हिमाकत : तिब्बती शरणार्थी व्यवसाइयों ने की डीएम से भिड़ने की हिमाकत

-दी डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व एडीएम को ट्रांसफर कराने की धमकी

रविवार को दुकान के बाहर अतिक्रमण कर लटकाये गये कपड़े हटाने पर से भिड़ते तिब्बती शरणार्थी का नौकर व महिला।

-कई बार चेतावनी के बावजूद दुकानों से आगे सामान फैलाने पर बिफरे थे डीएम, खुद हटाया सामान, जब्त भी किया
नैनीताल। गत दिवस तक ‘भारत धन्यवाद वर्ष’ के तहत डीएम, एसएसपी आदि अधिकारियों का अभिनंदन कर रहे तिब्बती शरणार्थी रविवार को डीएम विनोद कुमार सुमन से भिड़ गये। उन्होंने डीएम द्वारा दुकानों से बाहर अतिक्रमण किये गये सामान को जब्त किये जाने का न केवल विरोध किया, वरन सामान छीनने और धक्का-मुक्की का भी प्रयास किया।

रविवार को दुकान के बाहर अतिक्रमण कर लटकाये गये कपड़े हटाते डीएम विनोद कुमार सुमन।

हुआ यह कि डीएम विनोद कुमार सुमन रविवार अपराह्न नगर के पंत पार्क के पास चल रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का अवलोकन करने आये हुए थे। इसके बाद वे चलते-चलते पहले गुरुद्वारा और आगे तिब्बती मार्केट तक पहुंच गये। उल्लेखनीय है कि यहां प्रशासन द्वारा अभी हाल में दुकानदारों द्वारा किये गये अतिक्रमण का चिन्हीकरण कर अतिक्रमण हटाने और यहां तक दुकान से आगे 1 फिट तक झांप लगाने की भी अनौपचारिक तौर पर इजाजत दे दी थी, लेकिन रविवार को तिब्बतियों के द्वारा दुकानें इस सीमा के बाद भी आगे बढ़ाई गयी थीं। इसे देखकर डीएम का पारा चढ़ा और वे अधिकारियों के साथ स्वयं भी दुकानों के बाहर लगा सामान हटाने व जब्त करने लगे। इस पर तिब्बती दुकानदारों ने डीएम पद की गरिमा भी न रखते हुए अपने ‘बाल श्रमिकों’ और महिलाओं को आगे कर डीएम के साथ सामान को वापस खींचने और धक्का-मुक्की करने का जोरदार प्रयास और हंगामा किया। डीएम ने कहा कि एक मीटर की झांप दुकान के बाहर लोगों के खड़े होने के लिए है, न कि सामान रखने-लटकाने के लिए। इस दौरान महिला पुलिस उपलब्ध नहीं थी, इसलिए डीएम को मौके से बिना कार्रवाई पूरी किये लौटना पड़ा। इस दौरान एडीएम हरबीर सिंह व बीएल फिरमाल, एएसपी हरीश चंद्र सती व पालिका ईओ रोहिताश शर्मा आदि भी मौजूद रहे।

डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व एडीएम को ट्रांसफर कराने की धमकी

नैनीताल। डीएम के हंगामे के बाद राजनीति भी हावी होती नजर आई। पिछले दिनों अपने विरोध से नगर में लघु फड़ व्यवसायियों की दुकानों को अतिक्रमण बताकर दुकानें न लगाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने वाले व्यापारी व व अन्य तिब्बती शरणार्थी दुकानदारों के अतिक्रमण के समर्थन में आ खड़े हुए, और एडीएम हरबीर सिंह की मौजूदगी में जमकर हंगामा किया। वे डीएम के बचाव में प्रमुख भूमिका निभाने वाले अग्निशमन अधिकारी के माफी मांगने की मांग भी करने लगे। एडीएम हरबीर सिंह ने बताया कि एक कांग्रेसी नेता ने डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व उनका (एडीएम का) ट्रांसफर कराने की भी धमकी दी। कहा कि हल्द्वानी जैसी कार्यशैली नहीं चलेगी। इस पर साफ तौर पर बता दिया गया कि व्यापारियों को पूर्व में ही दुकानों के बाहर के एंगल काटकर उनकी ‘हद’ बता दी गयी थी। देहरादून में भी यही कार्यशैली रही है। ट्रांसफर के लिए तैयार हैं। वहीं डीएम श्री सुमन ने कहा कि अतिक्रमण किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने को कह दिया गया है। यदि इसके बावजूद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो नियमानुसार हर कार्रवाई की जाएगी।

