प्रेरणास्पद : मैकेनिक की दुकान में काम कर रहे बच्चे का कराया स्कूल में प्रवेश

1857 में बना सीआरएसटी इंटर कॉलेज

नैनीताल। बात छोटी लग सकती है, परंतु गंभीरता से सोचें तो है बहुत बड़ी। मैकेनिक की दुनिया में कार्य कर रहे एक बच्चे का स्कूल में प्रवेश कराया गया है। बुधवार को नगर के सबसे पुराने 1857 में स्थापित सीआरएसटी यानी चेतराम साह ठुलघरिया इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज पांडे ने एक अनुकरणीय पहल की। सुबह उन्हें कहीं से जानकारी मिली कि एक मेधावी बच्चा परिवार की पढ़ाने योग्य आय न होने की वजह से मैकेनिक की दुकान पर कार्य कर रहा है। इस पर उन्होंने अपने शिक्षक रितेश साह को मैकेनिक की दुकान पर भेजा, और वहां कार्य कर रहे बच्चे फरीद को समझाया। फरीद का कहना था कि वह नगर के मिडिल स्कूल से आठवीं कक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुआ है, किंतु परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि आगे पढ़ सकूं। इस पर उसके पिता अतीक अहमद को स्कूल में बुलाया गया।
नगर के पॉपुलर कंपाउंड निवासी अतीक का कहना था कि उसके पास कोई स्थायी रोजगार नहीं है, और वह मेहनत-मजदूरी करके 5 बच्चों का परिवार चलाता है। बड़े बेटे फरीद को आठवीं पास करने के बाद मजबूरी में काम पर लगाया है। एक बेटा व बेटी छठी कक्षा में पढ़ती हैं। बेटी कक्षा में तीसरे स्थान पर आयी है। एक अन्य बेटी चौथी एवं सबसे छोटा बेटा दूसरी कक्षा में पढ़ता है। इस पर प्रधानाचार्य ने बच्चे के लिए स्वयं के खर्च से स्कूल की वर्दी, कापी-किताब आदि दिलाने तथा फीस में भी छूट दिलाने का आश्वासन देकर उसे आगे स्कूल पढ़ाने के लिए मनाया। समझाया कि अभी मैकेनिक की दुकान पर जितना कमाता है, आगे पढ़-लिखकर उससे कहीं अधिक कमाकर बेटा परिवार का सहारा बनेगा।
उल्लेखनीय है कि अशासकीय विद्यालयों को सरकार से अन्य सरकारी विद्यालयों की तरह रमसा यानी राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती है। फलस्वरूप सीआरएसटी जैसे अन्य आर्थिक स्रोत विहीन निजी विद्यालयों में चॉक, डस्टर आदि के मामूली खर्च भी शिक्षकों अथवा विद्यार्थियों को अपनी जेब से वहन करने पड़ते हैं। ऐसे में सीआरएसटी की यह पहल निश्चित ही अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा लेने वाली है।

घटती छात्र संख्या के मद्देनजर सीआरएसटी के शिक्षक खुद बना रहे छात्रों की वर्दी

नैनीताल। कम फीस के बावजूद मुख्यालय स्थित सरकारी व अर्धशासकीय हिंदी माध्यम के विद्यालयों में विद्यार्थी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में नगर के सबसे पुराने 1857 में स्थापित सीआरएसटी यानी चेतराम साह ठुलघरिया इंटर कॉलेज के शिक्षकों ने छात्रों को विद्यालय में पढ़ने को आकर्षित करने के लिए अलग तरह से प्रयास शुरू किये हैं। इसी कड़ी में विद्यालय के शिक्षक स्वयं के वेतन से धनराशि एकत्र कर गरीब बच्चों के लिए स्कूल वर्दी, जूते, किताबें व यहां तक कि किताबों की जिल्द भी उपलब्ध करा रहे हैं।

हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश शर्मा ने पेश की मानवता की अनूठी व अनुकरणीय मिसाल

-घायल सैनिक को अस्पताल पहुंचाकर अपने सामने प्राथमिक उपचार कराने के बाद हल्द्वानी भी ले गये
-रविवार को अवकाश होने पर निकले थे सैर पर, इस तरह किया अवकाश का सदुपयोग

बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में घायल सैनिक का उपचार करवाते उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायूमूर्ति राजीव शर्मा।

नैनीताल। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्मि राजीव शर्मा ने मानवता की अनूठी व अनुकरणीय मिसाल पेश करते हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 29 वर्षीय युवक को अस्पताल पहुंचाया, और अपने सामने प्राथमिक उपचार करने के बाद उच्च केंद्र हल्द्वानी भी ले गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब करीब साढ़े आठ बजे न्यायमूर्ति शर्मा सुबह की सैर के लिए अपनी निजी कार से किलबरी की ओर गए थे। तभी किलबरी के पास नगर में चल रही एमटीबी माउंटेन बाइकिंग के एक प्रतिभागी-मूलतः रूपनगर पंजाब निवासी एवं वर्तमान में एजुकेशन रेजिमेंट पिथौरागढ़ में हवलदार के पद पर तैनात निर्मल सिंह (29) पुत्र छतर सिंह पंगूठ से नैनीताल की ओर आ रही व सड़क पर खड़ी टैक्सी संख्या यूके01टीए-0772 से टकराकर बुरी तरह से घायल हो गये। न्यायमूर्ति शर्मा ने यह घटना देखी तो तुरंत ही अपनी सैर छोड़कर घायल को अपने साथ बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले कर आये, और यहां सैनिक का प्राथमिक उपचार कराया। चिकित्सकों ने गंभीर दशा को देखते हुए घायल सैनिक को हल्द्वानी के उच्च केंद्र हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज सीटी स्कैन के लिए रेफर किया तो वे उसे हल्द्वानी भी लेकर गये। इस प्रकार न्यायमूर्ति शर्मा ने अपनी रविवार की छुट्टी का उपयोग एक अनुकरणीय मिसाल पेश करके किया।
इस दौरान जिला चिकित्सालय में हाईकोर्ट के चिकित्सालय के एलपी ढोंडियाल, जिला चिकित्सालय की पीएमएस डा. तारा आर्या, डा. मोनिका कांडपाल, डा. एमएस रावत ने घायल सैनिक का उपचार किया, जबकि सीओ विजय थापा, प्रभारी कोतवाल बीसी मासीवाल, एसआई शंकर नयाल आरक्षी विनोद यादव, सोनू सिंह, मनोज जोशी व महेश चंद्र भट्ट आदि भी मौजूद रहे।

साइकिलें आने पर खड़ी थी कार
नैनीताल। मल्लीताल कोतवाली के प्रभारी कोतवाल बीसी मासीवाल ने बताया कि जिस कार से टकराकर दुर्घटना हुई, वह बेड़जूला शहरफाटक निवासी राजेंद्र सिंह नयाल की थी, और इसे उसका रिस्ते का भाई मेहरोड़ा पट्टी निवासी धाम सिंह दानी पुत्र डुंगर सिंह चलाता है। घटना के समय टैक्सी साइकिलों की रेस को देखकर सड़क किनारे खड़ी थी। साइकिलिस्ट सैनिक ही तेज गति की वजह से साइकिल पर नियंत्रण न रख पाने की वजह से उससे टकरा गया था। मामले में अब तक किसी तरह की तहरीर भी प्राप्त नहीं हुई है।

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सोमवार को स्ट्रीट लाइट जलवाने के लिए नगर पालिका के ईओ को निर्देशित करते एडीएम, साथ में शिकायतकर्ता एवं अन्य।

नैनीताल। मुख्यालय स्थित नैनी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य गिरीश सनवाल पिछले एक माह से अपने स्कूल के पास बंद पड़ी स्ट्रीट लाईटों को जलवाने के लिए नगर पालिका नैनीताल से शिकायत कर रहे थे। स्कूल के आस-पास रात के अधेरे मे जनता को बड़ी समस्या हो रही थी। इधर उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री उत्तराखंड के मोबाइल एप पर जन समस्याओं का समाधान बहुत जल्दी होने का समाचार पढ़ने पर इसकी शिकायत की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत प्राप्त होते ही नैनीताल जिला प्रशासन को शिकायत का अतिशीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। सोमवार को एडीएम हरवीर सिंह ने मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर शिकायत की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को साथ लेकर स्वयं 15 घंटे में ही स्ट्रीट लाईट बदलवाई और लाईट को जलवाकर प्रधानाचार्य को चेक भी करवाई। शिकायत कर्ता ने इस त्वरित कार्यवाही से संतुष्ट होकर मुख्यमंत्रीं उत्तराखण्ड त्रिवेन्द्र सिंह रावत और नैनीताल जिले के अधिकारियों को धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ऐसे ही जनपद के गरमपानी कस्बे में सीएम मोबाइल ऐप पर अवैध निर्माण की शिकायत पर भी जिला विकास प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई थी।

