प्यार में कुछ भी : निकली थी परीक्षा देने, पहुंच गयी यूपी के कासगंज, और शादी भी कर ली!

प्रतीकात्मक चित्र (साभार गूगल)

नैनीताल, 17 जुलाई 2018। प्यार के बुखार में युवक क्या, युवतियां भी कुछ भी करने से नहीं हिचक रही हैं। नगर के तल्लीताल थाना क्षेत्र से गत दिवस स्नातक की परीक्षा देने के लिए निकली छात्रा के उत्तर प्रदेश के कासगंज में होने और उसके द्वारा शादी भी कर लेने की जानकारी मिल रही है। उल्लेखनीय है कि नगर के तल्लीताल थाना क्षेत्र की रहने वाली एक स्नातक स्तर की छात्रा तीन दिन पहले घर से परीक्षा देने के बहाने निकली थी, लेकिन घर वापस नहीं लौटी। जब उसका रिश्तेदार और दोस्तों में कहीं कुछ पता नहीं चला तो परिजनों ने तल्लीताल थाने में सूचना दी। इस पर पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कर रखी है। इसके बाद से पुलिस छात्रा की तलाश कर रही है। इधर बताया गया है कि पुलिस के पास कासगंज से एक मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग पहुंची है, जिसमें वह अपनी मर्जी से घर से जाने और शादी कर लेने की बात कह रही है। बताया गया है कि यह रिकॉर्डिंग कासगंज के उस युवक के रिश्तेदार ने पुलिस को भेजी है, जिसके साथ छात्रा द्वारा शादी कर लिये जाने की जानकारी आ रही है। एसओ तल्लीताल राहुल राठी ने बताया कि तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। अलबत्ता छात्रा के जल्द बरामद होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि पहले इस छात्रा के नैनीताल के ही एक युवक से प्रेम संबंध होने की बात प्रकाश में आ रही थी, किंतु पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

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-प्रेमी के साथ थाने पहुंची तीन जुलाई से लापता शिक्षिका, परिजनों ने दर्ज कराई थी अपहरण की रिपोर्ट, दो अलग धर्मों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने बरती खास सतर्कता 

नैनीताल, 13 जुलाई 2018। बीती तीन जुलाई से अपहृत बताई जा रही 21 वर्षीया शिक्षिका शुक्रवार सुबह अपने 18 वर्षीय प्रेमी के साथ खुद तल्लीताल थाने पहुंच गई। उसने परिजनों की ओर से दर्ज करवाए गए अपहरण के मुकदमे को खारिज करते हुए अपनी इच्छा से प्रेमी के साथ जाने की बात कही। यह भी बताया की वह पहले अकेले ही खुद दिल्ली गयी थी, और दो दिन के बाद अपने प्रेमी को उसने ही दिल्ली बुलाया। पुलिस ने शिक्षिका की बात सुनने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में भी शिक्षिका ने पुलिस के सामने हुए बयानों का समर्थन किया। इसके बाद वह अपने प्रेमी के साथ चली गई। दो अलग धर्मों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने मामले में खास सतर्कता बरती। बताया गया है कि दोनों साथ में संगीत सीखते थे।
उल्लेखनीय है कि बीती तीन जुलाई को नगर के एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाली युवती अचानक घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने तल्लीताल थाने में हरिनगर तल्लीताल निवासी अमन सहदेव तथा नकुल सहदेव और काठबांस तल्लीताल निवासी अरविंद कुमार के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इधर पुलिस युवती को बरामद करने का प्रयास कर रही थी कि इसी बीच शुक्रवार सुबह युवती खुद ही प्रेमी अमन सहदेव के साथ थाने पहुंच गई। युवती ने परिजनों की ओर से दर्ज करवाए गए मुकदमे को गलत बताते हुए कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी। वह बालिग है और उसे अपनी मर्जी से जीवन जीने का अधिकार है। इसके बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर युवती के बयान कोर्ट में करवाए। युवती ने कोर्ट में भी पुलिस के सामने हुए बयान दोहराए। इसके बाद कोर्ट ने युवती के बालिग होने की बात कहते हुए उसे स्वतंत्र छोड़ दिया। एसओ तल्लीताल राहुल राठी ने बताया कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं। युवती ने परिजनों के लिखाए मुकदमे का समर्थन नहीं किया है। ऐसे में मुकदमा बलहीन साबित हुआ। विवेचक मनोज सिंह नयाल ने बताया कि बाद में युवती अपने परिजनों के साथ चली गई है।

