सरोवरनगरी में जोर से पड़ रहा सीजन का आखिरी झटका, नैनीताल फिर वाहनों से पैक

-नगर की सभी पार्किंग भरने पर फिर से रूसी बाईपास में गाड़ियां रोककर शटल टैक्सियां चलानी पड़ीं, 200 से अधिक वाहन रूसी बाइपास पर रोके
-अगले चार दिन पड़ सकते हैं भारी, अलबत्ता आगामी सोमवार से मैदानी क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेज खुलने के मद्देनजर माना जा रहा है आखिरी सप्ताहांत
नैनीताल। सरोवरनगरी में यह सप्ताह ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन का आखिरी सप्ताह माना जा रहा है। क्योंकि अगले सप्ताह के शुरू में ही यानी सोमवार से मैदानी क्षेत्रों में गर्मियों व ईद की लंबी छुट्टियों के बाद स्कूल-कॉलेज खुलने जा रहे हैं। लेकिन इस सप्ताह के आखिरी चार दिन सरोवरनगरी के पर्यटन व्यवसायियों के लिए बांछें खिलाने वाले, किंतु नगरवासियों और व्यवस्थाओं में लगे पुलिस प्रशासन के लिए भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। इसकी झलक बुधवार को नगर के सभी पार्किंग स्थलों के, फ्लैट्स मैदान के निर्धारित पार्किंग से बाहर के क्षेत्र के भी दोपहर में ही भर जाने के बाद पर्यटकों के वाहनों को रूसी बाइपास में रोकना पड़ गया। अपराह्न तीन बजे तक ही रूसी बाइपास पर 200 से अधिक वाहनों को रोके जाने की प्रशासन की ओर से एएसपी हरीश चंद्र सती ने पुष्टि की है। रोके गये वाहनों में आये सैलानियों के लिए शटल वाहनों की व्यवस्था की गयी, वहीं बड़ी संख्या में सैलानी वाहन रोके जाने के बाद दूसरे पर्यटन स्थलों की ओर चले गये। उल्लेखनीय है कि ईद के बाद पुलिस ने दो पहिया और चार पहियों का नगर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था, और केवल नगर के होटलों में बुकिंग वाले सैलानियों को ही वाहनों से आने दिया जा रहा था, किंतु इधर पिछले सप्ताह भीड़ कुछ छंटने के बाद वाहनों को नगर में आने दिया जाने लगा था, और शटल वाहन भी बंद कर दिये थे। बुधवार को पुलिस को फिर से प्रतिबंध वाली व्यवस्था शुरू करनी पड़ी। आगे समझा जा सकता है कि नगर को आने वाले सैलानियों की भीड़ आज जितनी ही भी रहने पर नगर में पार्किंग का स्थान उपलब्ध न होने के कारण समस्या अगले चार दिन यानी शनिवार या रविवार तक बढ़ती जा सकती है।
इधर नगर में बुधवार को पार्किंगों के भरने के साथ ही सड़कें भी वाहनों से पटी रही। मस्जिद तिराहे पर पुलिस ने फ्लैट्स मैदान की पार्किंग के फुल होने का बोर्ड लगाकर वाहनों को आगे मेट्रोपोल की ओर भेजा और वे मेट्रोपोल पार्किंग में भी जगह न मिलने के कारण सड़कों पर ही घूमने को मजबूर रहे। इससे नैनीताल क्लब-बीडी पांडे रोड पर भी वाहन जाम रहे, जबकि लोवर माल रोड पर मल्लीताल से नगर पालिका पुस्तकालय से आगे तक वाहनों की पूरे दिन कतारें लगी रहीं। ऐसे में पुलिस के लिये यातायात को सुचारू रखना मुश्किल साबित हुआ। स्वयं एएसपी सती पूरे दिन मल्लीताल मस्जिद तिराहे पर जमे रहे। नगर में माल रोड तथा नैनीझील में घूमने व नौकायन करने निकले सैलानियों तथा निकटवर्ती पर्यटन स्थलों पर भी वाहनों व सैलानियों की भारी भीड़भाड़ रही।

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-नैनीताल चिड़ियाघर के आंकड़े बयां कर रहे पर्यटन को पहुंच रहे नुकसान का दर्द

नैनीताल चिड़ियाघर की शान, रॉयल बंगाल टाइगर का बिल्कुल करीब से दीदार कर फोटो खींचते सैलानी।

