख को देश की शीर्ष आर्थिक पत्रिका ‘बिजनेस स्टेंडर्ड’ और ‘लाइव मिंट’ ने भी प्रकाशित किया है।

उल्लेखनीय है कि 1922 में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत एवं उनके साथियों के प्रयासों से स्थापित और अब 96 वर्ष के हो चले नैनीताल बैंक की देश के पांच राज्यो में 135 शाखाएं हैं। बीते माह ही भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसोचैम) के द्वारा नैनीताल बैंक को बैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2017 का निजी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ एमएसएमई यानी ‘माइक्रो एंड मीडियम स्केल इंटरप्राइज’ बैंक का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। अपने कार्य क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए सुनियोजित तरीके से काम कर रहा व सर्वोत्तम ग्राहक सेवा एवं बैंक के कर्मचारियों की कार्य निष्पादन शैली के कारण अपने ग्राहकों का लोकप्रिय बैंक 1975 में बॉब के अधिकार में आया। जिसके बाद बैंक प्रबंधन में उच्च पदों पर नियुक्तियां बॉब के द्वारा ही होती हैं।

बिकने नहीं देंगे, पर बॉब से पल्ला छूटे तो अच्छा: साह
नैनीताल। नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन (एनबीएसए) के महासचिव प्रवीण साह का कहना है कि बॉब के अधीन आने के बाद से ही बैंक पर एक तरह से अत्याचार किए जाते और 1979 से ही इसे पूरी तरह अपने कब्जे से लेकर हड़पने के प्रयास चलते रहे। 2006 में भी ऐसी कोशिश हुई, जब बड़े आंदोलन के जरिए बॉब की इस मंशा का दमन किया गया। इधर ताजा चर्चाओं पर साह ने कहा कि अभी बॉब द्वारा नैनीताल बैंक को बेचे जाने की खबरों में कुछ भी साफ नहीं है। अलबत्ता, बॉब आरबीआई में नैनीताल बैंक को बेचे जाने की अनुमति लेने के लिए गये थे। आरबीआई ने बॉब से कहा कि पहले इसे अपनी बोर्ड से पास करवाइये। इसके बाद भी आरबीआई बेचे जाने की अनुमति देता अथवा नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस प्रकार अभी फिलहाल आरबीआई ने इन्हें टाल दिया है। आरबीआई की हमेशा से नैनीताल बैंक पर कृपा रही है, इसलिए बैंक अब तक बच भी पाया है। कहा कि बॉब की आर्थिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। लिहाजा वह अपने नुकसान की भरपाई अपनी संपत्तियों को बेचकर करेगा। आगे देखने वाली बात होगी कि आरबीआई क्या अनुमति देता है। यदि वह नैनीताल बैंक के आईपीओ निकालने की अनुमति मिलती है, तो अच्छा है। इससे नैनीताल बैंक का बॉब के अत्याचारों से पल्ला छूटेगा। आगे बैंक के उद्धार के लिए हमारे पास अपनी योजना है। कहा कि जो भी होगा, एनबीएसए को विश्वास में लेकर होगा, अन्यथा बिना विश्वास में लिए बॉब कुछ गलत करता है तो यूनियन 2006 के बड़े आंदोलन की तरह किसी कीमत पर होने नहीं दिया जाएगा।

चर्चा संज्ञान में, बॉब से कर रहे हैं पुष्टि: शर्मा
नैनीताल बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने पूछे जाने पर कहा कि कल रात्रि उनके संज्ञान में आया है। वे बैंक ऑफ बड़ौदा से इसकी पुष्टि करने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि बिना भारतीय निजर्व बैंक एवं भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के बैंकिंग प्रभाग की अनुमति के इतना बड़ा निर्णय नहीं हो सकता है। ऐसा कोई निर्णय होगा तो उनकी जानकारी में भी आएगा। और बॉब उन्हें भी विश्वास में लेगा, तथा भारतीय निजर्व बैंक एवं केंद्रीय वित्त मंत्रालय के बैंकिंग प्रभाग से भी इसकी जानकारी ली जाएगी।

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देश के सर्वश्रेष्ठ एमएसएमई बैंक के पुरस्कार के साथ नैनीताल बैंक के अध्यक्ष, सीईओ व अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

नैनीताल। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसोचैम) के द्वारा नैनीताल बैंक लिमिटेड को बैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2017 का निजी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ एमएसएमई यानी ‘माइक्रो एंड मीडियम स्केल इंटरप्राइज’ बैंक का पुरस्कार दिया गया है। नई दिल्ली के होटल ‘दि पार्क’ में एसोचैम द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में दिल्ली के सांसद डा. उदित राज के हाथों नैनीताल बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। नैनीताल बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एके सिंह ने बताया कि नैनीताल बैंक द्वारा एमएसएमई क्षेत्र में ग्राहकों के लिए विभिन्न उत्कृष्ट ऋण योजनाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। बताया कि ‘बैंक आफ बड़ोदा’ की 98.57 फीसद शेयर धरिता वाला 96 साल पुराना नैनीताल बैंक निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है, और एमएसएमई क्षेत्र में त्वरित ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करके अपने कार्य क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है। सर्वोत्तम ग्राहक सेवा एवं बैंक के कर्मचारियों की कार्य निष्पादन शैली के कारण नैनीताल बैंक अपने ग्राहकों का लोकप्रिय बैंक है।

