मोदी के सपनों को साकार करने आये सांसदों पर भाजपाइयों ने ही लगाये तफरी, पलीता लगाने के आरोप

जिला अस्पताल में बैठक करते संसदीय समिति के सदस्य सांसद।

नैनीताल। इन दिनों कुमाऊं मंडल के दौरे पर आयी संसद की भाजपा सांसद छेदी पासवान की अध्यक्षता वाली रसायन एवं खाद्य उर्वरक समिति के सदस्यों पर शुक्रवार को मुख्यालय में न केवल आम लोगों वरन भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वप्न सरीखी प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना पर पलीता लगाने और केवल तफरी के लिये यहां आने के आरोप लगाये। हुआ यह कि सुबह साढ़े नौ से शाम तीन बजे तक बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में प्रस्तावित बैठक को केवल आधे-एक घंटे निपटाने के फेर में समिति के सदस्यों ने बैठक में प्राविधान होने के बावजूद योजना के लाभान्वितों-आम लोगों यहां तक कि भाजपा के सदस्यों को भी बोलने का मौका नहीं दिया। यहां तक कि कार्यकर्ताओं को कमोबेश डपट भी दिया। यही नहीं उनके सामने ही बैठक की आयोजक बीपीपीआई के चेयरमैन बताये जा रहे शख्स ने बोलने वालों को बैठक से बाहर निकालने की चेतावनी तक दी। इससे लोग ठगे से रह गये।

जिला अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र का निरीक्षण करते संसदीय समिति के सदस्य सांसद।

हुआ यह कि बैठक में जन औषधि केंद्र संचालक भारतीय रेडक्रॉस समिति के सदस्यों एवं केंद्र से लाभान्वित लोगों को भी आमंत्रित किया गया था। बैठक की शुरुआत करते हुए समिति के अध्यक्ष सांसद छेदी पासवान ने लाभान्वितों से अपने विचार रखने को भी कहा, लेकिन किसी भी आम लाभान्वित को बोलने का मौका नहीं दिया। इस बीच कुछ लोगों ने बोलने का प्रयास किया, इस पर पहले ही समिति के सदस्यों के सवालों से घिर रहे बीपीपीआई के चेयरमैन बताये जा रहे व्यक्ति ने टिप्पणी की कि यह ‘मिनी संसद है, यदि कोई बिना अध्यक्ष की अनुमति के बोलेगा, तो उसे बाहर निकाल दिया जाएगा’। इस पर लोगों में कड़ी नाराजगी देखी गयी। वहीं आगे भाजपा व संघ से जुड़े हरीश राणा, चंद्रशेखर रावत आदि ने अध्यक्ष से अनुमति लेने और बोलने का प्रयास किया, परंतु उन्हें अध्यक्ष ने ही बोलने से रोक दिया। राणा का कहना था कि अस्पताल के कुछ चिकित्सक ही जन औषधि केंद्र की दवाइयों को घटिया बता रहे हैं, जिस कारण सस्ती होने के बावजूद लोग यह दवाइयां नहीं ले रहे हैं।
वहीं कुमाऊं विवि के पूर्व प्राध्यापक प्रो. जीएल साह योजना की तारीफ करने और दवाइयों की पैकिंग में कुछ समस्या बताने पहुंचे थे, लेकिन बोलने का मौका न मिलने पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस उत्कृष्ट योजना को जनभावनाओं की परवाह न करने वाले ऐसे सांसद पलीता लगा देंगे। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि समिति के सदस्य सांसद मोदी विरोधी थे। उनका रवैया बेहद गैर जिम्मेदार और पद की गरिमा के अनुरूप बिल्कुल भी नहीं था। भाजपा की पूर्व दायित्वधारी और रेडक्रॉस समिति की सदस्य शांति मेहरा, कांग्रेस की मुन्नी तिवाड़ी, जिला रेडक्रॉस समिति की उपाध्यक्ष डा. सरस्वती खेतवाल आदि ने भी समिति के जनता की बात न सुनने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, और कार्यक्रम के बाद कई लोगों ने ‘शेम-शेम’ के नारे लगाये। भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज जोशी सहित अन्य लोग भी समिति के रवैये से खासे नाराज दिखे। वहीं जिला अस्पताल की पीएमएस डा. तारा राणा ने सांसदों की समिति के अस्पताल में आने को ऐतिहासिक मौका बताया।