नैनीताल। नैनीताल मुख्यालय में इस वर्ष पर्यटन में 28 फीसद की गिरावट दर्ज की गयी है। हम यह दावा मुख्यालय में सैलानियों के लिए बड़े आकर्षण के केंद्र पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर के पुष्ट आंकड़ों के आधार पर कर रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष 2017 के ग्रीष्मकालीन पर्यटन के तीन महीनों, अप्रैल, मई व जून में 1 लाख 62 हजार 858 यात्री पहुंचे, जबकि इस वर्ष इन तीन महीनों के 10 दिन शेष रहते केवल 1 लाख 16 हजार 767 यानी 46 हजार 91 सैलानी चिड़ियाघर के दीदार के लिए कम पहुंचे। जबकि इससे पूर्व बीते एक दशक में हर वर्ष करीब 10 फीसद की वृद्धि होती थी। यानी इस वर्ष 10 फीसद की वृद्धि तो हाथ से गयी ही, 28 फीसद का उल्टा नुकसान हो गया। इस तरह गिरावट को 38 फीसद भी मान सकते हैं।
वहीं महीने वार बात करें तो 2017 में अप्रैल माह में 27,926 और 2018 में 24,992, 2017 के मई माह में 50,096 तो 2018 में 42,916 एवं 2017 के जून माह में 84,836 तो इस वर्ष 20 जून तक मात्र 48,859 सैलानी ही पहुंचे। इस गिरावट में साफ तौर पर जून में बड़ी गिरावट देखी जा रही है, जो कि इस वर्ष सैलानियों को जून माह में नैनीताल पुलिस के द्वारा कालाढुंगी, रानीबाग आदि में रोकने और ‘नैनीताल फुल’ के बोर्ड लगाने का परिणाम माना जा रहा है।

वन विभाग के लिय आय की बड़े श्रोत साबित हो रहीं आईएफएस मनोज चंद्रन की पहलें

नैनीताल। वर्ष 2007-08 में तत्कालीन वन वर्धनिक व वर्तमान में मुख्य वन संरक्षक केरल मूल के आईएफएस अधिकारी मनोज चंद्रन ने मुख्यालय के निकट सरियाताल में ताल से बेहद सामान्य से गधेरे के रूप में बहने वाले पानी को सरियाताल वाटरफॉल का नाम देकर और इसे देखने के लिए मात्र 20 रुपए का शुल्क लगाने की व्यवस्था की थी। पहले वर्ष यहां मात्र 31 यात्री आये और इनसे वन विभाग को केवल 620 रुपए की आय हुई। लेकिन तब की इस बेहद सामान्य सी पहल से वन विभाग को वर्ष 2017-18 तक पहुंचते 51,265 यात्रियों से 11 लाख 85 हजार 40 रुपए की आय प्राप्त हुई है। इसी तरह श्री चंद्रन ने ही वर्ष 2008-09 में मात्र 90 लाख रुपए से सरियाताल के पास ही पथरीली बंजर पहाड़ी पर हिमालयन बॉटनिकल गार्डन बनाना शुरू किया था। इसमें पहले वर्ष 74,850 यात्री आये और 3 लाख 74 हजार 250 रुपए की आय हुई थी। वहीं आय का यह आंकड़ा वर्ष 2017-18 में 2 लाख 29 हजार 785 सैलानी पहुंचे और विभाग को इससे 40 लाख 63 हजार 660 रुपए की आय हुई है। वहीं नैनीताल चिड़ियाघर की बात करें तो वर्ष 2008-09 में यहां 1 लाख 63 हजार 156 यात्री पहुंचे थे, और इनसे 36 लाख 41 हजार 200 रुपए की आय हुई थी, जबकि वर्ष 2017-18 में यहां 3 लाख 23 हजार 661 यात्री पहुंचे और इनसे 1 करोड़ 57 लाख 45 हजार 720 रुपए की आय प्राप्त हुई है।

नैनीताल में दोपहिया वाहनों का आपातकाल, पूरी तरह से रोकी आवक, पहाड़ों पर उमड़े सैलानी, वहाँ भी जाम

-शटल वाहनों से भेजा जा रहा है नैनीताल, एसएसपी-एएसपी सहित सभी पुलिस के अधिकारी यातायात नियंत्रण के लिए उतरे मैदान में

कालाढुंगी में दोपहिया वाहनों को रोकते थाना प्रभारी।
मंगोली में रोके गये दोपहिया वाहन एवं चारपहिया वाहनों की लगी कतारें।

