शायद इतिहास में पहली बार यहाँ ‘शोक सभा’ को लेकर हुई हड़ताल

-बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर ‘आहत’ हो लौटे कार्य पर
-विवि प्रशासन पर पहली बार ‘एस्मा’ लगाने और उच्च न्यायालय में सुनियोजित तरीके से जनहित याचिका दायर करवाने का लगाया आरोप
नैनीताल। देश-दुनिया में हड़तालें अनेकानेक कारणों से होती रहती है, किन्तु संभवतया इतिहास में पहली बार ‘शोक सभा’ को लेकर कर्मचारियों ने कहीं हड़ताल की है। कुमाऊं विवि के डीएसबी व भीमताल तथा अल्मोड़ा परिसरों के कर्मचारी शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के बैनर तले विवि प्रशासनिक भवन, शुक्रवार को गत दिवस ‘शोक सभा’ को लेकर विवि प्रशासन से हुए विवाद के बाद छह सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। लेकिन दिन में ही इस मामले में उच्च न्यायालय में दायर हुई एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय की ओर से कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने और विवि प्रशासन से कर्मचारियों की मांगों पर 16 तक कार्रवाई करने के आदेश देते हुए अगली सुनवाई की तिथि 16 तक घोषित की गयी। इसके बाद कर्मचारी हड़ताल से वापस आ गए, अलबत्ता उन्होंने विवि प्रशासन पर विवि के इतिहास में पहली बार कर्मचारी आंदोलन के विरुद्ध ‘नो वर्क-नो पे’ व एस्मा लगाने तथा ‘सुनियोजित तरीके से उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करवाने’ के आरोप लगाते हुए स्वयं को बेहद ‘आहत’ बताया।
बताया गया है कि विवि में कर्मचारियों व उनके परिजनों की मृत्यु पर आयोजित होने वाली शोक सभा को लेकर बीते कुछ समय से विवाद की स्थिति बन गयी थी। विवि प्रशासन का आरोप था कि किसी कर्मचारी के रिश्तेदारों व माता-पिता की मृत्यु होने पर भी सुबह 11 बजे ही शोक सभा आयोजित करते थे, और इसके बाद अवकाश हो जाता था। इससे विवि के काम-काज प्रभावित हो जाते थे। संघ के अध्यक्ष दीपक बिष्ट ने बताया कि कुलपति से इस विषय पर उनकी वार्ता हुई थी, और कर्मचारी भी रिश्तेदारों व परिजनों की मृत्यु होने पर शोक सभा कर छुट्टी न करने को राजी हो गए थे। अलबत्ता किसी कार्यरत कर्मचारी की मृत्यु होने पर कुलपति ने सुबह 11 बजे ही शोक सभा करने की बात कही थी, जबकि कुलपति ने 11 की बजाय शाम चार बजे शोक सभा आयोजित करने को कहा। गत दिवस यह विवाद तब और अधिक बढ़ा जब इस भावनात्मक विषय को विवि की कार्य समिति की बैठक में रखकर कार्यरत कर्मचारियों की मृत्यु पर शाम साढ़े तीन बजे शोक सभा कराने का नियम पारित कर दिया गया। इससे कर्मचारी आक्रोशित हो गये। इधर शुक्रवार को कर्मचारी इसके साथ ही अपनी पूर्व से चली आ रही अन्य 5 मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए, अलबत्ता जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय के फैसले के बाद उन्हें हड़ताल स्थगित करनी पड़ गयी। हड़ताल के दौरान प्रदर्शन में मुख्य रूप से दीपक बिष्ट के साथ ही लोकेश शर्मा, पार्वती आर्या, नवल किशोर, हर सिंह ढैला, संजीत राम, जितेंद्र प्रसाद, नवीन जोशी, राजेंद्र प्रसाद, चंद्रशेखर भट्ट आदि कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. डी.के. नौड़ियाल

वहीं, कुलपति प्रो. डी.के. नौड़ियाल ने कहा कि कर्मचारी सुबह 11 बजे शोक सभा करें, इस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं, बल्कि शोक सभा के बाद छुट्टी करने पर आपत्ति है। छुट्टी करने से दूर दराज से आने वाले विद्यार्थियों को दिक्कत आती है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को 23 रिक्त पदों पर अधीनस्थ चयन आयोग से नियमानुसार नियुक्तियां करने के निर्णय पर भी आपत्ति है। वे अपनी और से मनमाने तरीके से नियुक्तियां करने का दबाव बना रहे हैं, इसे भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