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-‘ड्राईवर’ है बेटा, पीड़िता है बीटेक की छात्रा
नैनीताल। अपने पहले से शादीशुदा ‘ड्राईवर’ बेटे से जबरन हिन्दू धर्म की बीटेक की छात्रा से निकाह पढ़वाने का झूठा दावा करने वाली कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारी रही चर्चित नेत्री महक खान की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गयी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया है। उल्लेखनीय है कि यह मामला देश की शीर्ष अदालत-सर्वोच्च न्यायालय तक भी गया, जहां पीड़ित युवती ने अपने साथ जबर्दस्ती किये जाने की पुष्टि की, जिसके बाद उसे सर्वोच्च न्यायालय ने माता-पिता के संग भेज दिया था।
जिला एवं सत्र न्यायालय में महक खान की जमानत याचिका का जिला शासकीय अधिवक्ता ने विरोध करते हुए पीड़िता के भाई द्वारा मामले में दी गयी तहरीर का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपित महिला व उसके पुत्र ने पूर्व में भी उसकी बहन (पीड़िता) से गलत हरकत की थी, और इस पर काठगोदाम थाने में माफीनामा दिया था। वे उसकी बहन को अगुवा कर विजय नगर गाजियाबाद लेकर गये थे। इधर न्यायालय में आरोपित महक खान के पति मो. नईम ने अपने बयान में कहा कि उनकी पत्नी ने उनकी जानकारी में लाये बिना सब कुछ किया, जबकि निकाह पढ़वाने वाले बताये गये मौलाना ने निकाह पढ़वाने से इंकार किया।
उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी के रहने वाली पीड़िता के भाई ने बीती 18 मार्च को हल्द्वानी कोतवाली में अपनी बहन के गायब होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने हल्द्वानी में ही ब्यूटी पार्लर चलाने वाली कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारी महक खान पत्नी मो. नईम निवासी जूलियट ब्यूटी पार्लर हल्द्वानी और उसके बेटे मो. दानिश पर इस घटना में शामिल होने का शक जताया था। जांच के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पहुंची उत्तराखंड पुलिस ने दानिश के पिता नईम अहमद को हिरासत में लिया। बाद में उसकी मां महक खान को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस को सूचना मिली कि दानिश और श्वेता ने गाजियाबाद के एक मदरसे में 18 मार्च को निकाह कर लिया था। निकाह के बाद पीड़िता का नाम बदलकर आयशा रख दिया गया था। आगे पुलिस की जांच में दिल्ली में दानिश के एक रिश्तेदार के यहां पीड़िता मिली। इधर 23 साल के मोहम्मद दानिश ने ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दावा किया था कि पीड़िता ने अपनी मर्जी से उससे निकाह किया था, लेकिन श्वेता के परिवार वाले जबरन उसे अपने कब्जे में रखे हुए हैं। लिहाजा उसने अपनी पत्नी वापस दिए जाने की मांग की थी। इस पर उच्च्तम न्यायालय ने पीड़िता को उच्च्तम न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए थे। इस पर बीती 17 मई को नैनीताल जिले के एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी के आदेशों पर थानाध्यक्ष काठगोदाम कमाल हसन ने अपहृता को उच्च्तम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के समक्ष पेश किया, जहा पीड़िता ने दानिश की कहानी को झूठा करार दिया, जिसके बाद न्यायालय द्वारा अपहृता को उसके परिजनों के सुपुर्द किये जाने के आदेश दिये गये, और उसे उसके माता-पिता के साथ भेज दिया गया।

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-अपने पहले से शादीशुदा ‘ड्राईवर’ बेटे से जबरन करवाया था हिन्दू बीटेक की छात्रा का निकाह, देश की शीर्ष अदालत में पीड़ित युवती ने की पुष्टि, माता-पिता के संग लौटी, सर्वोच्च न्यायालय ने की नैनीताल पुलिस की तारीफ 

-एसएसपी ने दिए मामले में नामजद सभी अभियुक्तों को गिरफ्तारी किये जाने एवं उनके द्वारा चलाये जा रहे ‘गैंग’ के बारे में पता कर आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश

उत्तराखंड के हल्द्वानी के रहने वाली प्रीता (बदला हुआ नाम) के परिवार ने बीती 18 मार्च को हल्द्वानी कोतवाली में अपनी पुत्री के गायब होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने हल्द्वानी में ही ब्यूटी पार्लर चलाने वाली कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारी महक खान पत्नी मौ- नईम निवासी जूलियट ब्यूटी पार्लर हल्द्वानीऔर उसके बेटे मो. दानिश पर इस घटना में शामिल होने का शक जताया था। जांच के लिए उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद पहुंची उत्तराखंड पुलिस ने दानिश के पिता नईम अहमद को हिरासत में लिया। बाद में उसकी मां महक खान को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस को सूचना मिली कि दानिश और श्वेता ने गाजियाबाद के एक मदरसे में 18 मार्च को निकाह कर लिया था। निकाह के बाद प्रीता का नाम बदलकर आयशा रख दिया गया था। आगे पुलिस की जांच में दिल्ली में दानिश के एक रिश्तेदार के यहां प्रीता मिली। पुलिस उसे हल्द्वानी ले गई। तब से वो अपने परिवार के साथ है। इधर  23 साल के मोहम्मद दानिश ने ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दावा किया था कि 20 साल की प्रीता ने अपनी मर्जी से उससे निकाह किया था, लेकिन श्वेता के परिवार वाले जबरन उसे अपने कब्जे में रखे हुए हैं। लिहाजा उसने अपनी पत्नी वापस दिए जाने की मांग की थी। इस पर उच्च्तम न्यायालय ने प्रीता को उच्च्तम न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए थे।