नैनीताल, 17 जून 2018। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सरोवरनगरी नैनीताल में ईद के बाद दोपहिया वाहनों के आपातकाल की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। उत्तराखंड के मैदानी तथा निकटवर्ती यूपी के रुहेलखंड मंडल के शहरों के खासकर युवा दोपहिया वाहनों से सरोवरनगरी की ओर किसी तूफान की तरह भारी संख्या में उमड़ पड़े हैं। ऐसे में ऐसी स्थितियों से पहले से आशंकित नैनीताल पुलिस ने दोपहिया वाहनों के लिए आपातकाल सरीखी ही रणनीति अपनाते हुए इनका प्रवेश पूरी तरह से नगर के लिए प्रतिबंधित किया है। यातायात नियमों की अवहेलना कर बिना हेलमेट, तीन सवारी या बिना आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस के आ रहे ऐसे सैकड़ों दोपहिया वाहन चालकों के मोटर यान अधिनियम के तहत चालान किये गये हैं, तथा हजारों रुपए का जुर्माना वसूला गया है। कालाढुंगी, काठगोदाम, रानीबाग, मंगोली व रूसी बाईपास आदि स्थानों पर दोपहिया वाहनों को रोका जा रहा है, तथा वहां से शटल वाहनों से वाहन चालकों को नगर में आने दिया जा रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक बिना आये भी लौट गये हैं। वहीं चार पहिया वाहनों को भी नगर के पार्किंग स्थलों में स्थान की उपलब्धता के आधार पर पहले नगर से बाहर कई चरणों में रोककर और वहां से सीमित संख्या में ही नगर में आने दिया जा रहा है। बावजूद नगर में वाहनों-सैलानियों की भारी भीड़ है। नगरवासियों का पैदल आसपास, बाजार जाना भी मुश्किल हो रहा है। एसएसपी, एएसपी से लेकर पुलिस के सभी अधिकारी यातायात को नियंत्रित करने के लिए मैदान में उतरे हुए हैं।

नैनीताल में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किए जाने के बाद पर्यटकों ने रानीखेत, अल्मोड़ा कौसानी जागेश्वर आदि पर्वतीय पर्यटन स्थलों का रुख कर दिया है। इससे वहाँ रौनक बढ़ गयी है, वहीँ अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। रविवार दोपहर हाइवे पर दोपाखी क्षेत्र में पर्यटकों के वाहन आड़े-तिरछे खड़े हो जाने से जाम लगा रहा। दोनों ओर कई किलोमीटर तक छोटे बड़े वाहनों की कतार लग गई, और हाईवे पर आवाजाही में समस्या आई।

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-पर्यटन को वापस पटरी पर लाने के प्रयास शुरू, मंडलायुक्त ने किये प्रयास शुरू
-सैलानियों को रोके जाने पर पुलिस के साथ होटल-टैक्सी आदि के प्रतिनिधि भी रखेंगे नजर

नैनीताल, 14 जून 2018। बीते दो दिनों से अपने वाहनों से सरोवरनगरी नैनीताल आने वाले सैलानियों को पार्किंग की व्यवस्था न होने पर रोके जाने के कारण नगर के पर्यटन को काफी नुकसान पहुंचा। जबकि अब पर्यटन को वापस अपने पुराने परंतु बेहतर स्वरूप में लाने के प्रशासनिक व अन्य स्तरों पर प्रयास शुरू हो गये हैं। नगर के भाजपा नेताओं ने जहां उच्च न्यायालय में महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर से मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने के प्रयास शुरू किये वहीं मंडलायुक्त नगर के पर्यटन को वापस अपनी धुरी पर लाने के लिए कमान हाथ में लेते नजर आ रहे हैं। नैनीताल नागरिक मंच ने भी 17 जून से अनिश्चितकालीन बंद की धमकी वापस ले ली है।इसके साथ ही नगर में वाहनों की कमी के साथ सैलानियों की रौनक लौटती भी नजर आ रही है। नगर में फिर पहले की तरह जाम और भीड़भाड़ हो गयी है।