 

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने फिर लांघी सीमाएं, गेट फांदकर किया कुमाऊं विवि में हंगामा

मंगलवार को पुलिस से भिड़कर गेट फांदकर विवि प्रशासनिक भवन के भीतर प्रवेश करते एनएसयूआई कार्यकर्ता।

-गेट फांदकर और पुलिस के घेरे तोड़कर किया अंदर प्रवेश
-विवि प्रशासन परीक्षाओं की समय सारणी में बदलाव न करने पर अड़ी
नैनीताल, 13 मार्च 2018। गत दिवस के हंगामे व तोड़फोड़ के बाद मुकदमे झेलने के बाद एक बार फिर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कुमाऊं विवि में फिर सीमाएं लांघ कर हंगामा किया। कार्यकर्ता विवि के मुख्य बाहरी फांदकर और पुलिस के घेरे तोड़कर जबरन विवि प्रशासनिक भवन में घुसे और जमकर हंगामा किया, तथा कुलपति एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। आखिर पुलिस ने उनकी वार्ता एसडीएम की मौजूदगी में विवि के कुलपति एवं अन्य अधिकारियों से कराई, जहां उन्होंने एनएसयूआई व अभाविप कार्यकर्ताओं के बीच भेदभाव बरतने का आरोप लगाया, और परीक्षाओं की समय सारणी में बदलाव करने के साथ ही लगाये गए मुकदमे हटाने की मांगें कीं। अलबत्ता, विवि प्रशासन समय सारणी में बदलाव न करने की मांग पर अड़ा रहा। मुकदमों के बाबत एक कमेटी बनाकर विचार करने की बात कही गयी। उल्लेखनीय है कि एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की ओर से भी विवि के तीन शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में पुलिस में तहरीर दी गयी है।

विवि प्रशासनिक भवन के भीतर गेट पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को रोकती पुलिस।
मंगलवार को विवि प्रशासनिक भवन में एनएसयूआई कार्यकर्ता एसडीएम व कुलपति के समक्ष अंगुली दिखाकर बात करते एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव सुमित्तर भुल्लर।

मंगलवार पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे के करीब एनएसयूआई के स्थानीय कार्यकर्ता हल्द्वानी निवासी राष्ट्रीय सचिव राष्ट्रीय सचिव सुमित्तर भुल्लर, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सचिन नेगी, सुनील मेहरा, खटीमा छात्र संघ अध्यक्ष नीरज कन्याल, डीएसबी नैनीताल के पूर्व अध्यक्ष दिग्विजय मेहरा आदि के साथ विवि प्रशासनिक भवन पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें बाहरी गेट पर ही रोकने की रणनीति बनाई थी, किंतु जोर-जबर्दस्ती कर वे गेट फांदकर अंदर पहुंच गये। अंदर प्रशासनिक भवन के दो गेटों पर भी उन्हें रोका गया, व पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। आखिर एसडीएम अभिषेक रुहेला की मौजूदगी में कुलपति प्रो. डीके नौडियाल व परीक्षा नियंत्रक प्रो. वाईएस रावत आदि से वार्ता करवाई गयी। वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि अभाविप के कार्यकर्ताओं द्वारा कई बार विवि के अधिकारियों से अभद्र टिप्पणियां करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी, व उनकी मांग पर परीक्षा की तिथियां बदली जाती रही हैं। उन्होंने बढ़ी फीस और ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। साथ ही उनकी कुलपति से तमाम सवालों पर गरमागरम बहस हुई। घंटांे तक वार्ता के बीच हो-हल्ला होता रहा, मगर कुलपति ने परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव व मुकदमे वापसी से इन्कार कर दिया। इस मौके पर एसडीएम अभिषेक रुहेला, सीओ विजय थापा, कोतवाली प्रभारी विपिन पंत सहित भारी मात्रा में पुलिस बल एवं एनएसयूआई के गजेंद्र शाही, शार्दूल नेगी, नितिन जाटव, विशाल भोजक, सुंदर मेहरा, अजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरिता आर्य की अगुवाई में मल्लीताल कोतवाली में ज्ञापन देने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता।