बुधवार 17 मई को नैनीताल जिले के एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी के आदेशों पर थानाध्यक्ष काठगोदाम कमाल हसन ने अपहृता को उच्च्तम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के समक्ष पेश किया, जहा प्रीता ने दानिश की कहानी को झूठा करार दिया, जिसके बाद न्यायालय द्वारा अपहृता को उसके परिजनों के सुपुर्द किये जाने के आदेश दिये गये, और उसे उसके माता-पिता के साथ भेज दिया गया। मामले की पैरवी डिप्टी एडवोकेट जनरल मनोज गोरकेला ने की। खास बात यह भी रही की उच्च्तम न्यायालय द्वारा अभियोग में जनपद नैनीताल उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा अच्छी विवेचना किये जाने की सराहना की गयी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल जन्मेजय खंडूरी ने आगे मामले में थानाध्यक्ष काठगोदाम को नामजद सभी अभियुक्तों को गिरफ्तारी किये जाने एवं उनके द्वारा चलाये जा रहे ‘गैंग’ के बारे में पता कर आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।

राज्य सरकार ने दावे को गलत बताया

आज हुई सुनवाई में उत्तराखंड सरकार और श्वेता के पिता के वकील भी मौजूद थे। उत्तराखंड सरकार के वकील ने दानिश के दावे को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि जिस मस्ज़िद में निकाह की बात कही जा रही है, उसके काज़ी ने 18 मार्च को वहां किसी निकाह होने से ही इनकार किया है।उत्तराखंड सरकार के वकील ने ये भी कहा कि मजिस्ट्रेट को दिए बयान में लड़की ने अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा जताई है, इसलिए उसे उनके साथ रखा गया है। सुनवाई के दौरान लड़की के पिता ने शादी के दावे को झूठा बताया। कहा-“लड़का ड्राइवर है। उसकी पहले भी शादी हो चुकी है। कोई लड़की दूसरी बीवी क्यों बनना चाहेगी?” कोर्ट ने उन्हें चुप कराते हुए कहा- “लड़की क्या चाहती है, ये हम पता कर लेंगे” आगे प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच ने लड़की से मिलने की बात कही। कोर्ट ने कहा- “हम लड़की से मिल कर जानना चाहते हैं कि वो कहां रहना चाहती है।” इस पर लड़की ने अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा जताई।

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उत्तराखंड की राजधानी दून और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बीच फेसबुक के जरिये प्रेम का रोचक मामला प्रकाश में आया है। देहरादून निवासी भारतीय सेना में कार्यरत एक फौजी अपनी शादी छोड़, ठीक एक दिन पहले ही अपनी मध्यप्रदेश के भोपाल निवासी फेसबुक फ्रेंड को लेकर फरार हो गया। दोनों पखवाड़े भर से नैनीताल जिले के घोड़ानाला बिंदूखत्ता लालकुआ में रह रहे थे। इधर फ्रेंड की मां की तहरीर पर पुलिस ने दोनों को बिंदूखत्ता से बरामद कर उनके प्यार पर पहरा लगा कर फ्रेंड को फिलहाल उसकी मां के पास भेज दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार देहरादून निवासी फौजी की मध्य प्रदेश निवासी एक युवती से फेसबुक पर दोस्ती हुई और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। अपने इस प्यार के लिए फौजी अपनी शादी से ठीक एक दिन पहले पहले अपने घर से फरार हुआ और फिर मध्य प्रदेश से युवती को भगाकर बिंदुखत्ता ले आया। उधर युवती की मां ने फौजी के खिलाफ अपनी पुत्री को भगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया, और खुद ढूंढती हुई लालकुआं कोतवाली भी पहुंच गयी। युवती ने साफ तौर पर अपनी मर्जी से फौजी के साथ आने की बात कही, अलबत्ता पुलिस युवती को लंबी जद्दोजहद के बाद इस बात के लिए किसी तरह मनाने में सफल रही कि फौजी के खिलाफ दर्ज मुकदमे का निस्तारण होने तक वह अपनी मां के साथ चली जाए। फौजी का कहना था कि वह दो महीने की छुट्टी में अपने घर आया था। इस दौरान उसके परिजन जबरन उसकी शादी करा रहे थे, इसलिए वह शादी से एक दिन पहले घर से भाग आया।

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महिला पुलिस की गिरफ्त में कृष्णा सेन

नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-नैनीताल सीपी बिजल्वाण की अदालत से युवक बनकर दो युवतियों से शादी करने और उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित करने की आरोपी युवती कृष्णा सेन की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया। मालूम हो कि धामपुर बिजनौर के रामगंगा हाइडिल कॉलोनी निवासी कृष्णा सेन के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में आईपीसी की धारा 417, 419, 467, 468, 469, 471, 323, 504 के तहत मुकदमा दर्ज है। उस पर आरोप है कि उसने युवक बनकर दो युवतियों को पहले प्रेम जाल में फंसाया, और फिर काफी दहेज विवाह विवाह भी किया। प्रथम पीड़िता का कहना है कि फेसबुक में दोस्ती के बाद 14 फरवरी 2014 दोनों ने विवाह किया था। कृष्णा की ओर से उसके लिए बनाए जेवरात नकली पाए गए। बाद में वह उसे दहेज के लिए पति के रूप में प्रताड़ित करती थी। उसने 5 लाख रुपये की मांग की। बाद में उसने 29 अप्रैल 2016 को एक अन्य युवती के साथ भी विवाह किया। किसी से जिक्र न के लिए धमकियां दीं। जिला न्यायालय में आरोपी की जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई। अभियोजन पक्ष की दलील पर जिला न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया।

