सगे छोटे भाई ने ही बेदर्दी से किया था हाथ-पैर बांधकर, गला घोंटकर भाई का कत्ल

-बूड़ा पहाड़ के पास लाकर 12 मई को की थी हत्या

पुलिस गिरफ्त में हत्यारा छोटा भाई

नैनीताल, 26 मई 2018। बीती 12 मई को मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर कालाढुंगी रोड पर बजून से आगे सड़क से करीब 10-15 मीटर नीचे एक युवक का शव बरामद हुआ है। शव के दोनों हाथ व पांव आपस में बंधे हुए हैं। साथ ही उसके गले में कपड़े का फंदा भी लगा हुआ है, तथा उसके गले से ऊपर चेहरा का हिस्सा खून जमने से लाल पड़ा है। पुलिस ने शनिवार को मृतक मनोज चौधरी के हत्यारे उसीके छोटे भाई रवि पुत्र जहेंद्र चौधरी निवासी टांडा अमरपुर थाना बिलारी जिला मुरादाबाद को दबिस देकर उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी जनमेजय खंडूड़ी ने बताया कि हत्यारे भाई ने अपना गुनाह कबूलते हुए बताया है कि हत्या का कारण जमीन के मालिकाना हक प्राप्त करना था। इसी नीयत से वह नौ मई की रात्रि मनोज को अपने दोस्टों संजीव पुत्र नेत्रपाल व राहुल निवासी टांडा अमरपुर बिलारी को पैंसे का लालच देकर एक बुलेरो कार से नैनीताल के बूड़ा पहाड़ लेकर आये। यहां आकर उन्होंने मनोज के हाथ-पैर बांधकर व गला घोंटकर हत्या की तथा शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया। पुलिस के अनुसार मामले में रवि की सास विनोद देवी द्वारा सहयोग करने की बात भी प्रकाश में आयी है।

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छोटे भाई पर हत्या का शक जमीनी विवाद बताया जा रहा है कारण
नैनीताल। मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर कालाढुंगी रोड पर बजून से आगे बूड़ा पहाड़ के पास सड़क से नीचे बीती 12 अप्रैल को मिला शव पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के ग्राम टांडा अमरपुर थाना बिलारी निवासी मनोज चौधरी का निकला है। मृतक के पिता जहेंद्र पाल ने मंगलवार को मुख्यालय पहुंचकर शव की शिनाख्त की। अलबत्ता, मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिता ने अपने ही छोटे बेटे पर जमीन-जायदाद हड़पने के लिए बड़े भाई की हत्या करने का शक जताया है। पुलिस आगे तथ्यों की पड़ताल कर रही है। यदि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस एवं मौका-ए-वारदात से इस संबंध में तथ्यों की कड़ी जुड़ती है तो नैनीताल पुलिस जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर सकती है।
एक छोटे भाई द्वारा अपने ही इकलौते बड़े भाई की इस तरह दोनों हाथ-पैर आपस में बांधकर व गला घोंटकर हत्या करने और शव को करीब 100 किमी दूर लाकर नैनीताल जनपद के बूड़ा पहाड़ के पास जंगल में फेंक देने की इस अविश्वसनीय सी दिल-दहला देने वाली घटना की कलई स्वयं मृतक के पिता जहेंद्र पाल ने खोली है। अपने बड़े व छोटे भाई के साथ बड़े बेटे के शव की शिनाख्त करने के बाद शोक संतप्त पिता का कहना था कि उनका छोटा बेटा रवि चार वर्ष पूर्व विवाह होने के बाद से बिगड़ गया है। वह ससुरालियों के साथ मिलकर उनकी संपत्ति हड़पना चाहता है।
करीब 6 माह पूर्व उसने इसी नीयत से उन (पिता) पर जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद वे बड़े बेटे मनोज व अन्य परिजनों के साथ संभल आकर किराये के घर में रहने लगे। इधर वे गांव की जमीन बेचकर संभल में ही प्लॉट खरीदकर घर बनाने की सोच रहे थे। इसी दौरान 9 मई को प्लॉट देखने के लिये किसी का फोन आने पर मनोज प्लॉट देखने गया था, और इसके बाद से वापस नहीं लौटा। संभवतया गांव की जमीन पर काबिज रवि को उनकी जमीन बेचने की मंशा का भान हो गया होगा, इसलिये उसने अपने बड़े भाई मनोज को धोखे से बुलाकर उसकी हत्या कर दी होगी। सभी जगह तलाश करने के बाद उन्होंने 12 मई को थाना मनियाढेर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इधर उन्हें पुलिस से नैनीताल में बेटे का शव मिलने की सूचना मिली।