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  • अपराह्न तीन बजे से बाजार बंद किए, दूसरे दिन भी बाजार बंद रखकर सुबह 10 बजे मल्लीताल रामलीला मैदान में एकत्र होकर हाईकोर्ट कूच करने का किया ऐलान
  • हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर के मल्लीताल गुरुद्वारे से पंत पार्क तक के प्रतिबंधित क्षेत्र में फड़ लगने को लेकर जताया गया विरोध
घेराव के दौरान पालिका ईओ रोहिताश शर्मा की ओर अंगुली उठाकर बात करता व्यापारी।

नैनीताल। गत दिनों से नगर के व्यवसायियों की प्रशासन के आदेशों के खिलाफ चल रही नाराजगी, नए वर्ष की पूर्व संध्या (31 दिसंबर 2017) पर नैनीताल नागरिक मंच के बैनर तले जनाक्रोश रैली की कड़ी में बुधवार को व्यापार मंडल मल्लीताल व तल्लीताल की नाराजगी नगर पालिका के विरोध-प्रदर्शन के रूप में सामने आई। और आगे कमोबेश पूरे दिन नगर पालिका के सामने चले विरोध-प्रदर्शन के आखिर में मामला 3 जनवरी 2018 को अपराह्न तीन बजे से नगर की बाजारों को बंद करने और 4 जनवरी को सुबह 10 बजे मल्लीताल रामलीला मैदान में एकत्र होकर उच्च न्यायालय का कूच करने का ऐलान किया गया। आंदोलन की अगुवाई कर रहे मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह नेगी व तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन लाल साह ने कहा कि प्रशासन उच्च न्यायालय के अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत केवल उन्हें निशाना बना रहा है, और उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद फड़ वालों को नहीं हटा रहा है। इसलिए उच्च न्यायालय के कूच का निर्णय लिया गया है। उन्होंने पूछे जाने पर आज के आंदोलन का पूर्व के आंदोलनों से संबंध न होने का दावा भी किया।

इससे पूर्व बुधवार (3 जनवरी 2018) सुबह करीब 11 बजे ही नगर के व्यापारी नगर पालिका कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए धमक आए। इस दौरान उन्होंने पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को ज्ञापन सोंपा, और पहले उनका करीब एक घंटे, और बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला एएसपी हरीश चंद्र सती आदि का भी काफी देर घेराव किया। ज्ञापन में उनका कहना था कि वह कई वर्षों से और इधर नैनीताल क्लब में हुई बैठक में भी अवैध अतिक्रमणकारी फड़ वालों को हटाने की मांग प्रशासन के साथ कोर्ट कमिश्नर को भी कह चुके हैं। लेकिन इस पर कार्रवाई करने की जगह उल्टे प्रशासन द्वारा व्यवसायियों को रोड से सामान हटाने के लिए भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी जा रही है।
इसके बाद ईओ ने पुलिस बल की मौजूदगी में फड़ हटाने निकले, जहां फड़ वालों ने उन पर व्यापारियों के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुए विरोध किया, और आगे स्वयं फड़ हटाने की बात कही। वहीं बाद में अपराह्न तीन बजे के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला एएसपी हरीश चंद्र सती आदि के साथ व्यापारियों से वार्ता करने पहुंचे, लेकिन व्यापारियों ने प्रशासन पर दबाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुए वार्ता नहीं की, और घेराव कर दिया। समाचार लिखे जाने तक व्यापारी कल बाजार बंद व हाई कोर्ट कूच करने के लिए बाजार में लाउड स्पीकर से घोषणा कर रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में व्यापारी नेता कमलेश ढोंडियाल, सोनू बिष्ट, विवेक साह, जीत सिंह आनंद, त्रिभुवन फर्त्याल, विक्की वर्मा, आनंद खम्पा, दिग्विजय बिष्ट, कुंदन बिष्ट सहित अनेक व्यापारी शामिल रहे।

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