उल्लेखनीय है कि यह अजीब, अनोखा और हैरत कर देने वाला मामला रहा। कोतवाली पुलिस के सामने राजफाश हुआ तो पांवों तले जमीन दरकने का एहसास होने लगा। आंखों के सामने सच का बेनकाब होना भी किसी झूठ की तरह ही लग रहा था, लेकिन बात तो सौ फीसद सच्ची निकली। एक युवती ने पुरुष का स्वांग कर एक नहीं दो महिलाओं से शादी की। दोनों के साथ पति-पत्नी के संबंध भी निभाए पर सच्चाई फिर भी सामने नहीं आई। राज तब खुला जब पति-पत्नी के बीच चार साल के रिश्तों के बीच क्लेश की खाई गहराई और पुलिस ने कथित पति को गिरफ्तार कर लिया।

हल्द्वानी पुलिस रिकॉर्ड में यह अब तक का सबसे चर्चित, हैरतभरा और दिमाग पर जोर डालने वाला मामला बन गया। कहानी कुछ यूं है कि वेलेंटाइन डे यानी 14 फरवरी 2014 को काठगोदाम निवासी एक महिला की शादी उत्तर प्रदेश के धामपुर, जिला बिजनौर निवासी कथित युवक कृष्णा सेन से हुई। दोनों हल्द्वानी के मल्ला गोरखपुर इलाके में किराये के मकान में रहने लगे। इसी दौरान सीएफएल फैक्ट्री लगाने की बात कहकर कथित पति ने महिला से अलग-अलग किस्तों में आठ लाख रुपये ले लिए। वर्ष 2016 में महिला को कथित पति के दूसरी महिला से भी शादी करने का पता चला। छह अक्टूबर 2017 को पहली पत्नी ने अपने कथित पति पर रुपये ठगने के साथ ही पांच लाख रुपये दहेज में मांगने, दूसरी शादी करने व विरोध करने पर धमकी देकर मारपीट करने के आरोप में धारा मारपीट व दहेज उत्पीड़न की धारा में मुकदमा दर्ज कराया। तभी से काठगोदाम थाना पुलिस आरोपी कथित पति को तलाश रही थी। आखिर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस की सख्ती पर वह टूट गया। राज खोला तो सभी भौचक थे। उसने कहा कि वह पुरुष है ही नहीं तो शादी कैसे कर सकता है। पुलिस की ओर से उसका महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद इसकी वैधानिक पुष्टि भी हो गई। अब पुलिस हैरत में थी कि जिन महिलाओं से इसने शादी की वह इतने दिनों तक यह बात जान क्यों नहीं पाईं। जबकि पीड़ित पत्नी ने भी कथित पति द्वारा शारीरिक संबंध बनाने की बात स्वीकारी गई। कड़ाई से पूछताछ हुई तो पता चला कि वह कमरे में पत्नी के साथ होने पर अंधेरा कर देता था। उसने एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से सेक्स खिलौने मंगाए थे। अंधेरे में उसने सेक्स खिलौनों से शारीरिक संबंध बनाते की बात स्वीकारी। पुलिस ने अब आरोपी कृष्णा सेन को जालसाजी व महिलाओं के यौन उत्पीडऩ के मामले में जेल भेजा है। पुलिस अधीक्षक जन्मेजय प्रभाकर खंडूडी का कहना है कि युवती के पुरुष बनकर दो महिलाओं से शादी करने का मामला अचंभित करने वाला रहा। प्राथमिक जांच में युवती के महिलाओं संग ठगी का मामला सामने आया है। युवती ने अपना आधार कार्ड, वोटर कार्ड व पैन कार्ड समेत तमाम दस्तावेज भी पुरुष के नाम से बना रखे हैं। पुलिस ने इन दस्तावेजों को भी जब्त कर लिया है।

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नैनीताल/हरिद्वार, 24 अप्रैल, 2018। भरोसेमंद सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के अनुसार हरिद्वार के एडीजे-प्रथम यानी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम कुंवर अमनिंदर सिंह को अपने ही अर्दली युवक से अप्राकृतिक तरीके से दुष्कर्म के आरोपों पर उच्च न्यायालय ने निलंबित कर दिया है। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत मामला दर्ज करने को भी कहा गया है। उन्होंने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के स्तर से जारी निलंबन आदेश प्राप्त भी कर लिया है। उच्च न्यायालय के सूत्र इस खबर की पुष्टि कर रहे हैं, अलबत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल नरेंद्र दत्त ने इस मामले में कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार उपनल के माध्यम से एडीजे-प्रथम सिंह के अर्दली के पद पर तैनात युवक ने उन पर अप्राकृतिक तरीके से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जांच में प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर एडीजे को निलंबित कर दिया गया। वहीं सूत्रों के अनुसार सिंह द्वारा दो विवाह किए जाने की भी चर्चा है, जिनमें से पहले नंबर की पत्नी व उनके बीच रुड़की के सीजेएम यानी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में भी एक मामला चल रहा है।