राष्ट्रीय सहारा, 18 दिसम्बर 2017
नोएडा में स्थापित हुआ नैनीताल बैंक का ‘नैनी बिजनेस सेंटर’
राष्ट्रीय सहारा, 25 अक्टूबर 2017

-देश के पांच राज्यों में 135 शाखाएं हैं बैंक की, 10 हजार करोड़ रुपए पहुंच गया है 96 वर्ष पुराने नैनीताल बैंक का कुल व्यवसाय
नैनीताल/नोएडा। नैनीताल बैंक ने अपने पंचकुइयां रोड दिल्ली स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को सी-20/ए-7 सेक्टर-62 नोएडा में नए बनाए गए आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘नैनी बिजनेस सेंटर’ यानी एनबीसी में स्थान्तरित कर दिया है। यहीं से नैनीताल बैंक का दिल्ली का क्षेत्रीय कार्यालय, नैनी लोन पॉइंट एवं नैनीताल बैंक के अध्यक्ष का कैंप कार्यालय भी एक साथ कार्य करेगा। मंगलवार (24.10.2017) को नैनीताल बैंक के 98.57 फीसद शेयर धारक बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार गर्ग ने बैंक के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश शर्मा, मुख्य परिचालन अधिकारी एके सिंह तथा निदेशक मंडल के कई सदस्यों की मौजूदगी में नैनी बिजनेस सेंटर का नोएडा में उद्घाटन किया।

नोएडा में नैनीताल बैंक के ‘नैनी बिजनेस सेंटर’ का उद्घाटन करते बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार गर्ग।

बताया कि नैनीताल बैंक विगत 96 वर्षों से लगातार प्रगति के कई शिखरों को पार करता हुआ निरंतर राष्ट्र के विकास एवं उन्नति में योगदान दे रहा है। आज नैनीताल बैंक का कुल व्यवसाय 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है तथा बैंक पांच राज्यों- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा एवं राजस्थान में 135 शाखाओं के माध्यम से वित्तीय सेवाएं प्रदान कर रहा है। बैंक अपने इस नए परिसर के द्वारा अपने बढ़ते हुए व्यवसाय एवं ग्राहक आधार को निरंतर उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है।

नैनीताल बैंक की मदद से पहली बार नर्सरी स्कूल के बच्चों ने पहने ब्लेजर
नर्सरी स्कूल में बच्चों को ब्लेजर भेंट करते नैनीताल बैंक के चेयरमैन, सीईओ व मार्केटिंग हेड तथा प्रधानाध्यापिका आदि।

-खिल उठे बच्चों के चेहरे, चेयरमैन मुकेश शर्मा ने कहा आगे भी सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत हर संभव मदद करेंगे
नैनीताल। सदैव ही अपने बैंकिंग कार्य के साथ सामाजिक कल्याण के कार्यों में भी प्रतिबद्ध एवं आगे रहे नैनीताल बैंक ने शुक्रवार (17.11.2017) को कुछ ऐसा कार्य किया कि में 1953 में स्थापित नगर पालिका द्वारा संचालित नर्सरी विद्यालय के बच्चे विद्यालय के छह दशक से अधिक लंबे इतिहास में पहली बार ब्लेजर पहन पाए। इस बात की खुशी उनके साथ ही शिक्षक-शिक्षिकाओं के चेहरों पर साफ नजर आ रही थी। उम्मीद बढ़ी तो प्रधानाध्यापिका सरिता साह गंगोला ने कहा कि आगे भी नैनीताल बैंक से मदद की उम्मीद रहेगी, इस पर चेयरमैन मुकेश शर्मा ने भी उन्हें निराश नहीं किया। कहा, आगे भी कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत विद्यालय की हर संभव मदद करेंगे। बैंक के सीओओ एके सिंह ने कहा, विद्यालय ने उन्हें समाज के लिए कुछ करने का अवसर प्रदान किया है।
इस अवसर बैंक के अध्यक्ष श्री शर्मा ने बच्चों को देश के अनुशाषित एवं अच्छे नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया। प्रधानाचार्य श्रीमती साह ने बताया की स्कूल के सभी बच्चे अत्यंत निर्धन परिवारों से हैं, अब वे नैनीताल बैंक के योगदान से शीतकाल में ठण्ड से सुरक्षित रहेंगे। बैंक के द्वारा इस अवसर पर बच्चों में चाकलेट इत्यादि का वितरण भी किया। ज्ञातव्य है कि विगत वर्ष भी शीतकाल के समय नैनीताल बैंक द्वारा गरीब परिवारों में कम्बलों का वितरण किया गया था। इस अवसर स्कूल की सभी अध्यापिकाएं, अभिवावक एवं नैनीताल बैंक के मार्केटिंग हेड विपिन खन्ना, कम्पनी सचिव विवेक साह, मोहन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

 

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