सोशल मीडिया के जरिये हुई शव की शिनाख्त
नैनीताल। 12 मई को बूड़ा पहाड़ के पास मिले शव की शिनाख्त में आधुनिक सोशल मीडिया माध्यम ह्वाट्सएप की बड़ी भूमिका रही। मामले के विवेचक नगर कोतवाल विपिन चंद्र पंत ने बताया कि घटनास्थल पर कई बार तलाशी के बावजूद हत्यारों और मृतक की शिनाख्त से संबंधित कोई सबूत हाथ नहीं लगा था। केवल मृतक शक्ल से यूपी का लग रहा था। इस पर उन्होंने ह्वाट्सएप पर उसकी फोटो डालकर इसे यूपी के सीमावर्ती रुहेलखंड मंडल मंें भिजवाया। यह फोटो ह्वाट्सएप पर ही संभल के थाना मनियाढेर में 12 मई को ही दर्ज हुई युवक की गुमशुदगी की जांच कर रहे उप निरीक्षक श्रीनिवास तक पहुंची। उन्होंने मृतक व गुमशुदा युवक की शक्ल मिलाई तो करीब-करीब दोनों मिल गये। इसके बाद उसके परिजनों को नैनीताल भेजकर शिनाख्त करवाई गयी। मामले में कोतवाल पंत ने कहा कि मामले में जल्दी ही हत्यारों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

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-कहीं बाहर से हत्या कर शव फेंका गया लगता है, पुलिस शिनाख्त के प्रयासों में जुटी, स्वयं भी दर्ज कर सकती है अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा
-नैनीताल व कालाढुंगी पुलिस की सक्रियता पर भी उठे सवाल

नैनीताल, 12 मई 2018। मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर कालाढुंगी रोड पर बजून से आगे सड़क से करीब 10-15 मीटर नीचे एक युवक का शव बरामद हुआ है। खास बात यह है कि करीब 30-35 वर्ष के युवक के शव के दोनों हाथ व पांव आपस में बंधे हुए हैं। साथ ही उसके गले में कपड़े का फंदा भी लगा हुआ है, तथा उसके गले से ऊपर चेहरा का हिस्सा खून जमने से लाल पड़ा है। साथ ही एक चादर भी मिली है। इससे उसकी कहीं अन्यत्र गला घोंट कर हत्या किये जाने और चादर में बांध कर लाने तथा यहां फैंके जाने के बात साफ तौर पर समझी जा सकती है। एएसपी हरीश चंद्र सती ने मृतक के हुलिये के आधार पर भी कहा कि वह उत्तराखंड मूल का नहीं लगता है। एएसपी ने बताया कि मृतक के कपड़े रेडीमेड हैं, तथा शव के पास किसी तरह का पहचान का चिन्ह नहीं मिला है। बावजूद पुलिस उसकी शिनाख्त करने के प्रयास कर रही है। शव अधिक पुराना भी नहीं मालूम हो रहा है, लिहाजा माना जा रहा है कि शव को एक दिन पहले ही अथवा बीती रात्रि ही कहीं बाहर से लाकर यहां फेंका गया है।
इससे पूर्व सुबह मल्लीताल कोतवाली के अंतर्गत मंगोली चौकी को स्थानीय लोगों से शव देखे जाने की सूचना मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं एएसपी सती, सीओ विजय थापा, मल्लीताल कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षण बीसी मासीवाल व एसआई भावना बिष्ट सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा, एवं खाई से शव को सड़क पर लाकर उसकी शिनाख्त के प्रयास किये। समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं मामले में पुलिस अपनी ओर से भी हत्या का मुकदमा लिख सकती है। अलबत्ता, चिंताजनक बात यह है कि बीते कुछ समय से बाहर से शव लाकर जनपद में फैंकने की घटनाओं में आई कमी पर इस घटना ने पलीता लगा दिया है, तथा खासकर नैनीताल व कालाढुंगी पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठा दिये हैं, जिनके क्षेत्र से शव को यहां लाकर फेंका गया है।