उल्लेखनीय है कि सिंह उत्तराखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार और उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी (उजाला) भवाली में भी जिम्मेदार पद पर रह चुके हैं, और इस दौरान उन पर भवाली में भी एक पुरुष ‘उपनल कर्मी’ से अप्राकृतिक यौनाचार करने का आरोप लगा था। बताया गया कि यह मामला अभी भी उच्च न्यायालय में लंबित है। 

गौरतलब है कि गत दिनों हरिद्वार की एक अन्य, सिविल जज दीपाली शर्मा के अपनी घरेलू नौकर बनाकर रखी गयी बालिका के उत्पीड़न मामले में उच्च न्यायालय के आदेशों पर निलंबन हो गया था। तब उस मामले का निःसंकोच व बढ़-चढ़कर खुलासा कर रहे उच्चाधिकारियों की इस मामले में ख़ामोशी दोनों मामलों का आपस में सम्बन्ध स्थापित कर रही है। बताया जा रहा है अमनिंदर, दीपाली के मामले को बढ़ा रही लॉबी में थे, और अब अपना ‘मोहरा’ पिटने से यह लॉबी परेशान है। मामले को गत दिनों उत्तराखंड की न्यायपालिका में जातिगत भेदभाव के आरोपों पर छनकर आई ख़बरों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

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गांव की लड़की ने खुद बनाई प्रेमी के साथ अश्लील एमएमएस और मांगे 10 लाख

14 अप्रैल, 2018। सूचना प्रौद्योगिकी का विष्फोट गांवों तक भी पहुंच गया है, और गांव के लोगों को भी शहर पहुंचाकर किस हद तक गिरा रहा है, यह घटना इस बात की प्रमाण है। पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार बागेश्वर के गांव कठपुड़ियाछीना गांव की रहने वाली लड़की अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए बागेश्वर जिला मुख्यालय में एक छोटी प्राइवेट-नेचुरल हेल्थ केयर सेंटर कंपनी में काम करने लगी, और कंपनी के ब्रांच मैनेजर से न केवल प्रेम संबंध, वरन शारीरिक संबंध भी बना लिये। इस बीच वह सुरेश से दो बार में 22 हजार रुपए रुपए लेकर भी अपने गांव से शहर आने पर बढ़े शौक पूरे करती रही। पिछले वर्ष यानी 2017 में जरूरतें पूरी होने के बाद आधुनिकता की दौड़ में उसकी शौक व ख्वाहिशें बढ़ीं, तो वह जिले से नौकरी छोड़कर राज्य मुख्यालय यानी राजधानी देहरादून चली गयी। इस बीच भी उसके ब्रांच मैनेजर से ‘संबंध’ बने रहे। इधर ब्रांच मैनेजर अपने रुपए मांगने लगा, उधर लड़की को ऐसा रुपए वापस मांगने वाला प्रेमी खटकने लगा। उसने राजधानी में नया सईद अहमद नाम का ‘यार’ रख लिया। इधर ब्रांच मैनेजर ने उससे रुपए वापस मांगे तो उसने उसे रुपए लेने के लिए राजधानी बुला लिया। वहां पूर्व की तरह शारीरिक संबंध बनाए और नये यार की मदद से इन प्रेम के पलों की अश्लील वीडियो बना ली, और रुपए लौटाने की जगह इस वीडियो का एक हिस्सा उसके ह्वाट्सएप पर भेजकर पूरी वीडियो वायरल कर देने की धमकी देकर उल्टे 10 लाख रुपए मांग डाले। डरे हुए ब्रांच मैनेजर ने किसी तरह अपने परिजनों को यह बात बताई, और उनके हिम्मत दिखाने पर थाना लालकुआ में लड़की व उसके साथी सईद अहमद के खिलाफ तहरीर दी। इस पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 384 व ई-सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 की धारा 66 के तहत लड़की व उसके साथी सईद अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।

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नैनीताल। स्कूल-कॉलेज पढ़ने आए छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और ‘बॉय फ्रेंड-गर्ल फ्रेंड’ के चक्कर में ना ही पड़ें तो बेहतर। वरना कैसी भी समस्याएं आ सकती हैं। यहां नैनीताल के एक कॉलेज के छात्रावास में रहने वाली छात्रा अक्सर अपने अल्मोड़ा के ढूंगाधारा निवासी बॉय फ्रेंड से अपने मोबाइल से बात करती रहती थी। एक दिन अपने मोबाइल पर बैलेंस न होने पर उसने अपनी सहेली के मोबाइल से उससे बात कर ली। बॉय फ्रेंड ने इस दिन से उसकी जगह उसकी फ्रेंड पर डोरे डालने शुरू कर दिए। धीरे-धीरे दोनों में कथित तौर पर बातें, चैटिंग व मैसेजिंग भी होने लगी। इस पर दोनों सहेलियों में इस बॉय फ्रेंड को लेकर विवाद भी हुआ, जिसके बाद सहेली ने बॉय फ्रेंड से नाता तोड़ दिया। उसके मना करने पर उखड़े प्रेमी ने सहेली को गालियां और धमकियां दे डालीं। डरी-सहमी सहेली ने कॉलेज के साथियों को यह बात बताई तो वे पहले मंगलवार की रात्रि ही कोतवाली धमक आए और अल्मोड़ा निवासी बॉय फ्रेंड को सबक सिखाने की मांग करने लगे। रात में पुलिस द्वारा मनाने पर लौटे तो बुधवार दोपहर फिर दोनों सहेलियां और अन्य छात्र-छात्राएं भी कोतवाली पहुंचे। वरिष्ठ उप निरीक्षक बीसी मासीवाल ने कहा कि मामले में अल्मोड़ा निवासी छात्र को फोन पर हिदायत दे दी गयी है। आगे फिर वह कोई हरकत करता है तो मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।