-कांग्रेस पार्टी खुलकर आई एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के समर्थन में
नैनीताल,12 मार्च 2018। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर कुमाऊं विवि प्रशासनिक भवन में गत दिवस कथित तौर पर की गयी तोड़फोड़ के आरोपों में शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने व बलवा करने के आरोपों में मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस पार्टी खुलकर आरोपित छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के समर्थन में आ गयी है। सोमवार को महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता मल्लीताल कोतवाली पहुंचे और मामले में आरोपित अविनाश जाटव व चंदन कुमार की ओर से थाना प्रभारी को तहरीर सोंपी। तहरीर के माध्यम से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दिग्विजय मेहरा, प्रकाश जोशी व गौरव जोशी को मामले में गवाह बनाते हुए विवि के परीक्षा नियंत्रक वाईएस रावत, विधान चौधरी व संजय पंत के खिलाफ बदसलूकी व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया।अलबत्ता, तहरीर में प्रयोग किये गए कथित ‘जाति सूचक शब्दों’ का जिक्र नहीं किया गया है, अलबत्ता कहा गया है कि ‘वे दो शब्द पढ़ के विवि को अपनी बपौती समझते हैं, वे विवि से जाएं, अन्यथा उनका भविष्य खराब कर दिया जाएगा, उन्हें कहीं भी नौकरी नहीं मिलेगी।’ इस मौके पर रईश भाई, गोपाल बिष्ट, त्रिभुवन फर्त्याल के साथ ही नितिन जाटव व अविनाश जाटव आदि कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर भूपेंद्र कोहली, अविनाश जाटव व चंदन कुमार आदि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने डीएसबी परिसर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। अनशन स्थल पर झूठे मुकदमे वापस लो, वी वांट जस्टिस जैसे नारे लिखे पोस्टर लगाये गए थे। अलबत्ता कहा गया कि परीक्षा कार्यक्रम में समय अंतराल बढ़ाने के जिस मुद्दे पर उन्हांेने विवि प्रशासनिक भवन में आंदोलन किया था, वह भी उनकी मांगों में शामिल है।

पूर्व आलेख : एनएसयूआई के 22 नामजद सहित करीब 40 कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज, जानें क्यों और कहाँ ?

डीएसबी परिसर के बाहर गेट पर कुलपति का पुतला दहन करते एनएसयूआई कार्यकर्ता।

– कुमाऊं विवि प्रशासनिक भवन में बीती आठ मार्च को की थी तोड़फोड़
नैनीताल, 10 मार्च 2018। कुमाऊं विवि प्रशासनिक भवन में गत बृहस्पतिवार यानी आठ मार्च को परीक्षा कार्यक्रम आगे न बढ़ाने की मांग पर काफी हंगामा व तोड़फोड़ करने के मामले में मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट, पूर्व उपाध्यक्ष प्रकाश जोशी व हिमांशु जोशी सहित एनएसयूआई के नगर अध्यक्ष नितिन जाटव, अविनाश जाटव व करन दनाई सहित 22 कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद एवं 15-20 अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिये हैं। मुकदमे भारतीय दंड संहिता की धारा 147 व 186 के तहत यानी राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाने व बलवा करने के आरोप में दर्ज किये गऐ हैं। मल्लीताल कोतवाली में उप निरीक्षक पूरन सिंह मर्तोलिया द्वारा मामले की प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उपरोक्त के अलावा शार्दुल नेगी, दीपक दास, राजकमल, सुरेंद्र, गौरव जोशी, चंदन कुमार, कमल राज, अनीश कुमार, सौरभ कुमार विश्वकर्मा, संजय, सुनील, पूरन, राहुल मेहरा, चयनित कुमार, कमल किशोर व करन कुमार के खिलाफ शनिवार को मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। मामले की जांच उप निरीक्षक दीपक बिष्ट को सोंपी गयी है।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने फूंका कुलपति का पुतला
नैनीताल। मुकदमे दर्ज होने की पृष्ठभूमि में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शनिवार को डीएसबी परिसर के गेट के सामने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल का पुतला दहन किया। छात्रों का कहना था कि कुलपति के द्वारा प्रॉक्टर बोर्ड को छात्रों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के संबंध में नोटिस दिया गया है। कहा कि यदि अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है तो परिसर में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी परिसर प्रशासन की होगी। उल्लेखनीय है कि पुतला दहन तक मुकदमे दर्ज नहीं हुए थे। पुतला दहन में नितिन जाटव, करन दनाई, अविनाश जाटव आदि प्रमुख थे।

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