पत्रकार व स्थायी अधिवक्ता के घर से लाखों की चोरी
नैनीताल, 20 मई 2018। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में केंद्र एवं राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता (स्टैंडिंग कांउसिल) तथा आकाशवाणी में कार्यरत मान्यता प्राप्त पत्रकार के आवास से बीती रात्रि चोरी की बड़ी घटना प्रकाश में आई है। पत्रकार व अधिवक्ता बीएस परिहार ने बताया कि  बीती 23 अप्रैल से ही नगर के मल्लीताल में मुख्य डाकघर के सामने पॉश माने जाने वाले क्षेत्र में किराए के आवास में रह रहे थे। इधर शनिवार को बच्चों के 10 दिन के अवकाश होने पर वे उन्हें छोड़ने खुर्पाताल स्थित बच्चों के ननिहाल गए थे। रविवार सुबह उन्हें आसपास रहने वाले लोगों ने फोन करके घर के ताले टूटे होने की सूचना दी। लौट कर देखा तो घर के दरवाजों के साथ ही अलमारी व लॉकर भी टूटा था, और इसके अंदर रखे हुए करीब डेढ़ लाख रुपये की नगदी तथा पत्नी के सोने के दो हार व माला एवं 2-3 कान के टॉप्स गायब थे, जबकि अन्य सामान यथावत था।
सुबह 8 बजे ही उन्होंने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी, जिसके बाद कोतवाल विपिन चंद्र पंत, एसआई बीसी मासीवाल, पीएस मर्तोलिया आदि मौके पर पहुंचे एवं कुछ अंगुलियों के निशान भी लिए। लॉकर तोड़ने के लिये गैस लाइटर का प्रयोग करने की बात भी प्रकाश में आई है। उल्लेखनीय है कि घटनास्थल के पास ही पब्लिक सर्विस ट्रिब्यूनल कि कोर्ट भी है और यह क्षेत्र काफी व्यस्त भी माना जाता है, इसलिए ऐसे क्षेत्र में चोरी की यह हाइप्रोफाइल चोरी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाली है।

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-24 अप्रैल को हुआ था गायब, नगर के पैराडाइज होटल में था कार्यरत
-पुलिस के अनुसार उसी दिन दोस्तों को नगर की ठंडी सड़क की फोटो के साथ आत्महत्या करने का भेजा था मैसेज
नैनीताल 11 मई 2018। बीती 24 अप्रैल से गुमशुदा अल्मोड़ा जनपद के ग्राम सुंदरपानी, बाराकोट थाना जैंती निवासी 18 वर्षीय युवक दीपक कुमार पुत्र अमर कुमार का शव शुक्रवार को 20 दिन के बाद नैनी झील में उतराता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक इंटरमीडिएट की परीक्षाएं देने के बाद नगर के मल्लीताल बैंक ऑफ बड़ौदा के पास स्थित होटल पैराडाइज में गुमशुदा होने के कुछ ही दिन पूर्व 10-11 अप्रैल से रूम सर्विस में नौकरी कर रहा था। 30 अप्रैल को मुख्यालय पहुंचे उसके परिजनों ने मल्लीताल कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज करायी थी। तभी से पुलिस जांच अधिकारी एसआई भावना बिष्ट की अगुवाई में उसकी तलाश कर रही थी। परिजनों के द्वारा घटना वाले दिन दो युवकों के उससे मिलने होटल आने और उसके उन्हीं के साथ जाने की बात कही गयी थी, लेकिन घटना में किसी दोस्त की संलिप्तता से इंकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि उसके गांव के कई युवक यहां है, और वे अक्सर उनसे मिलने आते थे।

गरीबी, परीक्षा में फेल होने का डर हो सकताा है मौत की वजह
नैनीताल। पुलिस का कहना है कि मृतक काफी खुशमिजाज व अच्छा इंसान था। दीपक की एक बड़ी शादीशुदा बहन व एक छोटा भाई है। वह इंटर की परीक्षा देकर काम की तलाश में नैनीताल आया था, और करीब पखवाड़े भर पहले ही मल्लीताल बैंक ऑफ बड़ौदा के पास स्थित पैराडाइज होटल में नौकरी में लगा था। इससे पूर्व भी एक वर्ष पूर्व वह कुछ समय के लिए पढ़ाई के बीच काम कर चुका था। घर से आते समय पर घर की बुरी आर्थिक स्थिति के कारण केवल 500 रुपए लेकर आया था। उसके इंटर के प्रश्न पत्र भी अच्छे नहीं गये थे। पुलिस इन्हीं कारणों के अवसाद को उसके द्वारा आत्महत्या करने की वजह मान रही है।

अल्मोड़ा का युवक दो साथियों सहित सप्ताह भर से गुमशुदा

नैनीताल। अल्मोड़ा जनपद का एक युवक नैनीताल से एक सप्ताह से गुमशुदा है। परिजन उसकी तलाश में जुटे हुए हैं। मल्लीताल कोतवाली में युवक की गुमशुदगी भी दर्ज करा दी गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 वर्षीय दीपक कुमार पुत्र अमर कुमार निवासी ग्राम सुंदरपानी, बाराकोट थाना जैंती नैनीताल के होटल पैराडाइज में इसी माह की 10-11 अप्रैल से रूम सर्विस में नौकरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि बीती 24 को करीब उसी की उम्र के दो किशोर उसके पास आये थे, और वह अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे दो घंटे में होटल में लौट कर आने की बात कह कर उनके साथ चला गया था। लेकिन तब से वापस नहीं लौटा, और न ही उसका कहीं कोई पता चला है। सप्ताह भर तक परिचितांे-रिश्तेदारों में पता लगाकर थक चुके उसके परेशान परिजन सोमवार को मुख्यालय पहुंचे, और कोतवाली पुलिस में उसकी गुमशुदगी दर्ज करायी। होटल के सीसीटीवी कैमरों में उसे साथ ले जाने वाले किशोरों को देखने की कोशिश की गयी, लेकिन इससे भी कुछ खास पता नहीं लग पाया है।
परिजनों के अनुसार दीपक की एक बड़ी शादीशुदा बहन व एक छोटा भाई है। वह इंटर की परीक्षा देकर काम की तलाश में नैनीताल आया था, और करीब पखवाड़े भर पहले ही मल्लीताल बैंक ऑफ बड़ौदा के पास स्थित पैराडाइज होटल में नौकरी में लगा था।