 

कौन ले तीन तलाक, यहां तो मियां साली से ही तीसरी शादी को तैयार…

देश में तीन तलाक पर रही चिंताओं के बीच उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक ऐसी खबर आई है जहां एक मियां दो बीबियों और चार बच्चों के पहले से रहते जबरन तीसरी शादी के लिए अड़ गया है, और वह भी अपनी ही साली के साथ। मामला हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके से संबंधित है, जहां एक एक ईंट कारोबारी साली से जिद के चलते दोनों पत्नियांे और बच्चों को मारपीट कर घर से निकाल दिया है। पुलिस के अनुसार ईंट कारोबारी की साली भी अपने घर में और कोई नहीं होने के कारण शादीशुदा बहन के साथ ही रहती है। पिछले कुछ समय से उसका जीजा उस पर बुरी नजर रखता है, और अब तो शादी की जिद करने लगा है। पत्नी-बच्चे रो-धोकर थाने पहुंचे, और पुलिस ने पति को थाने बुलाया तो मोबाइल बंद कर गायब हो गया है। पुलिस पहले समझा-बुझा कर मनाने और न मानने पर कार्रवाई का मन बना रही है।

 

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यूं प्यार करना और स्मार्टफोन, फेसबुक वाट्सएप आदि का प्रयोग करना सभी का अधिकार है, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ ‘यहां’ तक पहुंच जाए तो चिंतनीय है। नैनीताल के निकट ज्योलीकोट के निजी स्कूल में दो वर्ष से गार्ड के रूप में कार्य करते हुए अमरोहा यूपी का एक युवक सुरेश (32) अपनी पत्नी सीनू (28) (दोनों बदले हुए नाम) और तीन बच्चों के साथ हंसी-खुशी रह रहा था। 2008 में हुई शादी को भी 10 वर्ष होने को थे। घर के खर्चे बढ़ने लगे तो पत्नी भी निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के लिए खाना बनाने का कार्य करने लगी। आमदनी बढ़ी तो घर में सस्ता हो चला ‘स्मार्टफोन’ भी आ गया, और उसमें फेसबुक-वाट्सएप भी चलने लगा। फेसबुक पर सीनू की ‘वर्चुअल फ्रेंडशिप’ शीशगढ़ बरेली निवासी सुरेंद्र से हो गयी। फेसबुक के बाद दोनांे वाट्सएप पर भी चैटिंग करने लगे, और बीती छह मार्च को सीनू अपने पति व तीन बच्चों की वास्तविक जिंदगी को ‘वर्चुअल जिंदगी’ के लिए छोड़कर सुरेंद्र के साथ भाग गई, और सात मार्च को दोनों ने शादी भी कर ली। पत्नी के गायब होने की शिकायत सुरेश ने ज्योलीकोट चौकी में करवाई। पुलिस ने पत्नी के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर और पता चलने पर उसे शीशगढ़ बरेली के गांव स्थित सुरेंद्र के घर के बरामद कर लिया। दोनों को एसडीएम अभिषेक रुहेला की अदालत में पेश किया गया, जहां सीनू ने 10 वर्षों के साथी पति और तीन बच्चों की माया-ममता ठुकराकर नये-नवेले फेसबुकिया प्रेमी-पति के साथ जाने की इच्छा जताई। दोनांे बालिग थे, सो अदालत ने भी उसे उसकी इच्छा पर छोड़ दिया।

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पैर से दिव्यांग व पेशे से शिक्षा मित्र पत्नी के होते पति द्वारा दूसरी शादी करने और पुलिस में कार्रवाई करने पर पति द्वारा जहर खाने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में मायके से तुमड़िया डैम मालधन चौड़ निवासी विवाहिता ने रामनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2011 में उसका विवाह रमपुरा काजी केलाखेड़ा काशीपुर निवासी कुलवीर सिंह के साथ हुआ था। वह मायके में ही रहकर निकट के एक स्कूल में शिक्षा मित्र के रूप में कार्यरत है। इधर आठ मार्च को उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है। पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी तो पति खुद जहर खाकर जान देने की धमकी दे रहा है। उसके द्वारा दी गयी तहरीर पर रामनगर पुलिस ने उसके पति, सास और ननद के खिलाफ पहली पत्नी के होते हुए दूसरा विवाह करने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नैनीताली को फेसबुक पर बॉलीवुड हीरो से हुआ प्यार..पुलिस से लगाई शादी कराने की गुहार