एसएसपी ने किया एक गुडवर्क और डीएम ने दुर्घटनाएं रोकने का एक अनूठा फ़ॉर्मूला, नैनीताल पुलिस ने ढूंढे 5.31 लाख रुपए मूल्य के 54 खोये हुए मोबाइल

-उत्तराखंड के साथ ही यूपी व दिल्ली से किये गए बरामद
नैनीताल, 5 अप्रैल 2018। सामान्यतया लोगों के फोन खोते हैं तो लोग नुकसान समझकर भूल जाते हैं। चोरी होने पर भी पुलिस भी गुमशुदगी में दर्ज कर खानापूरी कर लेती है, और फोन के वापस मिलने की तो उम्मीद ही नहीं रहती। लेकिन नैनीताल पुलिस ने खोये हुए फोनों को ढूंढ निकालने में मिसाल कायम की है। बीते करीब छह माह में नैनीताल जनपद में करीब 600 फोनों की गुमशुदगी पुलिस में दर्ज हुई, इसमें से पुलिस ने पूर्व में दो चरणों में 132 फोन ढूंढे थे, जबकि इधर बृहस्पतिवार को तीसरी बार 54 फोन ढूंढने का जिले के पुलिस कप्तान जनमेजय खंडूड़ी ने खुलासा किया। करीब 5.31 लाख रुपए मूल्य के यह फोन अब उनके वास्तविक मालिकों को सोंप दिये जाएंगे।
बृहस्पतिवार को मुख्यालय स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी खंडूड़ी ने बताया कि अक्टूबर में जनपद में ‘लॉस्ट एंड फाइन्ड मोबाइल सेल’ गठित किया था, जिसमें मोबाइल फोन खोने और पाने की ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की जाती हैं। एसओजी प्रभारी दिनेश पंत को इसकी कमान सोंपी गयी है, जो खोए हुए मोबाइलों को सर्विलांस पर लगाकर इनकी ढूंढखोज करते हैं। बताया उत्तराखंड के अलावा दिल्ली और यूपी के बरेली, मुरादाबाद से यह फोन बरामद किये गए हैं। पत्रकार वार्ता में एएसपी हरीश चंद्र सती तथा मोबाइलों की खोज में शामिल रही टीम में शामिल एसओजी प्रभारी दिनेश पंत तथा आरक्षी रणवीर सिंह, अशोक रावत, चंदन सिंह व सुरेंद्र रौतेला भी मौजूद रहे।

पर्वतीय क्षेत्रों में पुराने टायरों से बने पैराफिट रोकेंगे वाहन दुर्घटनाएं, लोग करें मदद

नैनीताल। पर्वतीय क्षेत्रों में सडक सुरक्षा के दृष्टिगत प्रयोग के तौर पर पुराने टायरों के पैराफिट बनाकर लगाये गये, और यह प्रयोग सफल रहा है। इस सफलता से उत्साहित डीएम विनोद कुमार सुमन ने आगे पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनो की सुरक्षा एवं सडक दुर्घटनाओ की रोकथाम हेतु पुराने टायरो के पैराफिट बनाने की बात कही है, और उन्होंने इन पैराफिट के निर्माण हेतु सर्वसाधारण से अपने वाहनो के पुराने दो-तीन, चार पहिया वाहनों के पुराने निष्प्रयोज्य टायर आरटीओ कार्यालय हल्द्वानी व एआरटीओ कार्यालय रामनगर के माध्यम से देकर सहयोग करने की अपील की है। इसके अलावा लोग पैराफिट निर्माण हेतु सीमेंट पिलर, लोहे व जीआई के पाईप एवं एंगल आदि भी उपलब्ध करा सकते है।

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