बागेश्वर में तीसरी बार चली कुल्हाड़ी, कलयुगी बेटे ने उड़ा दी बाप की गर्दन

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के साथ कुल्हाड़े से अपनों की गर्दन तराशने का बेहद बुरा दुर्योग लगातार जुड़ता जा रहा है। बीते करीब 1 वर्ष में इस तरह की कम से कम तीसरी घटना सामने आई है। अभी 13 अप्रैल 2018 को बागेश्वर जिले के पंद्रहपाली गांव में चाचा और भतीजे में किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद गुस्साए भतीजे ने चाचा की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। वहीं चंपावत जिले के लेक अमोड़ी निवासी ईश्वरी दत्त (32) पुत्र जोगा दत्त द्वारा 19 अप्रैल 2017 को अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से काट कर ह्त्या करने का मामला प्रकाश में आया था।

इधर रविवार 6 मई 2018 को जिले के डंगोली पुलिस चौकी के अंतर्गत भिलकोट गांव में एक बेटे ने कुल्हाड़ी से बाप की गर्दन काट दी। इससे बाप की मौके पर ही मौत हो गई। दिल दहलाने वाली इस घटना से ग्रामीण स्तब्ध हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है। हत्यारोपित मौके से फरार है। देर रात सोमेश्वर की ओर जा रहे हत्यारोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मल्ला भिलकोट में रघुबीर सिंह (68) अपनी पत्नी देवकी देवी के साथ आंगन में गेहूं की मढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने अपने मझले पुत्र चंदन सिंह से मढ़ाई में हाथ बंटाने को कहा। इस पर चंदन आगबबूला हो गया। वह घर के भीतर से कुल्हाड़ी निकाल लाया। उसने कुल्हाड़ी से अपने पिता रघुबीर सिंह की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी गर्दन काट दी। इससे रघुबीर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हत्यारा वहां से चल दिया। रघुबीर सिंह के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा गोविंद सिंह बाहर नौकरी करता है। छोटा बेटा चमन सिंह घटनास्थल से कुछ दूरी पर रहता है। मझला बेटा हत्यारोपित चंदन सिंह माता-पिता के साथ रहता है। वह अविवाहित और बेरोजगार है। बताया जा रहा है कि वह कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ है।

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-दो बेटियां हैं, बेटियां होने के बाद से ही करता है शराब पीकर मारपीट, कोई रोजगार नहीं करता
नैनीताल, 27 मार्च 2018। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान बेटियां पैदा करने वालों को ही शायद समझ नहीं आ रहा है। शायद इसीलिए दो बेटियां पैदा होने पर एक पिता अपनी पत्नी के साथ लगातार मारपीट करता रहता है, और इधर मंगलवार को उसने हद ही करते हुए पत्नी का सिर ही फोड़ डाला। पत्नी के सिर में 4 टांके लगाने पड़ते हैं। अब तक सह रही पत्नी के सब्र का बांध भी टूट पड़ा है, और वह पुलिस से पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
घटना मंगलवार दोपहर की है। नगर के सूखाताल निवासी 27 वर्षीय महिला सुमन लहूलुहान अवस्था में अपनी करीब 5 वर्षीया बेटी को साथ लेकर मल्लीताल कोतवाली पहुंची और पति अमित आर्या पर सिर में गहरी चोट कर लहूलुहान करने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने उसका जिला अस्पताल में उपचार कराया। उसके सिर में चार टांके लगाने पड़े। इस बीच पूछे जाने पर उसने बताया कि दो बेटियां हैं, इस कारण पति अक्सर शराब पीकर मारपीट करता है। कोई रोजगार भी नहीं करता है, लिहाजा अब वह पति के खिलाफ कार्रवाई चाहती है। इस पर पुलिस ने उसके पति को थाने बुलवाया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस दोनों को समझा-बुझाकर आगे ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने की ताकीद करती दिखी।