जी हाँ, नैनीताल की एक युवती को एक बॉलीवुड कलाकार से फेसबुक पर प्यार होने के बाद पुलिस से शादी कराने की गुहार लगाने का रोचक मामला प्रकाश में आया है। कॉलेज व बीएड कर नौकरी की कोशिश कर रही युवती ने अपने एक रिश्तेदार के जरिये नैनीताल की मल्लीताल कोतवाली पुलिस से गुहार लगाईं कि 3-4 महीने से फेसबुक पर प्यार की बातें करने के बाद उसका ‘बॉलीवुड हीरो’ शादी करने से मुकर रहा है, लिहाजा पुलिस हीरो को फटकार कर उससे शादी के लिए मना ले। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से हीरो का नंबर पता किया तो उसके मुंबई में बॉलीवुड कलाकार होने की पुष्टि हुई। हीरो का कहना था कि युवती उसकी सिर्फ दोस्त है। वह अपने काम में व्यस्त है। उसने युवती से कभी शादी का वादा नहीं किया, बल्कि जो बातें हुईं, वैसी कई ‘फैन्स’ के साथ होती रहती हैं। वैसे भी बिना किसी से मिले शादियाँ केवल फिल्मों में होती हैं, असल जिंदगी में नहीं। कहा कि बिना जानकारी और बगैर एक-दूसरे से मिले किसी को जीवन साथी चुनना किसी के भी भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए युवती को समझाएं कि वह भी शादी नहीं अपने कैरिअर पर ध्यान दे

मामले में पड़ताल करने वाले एसआई पूरन सिंह मर्तोलिया ने कहा कि किशोरियों-युवतियों में इस तरह की प्रवृत्ति समाज के लिए ठीक नहीं है। युवती को काउंसिलिंग कर यह बात समझा दी गयी है। अन्य युवतियों को भी ऐसी घटना से सबक लेना चाहिए।

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वायरल हो रहा नाबालिग का एमएमएस।

-ह्वाट्स एप ग्रुप में एमएमएस आने पर सभी सदस्यों ने ग्रुप छोड़ा, आखिरी बचा हल्द्वानी का युवक आया पुलिस गिरफ्त में नैनीताल। भौतिकतावाद के दौर में खुद से खिलवाड़ और इंटरनेट पर जरा सी चूक नगर की एक नाबालिग के लिए आफत का सबब बन गयी है। आखिर उसे पुलिस की शरण लेनी पड़ी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने हल्द्वानी निवासी एक युवक को दबोचा। अलबत्ता, मामले में किशोरी की ही गलती समझ में आने और एमएमएस डिलीट करने के बाद युवक को छोड़ दिया गया। पीड़िता पढ़ाई में उत्कृष्ट बताई गयी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को नाबालिग पीड़िता मल्लीताल कोतवाली पुलिस द्वारा हल्द्वानी निवासी एक युवक को दबोचने के बाद स्वयं भी कोतवाली पहुंची। बताया गया है कि इस नाबालिग छात्रा ने स्वयं ही मोबाइल से अपना अश्लील एमएमएस बनाया, और उसे स्वयं ही ह्वाट्स एप पर अपने किसी मित्र को भेजने के दौरान गलती से ह्वाट्स एप ग्रुप में डाल दिया। गलती समझ में आने पर बाद में उसने कोतवाली पुलिस में गुहार लगाई] लेकिन तब तक यह वायरल हो चुका था। उधर ग्रुप के सदस्यों को मामला पुलिस में जाने की जानकारी मिली, तो एक-एक कर ग्रुप के सभी सदस्यों ने ग्रुप छोड़ दिया। लेकिन शुक्रवार को कोतवाली पुलिस हल्द्वानी निवासी, पूर्व में किसी दुर्घटना के कारण शारीरिक रूप से कमजोर एक युवक को पूछताछ के लिए कोतवाली ले आई। इस पर पीड़ित किशोरी भी कोतवाली पहुंची। इस बीच पुलिस ने जानकारी लेने आये पत्रकारों को भी रोककर अति गोपनीयता बरती। बाद में नगर कोतवाल विपिन चंद्र पंत ने बताया कि सर्विलांस के जरिये युवक को दबोचा गया, किंतु युवती की ओर से आगे कोई कार्रवाई न किये जाने के बाद युवक को छोड़ दिया गया। आगे किसी के पास भी यह एमएमएस मिलेगा तो उस के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। (इनपुट मुनीब रहमान) 

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  • पाकिस्तान में बना था भीमताल का चर्चित एमएमएस !
  • इंटरनेट पर अप्रेल 2010 से है मौजूद
नवीन जोशी,  नैनीताल। सीमाओं के हमले देश की सेनाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, पर देश के भीतर बाहरी दुनिया से एक ऐसा हमला हो रहा है, जिससे देश की युवा पीढ़ी के कोमल मन के साथ तन पर तो अश्लीलता का जहर घुल ही रहा है, आर्थिक रूप से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। मोबाइल पर पाकिस्तान सहित अन्य देशों के नंबरों से फोन आने एवं विदेशों से करोड़ों रुपऐ की लॉटरी खुलने जैसी खबरों के बीच एक और हमला विदेशी अश्लील पोर्न साइटों की ओर से किया जा रहा है। इसी कड़ी में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि गत दिनों भीमताल में स्कूली छात्रा का चर्चित एमएसएस पाकिस्तान में बना हुआ है। यह एमएमएस बीते करीब एक वर्ष से इंटरनेट पर उपलब्ध है।