इससे पूर्व बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने इस बाबत पत्रकार वार्ता की, और बताया कि कई संगठनों के लोग उनसे नगर के पर्यटन को हो रहे नुकसान की शिकायत लेकर मिले, इसके बाद उन्होंने डीएम एवं अन्य अधिकारियों को कुछ निर्देश दिये हैं। नये निर्देशों के तहत सैलानियों को जहां रोका जाएगा, वहां पुलिस के अलावा होटल, टैक्सी आदि संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों की कोर कमेटी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे, ताकि सैलानियों के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार पुलिस या किसी के भी स्तर से न होने पाये। इसके अलावा सैलानियों को मुख्यालय में लाने के लिए एयरकंडीशन्ड बसों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही कहा कि सैलानियों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
वहीं इधर नगर में बृहस्पतिवार को जहां वाहनों की संख्या बेहद सीमित रही, अलबत्ता सैलानियों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गयी। इससे नगर की माल रोड व नैनी झील सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर वाहनों के बिना सैलानियों की रौनक लौटती नजर आई।

नागरिक मंच ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व सुप्रीम कोर्ट सहित कई को भेजी थी 17 से बेमियादी बंद की जानकारी

नैनीताल। जिला प्रशासन की अपने वाहनों से बिना पार्किंग की व्यवस्था किये आ रहे सैलानियों के प्रति बरती जा रही कड़ाई के बाद नैनीताल नागरिक मंच ने जहां आगामी 17 जून से अनिश्चितकालीन बंद की धमकी देते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व सुप्रीम कोर्ट व उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय कानून मंत्री, पर्यटन मंत्री, स्थानीय सांसद व विधायक आदि को शुक्रवार को ज्ञापन भिजवाये थे, अलबत्ता शाम को जिला प्रशासन से वार्ता के बाद बंद का फैसला वापस ले लिया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि 12 जून को प्रशासन ने नगर में पार्किंग का स्थान उपलब्ध होने के बावजूद वाहनों को नगर से बाहर रोक दिया, साथ ही टैक्सी चालकों से दुर्व्यवहार किया, और कई टैक्सियां सीज कर दीं। इससे नगर का पर्यटन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है, और वर्ष 2013 की आपदा के बाद की जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है।

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-प्रशासन की सख्ती के बाद 60 फीसद से अधिक बुकिंग हुईं निरस्त, अन्य स्थानों को निकल गये सैलानी, या आये ही नहीं
-रानीबाग व कालाढुंगी से केवल दो-दो रोडवेज बस शटल सेवा के रूप में चल रही हैं

बुधवार दोपहर तल्लीताल डांठ पर सुनसानी का नजारा।
बुधवार दोपहर नैनीझील में नौकायन के लिए निकली गिनी-चुनी नौकाएं।
बुधवार दोपहर को नगर के व्यस्ततम मल्लीताल रिक्शा स्टेंड चौराहे पर वाहनों की सुनसानी का नजारा।

नैनीताल। सरोवरनगरी नैनीताल में जिला-पुलिस प्रशासन के मंगलवार से उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए पर्यटक वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं करने देने और समाचार पत्रों में बिना पार्किंग की व्यवस्था किये नैनीताल न आने के विज्ञापन देने के बाद नगर का पर्यटन अचानक से ध्वस्त होने की स्थिति में आ गया है। नगर में बाहरी सैलानियों के वाहनों की आवक नां के बराबर है, वहीं काठगोदाम-रानीबाग व कालाढुंगी से शटल सेवा के रूप में लगीं केवल दो अतिरिक्त रोडवेज की बसों से थोड़े-बहुत सैलानी ही नगर में आ पा रहे हैं। इससे नगर की सड़कें सुनसान हो गयी हैं। वहीं नैनी झील में भी नौकाओं की संख्या काफी कम रह गयी है, जबकि फ्लैट्स मैदान के खेल वाले हिस्से तक पहले से भरी पार्किंग से भी वाहन घट रहे हैं, नये नहीं आ रहे हैं। अलबत्ता, नगर में अभी मोबाइल दूरसंचार कंपनियांे, इंटरनेट आदि की सभी सरकारी-निजी कंपनियों की सेवाएं कन्जेशन के कारण बुरी तरह बाधित ही हैं।
एएसपी हरीश चंद्र सती ने बताया कि कल की तरह ही पर्यटक वाहनों को पहले कालाढुंगी व रानीबाग में रोककर यहां से लगायी गयीं दो-दो शटल रोडवेज बसों के माध्यम से नैनीताल भेजा जा रहा है। इन बसों के भरने और चलने के बाद वाहनों को नगर में पार्किंग में स्थान की उपलब्धता के आधार पर सीमित संख्या में नगर में भेजा जा रहा है। वहीं उन्होंने एवं एसएसपी जनमेजय खंडूड़ी ने आईजी कार्यालय में हुई मुलाकात में स्वीकारा कि प्रचार के बाद सैलानियों की नैनीताल की ओर आवक ही अत्यधिक घट गयी है। ऐसे में अब जाम की समस्या जैसी कोई स्थिति नहीं रह गयी है।