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जिला चिकित्सालय में एएसपी के समक्ष बिलखती पीड़ित छात्रा की मां, बहन व परिजन।

-हालत गंभीर, 10 माह पूर्व पड़ोसी युवक ने किया था अपहरण, मुकदमा दर्ज करने के दबाव में हुआ विवाद
नैनीताल, 24 मार्च 2018। करीब 10 माह पूर्व अपहरण की गयी 10वीं कक्षा की छात्रा को दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने के तहत चौथी मंजिल से नीचे फेंकने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। घटना तब हुई जब छात्रा शनिवार सुबह परीक्षा देने के लिए तैयार हो रही थी। आरोप है कि तभी पड़ोस में ही रहने वाले आरोपित परिवार के दर्जन भर सदस्य उसके पीछे पड़ गये, इस पर बचने की कोशिश में वह चौथी मंजिल पर चली गयी, आरोपित लाठी-डंडों के साथ उसके पीछे भागे और आरोप है कि उसे चौथी मंजिल से नीचे धकेल दिया, अथवा भय से वह नीचे जमीन पर आ गिरी। घटना में वह बुरी तरह से घायल हो गयी। परिजन उसे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय उपचार के लिए लाये। उसके मुंह से भी खून निकल रहा था। यहां प्राथमिक उपचार के उपरांत चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया। अलबत्ता पुलिस के अनुसार छात्रा की हालत खतरे से बाहर है। उसके पैर में फ्रेक्चर है।

घटना के अनुसार नगर के समीपवर्ती दुर्गापुर में प्रशासन के द्वारा जेएलएनयूआरएम योजना के तहत बनी कॉलोनी में शानिवार सुबह लगभग 9 बजे रिंकी (16) पुत्री प्रेम चंद्र सागर मुख्यालय के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर में 10 वीं की परीक्षा देने के लिए तैयार हो रही थी। तभी एक दिन पूर्व भी हुआ और पुलिस तक भी पहुंचा आपसी विवाद का मामला तूल पकड़ गया, फलस्वरूप दो भाई व दो बहनों में दूसरे नंबर की रिंकी चौथी मंजिल से जमीन पर आ गिरी।
इधर जिला चिकित्सालय में उसके परिजनों, मां शशि, बहन अंजलि आदि ने बताया कि लगभग 10 माह पूर्व पड़ोस में रहने वाला फुंतरी नाम का 19-20 की उम्र का युवक रिंकी का अपहरण कर ले गया था, जिस पर उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद से यह परिवार उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाते हुए लड़ता रहता था। एक दिन पूर्व भी विवाद होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की थी, जिसके बाद शनिवार को यह घटना हो गयी। आरोप लगाया कि रिंकी के चौथी मंजिल से जान से मारने की नीयत से गिराने वालों में स्वयं फंुतरी, हेम, सुरेश, पूजा, गुड्डी, मल्ला, मोती, पिंकी, कालू सहित एक दर्जन से अधिक लोग शामिल थे। घटना के बाद पीड़ित पक्ष के लोग हल्द्वानी चले गए। इधर मौके पर पहुंचे एएसपी हरीश चंद्र सती ने उनकी शिकायत सुनने के बाद तल्लीताल थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए, अलबत्ता थाना प्रभारी प्रमोद पाठक ने बताया कि परिजनों के हल्द्वानी उपचार के लिए होने के कारण अभी तहरीर नहीं दी गयी है। कार्रवाई की जाएगी।

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मृतक इंजिनियर

नैनीताल। उड़ीसा में एक आरओ कंपनी में में इंजीनियर के रूप में कार्यरत नगर के मल्लीताल चीना बाबा मंदिर के पास के निवासी रितेश कुमार (32) की बृहस्पतिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। कोतवाली पुलिस के अनुसार कि मृतक इंजीनियर की शादी होनी थी। इसलिए वह करीब एक माह पूर्व घर आया हुआ था। सुबह आठ बजे तक वह बिस्तर से नहीं उठा तो पिता वीरेंद्र को शक हुआ। वह बिस्तर पर अचेत पड़ा हुआ था। इस पर परिजन उसे तत्काल बीडी पांडे जिला अस्पताल ले आए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंजीनियर की मौत के कारणों का शुरुआती पता नहीं चल पाया है, अलबत्ता दिल के दौरे को भी कारण माना जा रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मृतक की पिथौरागढ़ में नर्स के रूप में कार्यरत है। 

अवैध संबंधों के शक ने ली युवक की जान

  • नैनी झील से बरामद हुआ अवैध संबंधों का शक जताने वाले युवक का शव
  • गाइड, नाव चालक व टैक्सी चालक के रूप में परिवार का गुजारा करता था युवक