देश के हर राज्य में खुलेंगे स्टोर, हर विकास खंड में जन औषधि केंद्र, हटेंगे बिचौलिये

-मुख्यालय में संसद की रसायन एवं खाद्य उर्वरक समिति ने की प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की समीक्षा
नैनीताल। देश के हर राज्य में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में जेनेरिक औषधियां उपलब्ध कराने के लिए बीपीपीआई यानी ब्यूरो ऑफ फार्मा पीएसयूएस ऑफ इंडिया के स्टोर खोले जाएंगे। इसके साथ ही जन औषधि केंद्रों में बीपीपीआई द्वारा औषधियां उपलब्ध कराने के लिए बीच में अपने स्तर से रखी गयी अन्य कंपनियों-बिचौलियों को हटाया जाएगा। वहीं जिलों में तहसीलों के बाद अब हर विकास खंड में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थापित किये जाएंगे। उत्तराखंड राज्य में दो माह के भीतर जन औषधि केंद्र के आवेदकों को शासन के स्तर से ड्रग लाइसेंस देने और तीन माह के भीतर विकास खंड स्तर पर दुकानें खोलने के संसदीय कमेटी ने आदेश दिये हैं।
शनिवार को मुख्यालय में संसद की भाजपा सांसद छेदी पासवान की अध्यक्षता वाली रसायन एवं खाद्य उर्वरक समिति ने बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिये। इस दौरान समिति ने जन औषधि केंद्र के संचालक, जिला रेडक्रॉस समिति के महासचिव आरएन प्रजापति एवं केंद्र के कर्मियों से जानकारी तथा सेवाओं को और बेहतर करने के लिए सुझाव लिये। उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्थित केंद्र में केवल 312 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध हैं, और पिछले छह माह में केवल 4.12 लाख की ही दवाइयां बिकी हैं। इस पर समिति ने नाराजगी व्यक्त करते हुए श्री पासवान एवं कमेटी के सदस्य सांसदों ने जन औषधि परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समाज के गरीबों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने का स्वप्न बताते हुए इन केंद्रों में सस्ती दवाइयां उपलब्ध होने का व्यापक प्रचार-प्रसार दवाइयों की कीमतों में अंतर को प्रदर्षित करते हुए करने एवं अनुमन्य 700 से अधिक दवाइयों में से अधिकाधिक दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश बीपीपीआई को दिये। साथ ही शासन के स्तर पर पिछले 6 माह से 536 नये केंद्र खोलने के आवेदन अटके होने पर भी सांसदों ने नाराजगी जताई और अगले 2 माह में सभी मामले निपटाने को कहा। इस मौके पर कमला देवी पाटिल, जॉर्ज बेकर, सीता राम नाइक, विजय पाल सिंह तोमर, डा. कुलमाणी, राजेंदरन आदि समिति के सदस्य सांसद मौजूद रहे।

दवा खत्म होने से पहले खरीददारों को औषधि केंद्र से जायेगा फोन

नैनीताल। सांसदों की समिति ने जन औषधि केंद्र संचालकों-कर्मियों से दवा लेने वाले सभी खरीददारों तथा उन्हें संदर्भित करने वाले चिकित्सकों के नाम व फोन नंबर भी लेने और कम्प्यूटर के सिस्टम में रखने तथा संबंधित खरीददार के पास दवाइयां खत्म होने पर उन्हें केंद्र से फोन कर दवाइयां लेने के लिए याद दिलाने को कहा। कहा कि इससे केंद्रों के प्रति लोगों का जुड़ाव बढ़ेगा।

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