उल्लेखनीय है की नवंबर-दिसंबर 2010 में निकटवर्ती भीमताल के एक होटल के नाम से एक स्कूली छात्रा का अश्लील एमएमएस खासा चर्चा में आया था। एमएमएस में पर्वतीय स्कूलों की छात्राओं के समान ही आसमानी रंग की कमीज व सफेद रंग का पाजामा पहने युवती को स्थानीय छात्रा समझने में अच्छे-भले जानकार भी धोखा खा गऐ थे, जबकि एमएमएस में युवती जिस तरह का पीले रंग का दुपट्टा या पट्टा डाले हुऐ है, वैसा पहाड़ की लडकियां अमूमन प्रयोग नहीं करतीं। आईजी स्तर पर मामला उठने के बाद भीमताल थाना प्रभारी उत्तम सिंह ने स्वयं मुकदमा दर्ज किया था। बाद में एक स्थानीय युवक ललित मोहन पाण्डे को यह कहकर मामले में बलि का बकरा बनाया गया कि उसकी शक्ल एमएमएस में दिख रहे युवक से मिलती है। हालांकि बाद में उसे उसके मोबाइल में ऐसे 14 अश्लील एमएमएस पाऐ जाने के आरोपों में जेल भेजा गया। बमुश्किल उसे जमानत मिल पाई है। इस मामले की जांच चण्डीगढ़ स्थित प्रयोगशाला को भेजी गई है। लेकिन सच्चाई यह है कि यह 6.22 मिनट का एमएमएस lahore pakistani shy student in school uniform with her cousine (लाहौर पाकिस्तानी शाई स्टूडेण्ड इन स्कूल यूनीफार्म विद हर कजिन) नाम से 24 अप्रेल 2010 से इंटरनेट पर मौजूद है, और इसे कोई भी आसानी से देख सकता है। यह एमएमएस सामान्यता भारत में प्रयोग न की जाने वाली (भारत में विडियो डाउनलोड के लिऐ यू-ट्यूब का प्रयोग किया जाता है) फाइल्स ट्यूब वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इस एमएमएस पर हॉट पाकिस्तानी कालेज गर्ल्स स्केण्डल्स, पाकिस्तानी स्कूल, पाकिस्तान, लाहौर स्कूल, कपल सैक्स हिडन कैमरा जैसे टैग भी लगे हुऐ हैं। जानकार एमएमएस में युवती द्वारा ‘हाय अल्ला’ जैसा शब्द भी बोले जाने का दावा कर रहे हैं।  इस आधार पर ई-दुनिया के जानकार आश्वस्त हैं कि यह एमएमएस पाकिस्तान में ही बना व अपलोड हुआ है। ऐसी वेबसाइटें भारत में अश्लील वेबसाइटें प्रतिबंधित होने के बावजूद आसानी से खुल रही हैं, और चलन में हैं। शौकीनों को फाइल्स ट्यूब, एक्स वीडियोज डॉट कॉम, विज डॉट कॉम, फक ओवर माइ सेक्स सरीखी कई विदेशी वेबसाइटें भारत में खुलेआम अश्लीलता परोस रही हैं, देश की युवा पीढ़ी के तन-मन व धन को प्रदूषित व खतरे में डाल रही हैं। इन साइटों से वीडियो क्लिपिंग डाउनलोड करने पर प्रतिमाह सैकड़ों डॉलर का खर्चा वसूला जाता है। बहरहाल, इस चर्चित एमएमएस के मामले में भीमताल थानाध्यक्ष उत्तम सिंह ने स्वीकारा कि उन्हें भी एमएमएस के पाकिस्तानी होने की सूचना है। कुमाऊं आईजी राम सिंह मीणा ने कहा कि बाहरी पोर्न वेबसाइटों को रोकने के क्या प्राविधान हैं, इसका वह अध्ययन करेंगे।

हाँ, यहाँ एक और बात कहना जरूर समीचीन होगा कि मीडिया को अपने क्षेत्र से जोड़कर ऐसे विषयों पर खासकर जल्दबाजी में, बिना तथ्यों की पड़ताल किये कुछ भी प्रकाशित/प्रसारित करने से बचना चाहिए। इससे अपने क्षेत्र की बहुत बदनामी होती है। जैसे इस मामले में भीमताल क्षेत्र की हर लड़की और लड़कों को संदेह की नजर से देखा जाने लगा, जबकी एमएमएस कहीं और का बना हुआ था। 
इस तरह भी हो रहा हमला
नैनीताल। इंटरनेट पर सैक्सी हल्द्वानी, सैक्सी नैनीताल, सैक्सी देहरादून, सैक्स स्केण्डल हल्द्वानी, नैनीताल, देहरादून जैसे नामों से भी वीडियो क्लिप मौजूद हैं। खास बात यह भी है बड़ी धनराशि चुकाने के बाद ही डाउनलोड होने वाली यह क्लिप्स वास्तव में एक ही होती हैं, नाम स्वत: शहर के हिसाब से बदल जाते हैं। लड़कियों से अश्लील चेटिंग, वीडियो चेटिंग आदि भी शहर के हिसाब से इंटरनेट पर उपलब्ध हैं, और मोटी कीमत वसूल रहे हैं।

2 Replies to “प्यार में कुछ भी : निकली थी परीक्षा देने, पहुंच गयी यूपी के कासगंज, और शादी भी कर ली!”

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