    मृतक श्याम लाल

नैनीताल, 6 मार्च 2018। शक या वहम  एक बुरा रोग  है। अगर यह किसी को हो गया तो इसका इलाज हकीम लुकमान के पास भी नहीं है।  यह व्यक्ति को विवेकहीन बना देता है। इसी शक ने सोमवार को नैनीताल के एक मेहनती युवक की जान ले ली।

मंगलवार अपराह्न नैनी झील से उसका शव कांटा डालकर बरामद किया गया। उल्लेखनीय है कि मृतक सोमवार को नैनी झील के किनारे एक पत्र छोड़कर गायब हुआ था, जिसमें अपनी पत्नी एवं मकान मालिक के बीच अवैध संबंधों का शक जताया गया था, और उनके द्वारा अपनी हत्या किये जाने का शक जताया गया था। मृतक गाइड, नाव चालक व टैक्सी चालक के रूप में कार्य कर परिवार का गुजारा करता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक श्याम लाल (40) पुत्र दुर्गा राम मूल निवासी ग्राम लाधौली जिला अल्मोड़ा नगर में चिड़ियाघर रोड पर पार्वती इन होटल के पीछे किराये के घर में पत्नी गंगा देवी व तीन बच्चों सागर (13), सोनू (11) व कोमल (9) के साथ रहता था।

शव मिलने के बाद रोते-बिलखते परिजन।

सोमवार सुबह वह अपनी सबसे छोटी बेटी कोमल को नगर पालिका नर्सरी स्कूल में पढ़ने के लिए छोड़कर गया, जिसके बाद नैनी झील किनारे कैनेडी गार्डन के बोट स्टेंड के पास उसके जूते व एक पत्र प्राप्त हुआ था। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इधर मंगलवार अपराह्न करीब ढाई बजे तलाश के दौरान उसका शव पुलिस के कांटे में फंस कर बाहर आ गया। शव को बाहर निकालने में जल पुलिस के सुमित कुमार तथा तल्लीताल थाने के शिवराज राणा, रवींदर व मनोज नयाल के साथ ही स्थानीय नौका चालकों की उल्लेखनीय भूमिका रही। शव मिलने के बाद बहन गंगा देवी, पत्नी गंगा और बच्चों को रोते-रोते बुरा हाल था, जबकि मौके पर तमाशबीनों की भीड़ लग गयी। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भिजवाया, जबकि मृतक के चचेरे भाई पंकज ने पुलिस को तहरीर सोंपकर उसके पत्र के आधार पर मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। तल्लीताल थाना प्रभारी प्रमोद पाठक ने कहा कि मामले की पूरी जांच की जाएगी, और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

पत्नी वियोग में जलती आग में कूदा प्रतिष्ठित परिवार का युवक

-बीते वर्ष ही हुआ था विवाह, विवाह के कुछ ही दिनों साथ रहकर पत्नी चले गयी थी मायके
नैनीताल, 3 मार्च 2018। नगर के प्रतिष्ठित परिवार का युवक बीती रात्रि घर में लगी आग में जलकर जिंदा भुन गया। युवक का विवाह बीते वर्ष ही 28 अप्रैल 2017 को हुआ था, और विवाह के बाद कुछ ही दिन साथ रहने के बाद उसकी पत्नी मायके चली गयी थी। बताया गया है कि तभी से वह गहरे अवसाद में था।

घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार रात्रि करीब 12 बजे नगर के शेरवानी लॉज क्षेत्र में अज्ञात कारणों से जबर्दस्त आग लग गयी। घर में नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी विद्या भास्कर पत्नी स्वर्गीय मदन लाल भास्कर (पूर्व सहायक शिक्षाधिकारी) अपने पुत्र पंकज कुमार (37) के साथ रहती थीं। आग लगने के बाद दोनों घर से बाहर निकल आए, और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास हुआ। आग न बुझने व विकराल रूप लेने पर करीब एक बजे आग की सूचना अग्निशमन विभाग को एवं कालाढुंगी रोड पर रहने वाली वाणिज्य कर विभाग में उपायुक्त के पद पर कार्यरत बेटी एवं नैनीताल जिले के मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र व दूसरे बेटे गदरपुर (ऊधमसिंह नगर) में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत विमल कुमार आदि को दी गयी, तथा वे करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचे। इस बीच आग को अन्य सटे हुए घरों में फैलने से बचाने के लिए टिन की छत को तोड़ने व खास कर घर के भीतर मौजूद गैस सिलेंडरों को बाहर निकालने, के काम में व्यस्त लोगों के बीच से पंकज किसी समय धधकती आग से घिरे घर के भीतर चला गया, और किसी तरह चीखा-चिल्लाया भी नहीं। स्थिति यह रही कि आग के करीब-करीब बुझने के बाद सुबह चार-साढ़े चार बजे उसके धधकते घर के भीतर होने का पता चला। तब तक वह बुरी तरह से भुन चुका था। सुबह करीब सात बजे उसके शव को घर से बाहर लाया जा सका। वहीं करीब 12-13 वर्ष पूर्व घर की दूसरी मंजिल कमोबेश भष्म हो चुकी है। आग बुझाने में अग्निशमन विभाग व एसडीआरएफ के जवानों के साथ ही क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र बिष्ट, पप्पू भट्ट, राम सिंह रौतेला, हरीश जोशी, गोपाल मेहरा, प्रताप बिष्ट आदि ने उल्लेखनीय योगदान दिया। घर में सुबह नौ बजे भी आग की लपटें उठती देखी गयीं। वाहनों के लिए तीक्ष्ण चढ़ाई का मार्ग होने की वजह से अग्निशमन विभाग के वाहन चढ़ने में दिक्कत आई, जबकि पेयजल की हो रही कटौती के कारण पानी भी उपलब्ध नहीं हुआ। आसपास के लोगों ने अपनी पानी की टंकियां खाली कर आग बुझाने में योगदान दिया।

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मंगलवार को होने वाले अधिकांश अग्निकांडों में खाक हुए हैं कई विरासत महत्व के भवन

नैनीताल। इसे दुर्योग कहें या कुछ और, नैनीताल के ऐतिहासिक भवनों और आग का मानो चोली दामन का साथ है, वहीं यह भी अजब संयोग है कि यहां आग की अमंगलकारी घटनाएं अक्सर मंगलवार को होती हैं। उस मंगलवार को, जिसे धार्मिक दृष्टिकोण से पंचतत्वों में अग्नि से जोड़ा जाता है। नैनीताल नगर का नाम ‘न” वर्ण से शुरू होने के नाते इस नगर की राशि बृश्चिक है, जिसका स्वामी मंगल होता है। मंगल ग्रह को लाल ग्रह, भूमि पुत्र व अंगारक भी कहा जाता है, लिहाजा मंगल का अग्नि से सीधा संबंध बताया जाता है। नैनीताल में मंगल और आग के बीच का यह संबंध अनेक एतिहासिक भवनों में हुए भीषण अग्निकांडों के रूप में दिखाई देता है। नैनीताल जिला कलक्ट्रेट 5 अक्टूबर 2010 एवं राजभवन में 2 अप्रेल 2013 के अग्निकांड मंगलवार को ही हुए थे। गौरतलब है कि मंगल को लाल ग्रह भी कहा जाता है, तथा अग्नि से उसका सीधा संबंध बताया जाता है। 5 अक्टूबर 2010 जिला कलक्ट्रेट को भीषण अग्निकांड का शिकार होना पड़ा था, उस दिन भी मंगल ही था।
इसके अलावा भी नगर में अग्नि दुर्घटनाएं होती रहती हैं। 1960 के दशक में जिम कार्बेट का कैलाश व्यू (हाडी-भांडी), शेरवुड के निकट क्लिफ्टन, 70 के दशक में तत्कालीन सेक्रेटरिएट (वर्तमान हाईकोर्ट), 27 नवंबर 1977 को नैनीताल क्लब, 1992 में डीएसबी परिसर का भौतिक विज्ञान विभाग, 2003 में राजभवन के एक हिस्से, 14 सितंबर 2013 को नयना देवी मंदिर के पास गोवर्धन संकीर्तन हॉल एवं 26 अक्टूबर 2013 की मध्य रात्रि नगर स्थित राजा महमूदाबाद अमीर मोहम्मद खान की प्रशासन के कब्जे वाली अरबों रुपए की ‘शत्रु संपत्ति”-मेट्रोपोल होटल का बॉइलर रूम व बैडमिंटन कोर्ट तथा 14 कमरों वाला हिस्सा पूरी तरह खाक हो गया था। इसके अलावा अयारपाटा का प्रायरी लॉज, हटन कॉटेज व वियना लॉज (धामपुर हाउस) में भी भीषण अग्निकांड हुए। 

केएमवीएन मुख्यालय में भीषण अग्निकांड

29 अक्टूबर 2015 को हुए भीषण अग्निकांड के बाद कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय

-गैस, मार्केटिंग, खनन व कम्प्यूटर रूम आदि युक्त ऊपरी मंजिल पूरी तरह खाक, कर्मचारी निचली मंजिल से आग के बीच घुसकर दस्तावेजों को बाहर लाने में रहे सफल
नैनीताल, 29 अक्टूबर 2015। बृहस्पतिवार सुबह तड़के नैनीताल स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम को अंग्रेजी दौर के बने विरासत महत्व के ओक पार्क स्थित ओक लॉज भवन कहे जाने वाले मुख्यालय में भीषण अग्निकांड हो गया। अग्निकांड में मुख्यालय की दूसरी मंजिल पूरी तरह से खाक हो गई, जबकि निचली मंजिल से हालांकि काफी उपयोगी सामग्री कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर सक्रियता व तेजी बरतते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन वह भी उपयोगी नहीं बची है। ऊपरी मंजिल में स्थित निगम के सर्वाधिक आय व लाभ प्रदान करने वाली एकमात्र इकाई गैस का पूरा डिवीजन खाक हो गया है, इसी तरह निगम के एमडी, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा कार्मिक अधिकारी आदि के कार्यालय, मार्केटिंग से संबंधित खनन, जड़ी-बूटी, एफएल-2, कंपनी सेक्रेटरी कार्यालय व कम्प्यूटर कक्ष आदि भी पूरी तरह से खाक हो गए हैं।

कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय अग्निकांड से पहले

कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय अग्निकांड से पहले

नवंबर 95 से यहां संचालित था निगम मुख्यालय

नैनीताल। 1976 में स्थापित केएमवीएन का मुख्यालय पूर्व में वर्तमान हाईकोर्ट व तत्कालीन सेक्रेटरिएट में संचालित था। बताया जाता है कि उत्तराखंड बनने की संभावनाओं और सेक्रेटरिएट में नए राज्य का सेक्रेटरिएट या हाईकोर्ट संचालित किए जाने की संभावनाओं के बीच इसे वहां से हटाकर राज्य संपत्ति विभाग व लोनिवि की संपत्ति रहे ओक पार्क स्थित ओक लॉज हाउस में नवंबर 1995 से इसे संचालित किया जाने लगा। इधर वर्ष 2010में यह भवन निगम को हस्तांतरित हुआ था। इससे पूर्व 1935 में देश में ब्रिटिश राज में अंतरिम सरकार बनने के दौरान भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी इस घर में रहे थे।

सूखाताल टीआरएच से चलेगा निगम मुख्यालय
नैनीताल। ओक पार्क स्थित कार्यालय बृहस्पतिवार सुबह अग्निकांड में खाक होने के बाद इसके प्रतिस्थापन का खाका भी खींच लिया गया है। निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने कहा कि शीघ्र ही मुख्यालय को सूखाताल स्थित पर्यटक आवास गृह से संचालित किया जाएगा। यहां हाल में डांडी हाउस के टूटने के बाद से संचालित हो रहे केंद्रीय रिजर्वेशन सेंटर के साथ ही निचले तल में मुख्यालय के अलग-अलग खंड चलाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर केवर्न रेस्टारेंट के कुछ हिस्से का उपयोग भी किया जा सकता है। इसके अलावा वर्तमान मुख्यालय को फिर से पुराने स्वरूप में ही पुर्नस्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्थानांतरित होने से निगम अपने दायित्वों पर प्रभाव नहीं पड़ने देगा, ऐसी कोशिश की जाएगी। कर्मचारियों के सर्विस बुक तरह के प्रपत्र कमोबेश सुरक्षित हैं, इसलिए उन्हें भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। अलबत्ता, उनकी एक वर्ष के भीतर निगम के सभी टीआरएच को आधुनिक करने की मुहिम पर हल्का प्रभाव पड़ सकता है।

कागजों पर गायब हुआ केएमवीएन, धरातल पर हुआ चालू
नैनीताल। बृहस्पतिवार को भीषण अग्निकांड में कुमाऊं मंडल विकास निगम का मुख्यालय बुरी तरह से क्षतिग्रस्त ही नहीं हुआ, वरन कागजों पर निगम का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। जी हां, इस दुर्घटना में 1976 में स्थापित निगम के कंपनी रजिस्ट्रार से रजिस्ट्रेशन के उपरांत प्राप्त सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं निगम को एक प्रतिष्ठान-कंपनी के रूप में मान्यता देने वाला फ्रेम कर संभाला गया इनकॉर्पोरेशन प्रमाण पत्र तथा 1976 से अब तक कंपनी एक्ट के तहत बेहद जरूरी वर्ष में चार बार होने वाली बोर्ड बैठकों के ‘मिनट्स’ भी जलकर खाक हो गए हैं। कंपनी सचिव अनिल आर्य ने शुक्रवार को इसकी जानकारी निगम के एमडी धीराज गर्ब्याल को देकर पुलिस में इसकी एफआईआर करा दी है। उनका कहना था कि इन प्रपत्रों की अनुपस्थिति में निगम कागजों में एक कंपनी के रूप में नहीं रह गया है। हालांकि उन्होंने बताया कि इसकी फोटो स्टेट कॉपी ढूंढ ली गई है, जिसके जरिए इसकी दूसरी कॉपी हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। इसी तरह अन्य अनेकों दस्तावेज भी आग की भेंट चढ़ गए हैं।

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