विरोध कर रहे संगठनों के बंद पर हित टकराये, मशाल जुलूस पर सिमटे

नैनीताल। मंगलवार को नैनीताल को बंद करने की धमकी दे रहे नैनीताल नागरिक मंच के होटल, टैक्सी व व्यापार मंडल आदि विभिन्न संगठनों में मंगलवार देर शाम हुई बैठक में आपसी हित टकराते दिखे। बैठक में जहां एक पक्ष के लोग तत्काल ही नगर में व्यापक व अनिश्चितकालीन बंद की पैरवी कर रहे थे, वहीं दूसरे इस पर राजी नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन लाल साह ने कहा कि पहले होटल अपने यहां सैलानी लेना भी बंद करें, तभी व्यवसायी भी दुकानें बंद करेंगे। इसके बाद किसी ने 15 जून को कैंची मेला, तो किसी ने ईद आदि का हवाला देते हुए तीन दिन मशाल जुलूस निकालने और इसके बाद बंद करने को कहा, और यही सर्वमान्य प्रस्ताव मान लिया गया।

नगर में एक वर्ग पर्यटकों के न आने से खुश भी

नैनीताल। पर्यटन से सीधे तौर पर न जुड़े लोगों का एक वर्ग नगर में पर्यटन गतिविधियां कमोबेश ठप होने, सड़कों पर जाम न लगने से खुश एवं उत्तराखंड उच्च न्यायालय की पहल का समर्थन करता भी नजर आ रहा है। उनका कहना है कि सीजन में वाहनों की भीड़भाड़ से दैनिक कार्य प्रभावित हो जाते हैं। पर्यटक वाहन नहीं आयेंगे तो वे कहीं आ-जा तो पाएंगे। अलबत्ता, यह बताना समीचीन होगा कि नैनीताल नगर में जो कुद भी है, वह परोक्ष-अपरोक्ष तौर पर पर्यटन से ही जुड़ा है। नगर में पर्यटन न होता, तो शायद यहां जिला व मंडल मुख्यालय तथा अन्य उच्च विभागीय कार्यालय भी न होते। तथा इनके न होने पर यहां कितने लोग होते, तथा नैनीताल नगर जिले की अन्य झीलों सूखाताल, सातताल या नौकुचियाताल से कितना अलग होगा, समझना अधिक कठिन नहीं है।

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मंगलवार को तल्लीताल में जाम लगाने के साथ ही एडीएम व एएसपी के समक्ष जिला प्रशासन व हाईकोर्ट के खिलाफ नारेबाजी करते विभिन्न संगठनों के लोग।

-हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जिला-पुलिस प्रशासन के द्वारा नगर में पर्यटक वाहनों का प्रवेश रोकने पर गुस्साए विभिन्न संगठनों से लगाया जाम
नैनीताल, 9 जून 2018। नैनीताल जिला-पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए सुबह 9 बजे से पर्यटक वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं करने दिया। वाहनों को हल्द्वानी रोड पर 8 किमी पहले रूसी बाईपास, कालाढुंगी रोड पर खुर्पाताल एवं भवाली रोड पर पाइंस के पास रोक दिया। इससे आक्रोशित नगर के होटल, टैक्सी, व्यापारियों आदि के विभिन्न संगठनों, नैनीताल नागरिक मंच के लोगों ने नगर के मुख्य तल्लीताल डाँठ चौराहे पर जाम लगा दिया। इस दौरान जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे व समझाने का नाकाम प्रयास किया। वहीं लोगों ने अधिकारियों के सामने ही जिला प्रशासन के साथ ही उत्तराखंड हाइकोर्ट के विरोध में भी जमकर नारे लगाये। साथ ही आगे 24 घंटे में हल न निकलने पर नैनीताल नागरिक मंच की ओर से नैनीताल में होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी आदि समस्त पर्यटन गतिविधियां बंद करने की डीएम व एसएसपी के समक्ष घोषणा की गयी।
इससे पूर्व सुबह बताया गया कि सोमवार को उच्च न्यायालय में नैनीताल के जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन व एसएसपी जनमेजय खंडूड़ी को करीब डेढ़ माह पुराने, पार्किंग की पहले से बुकिंग न कराने वाले सैलानियों को नगर में प्रवेश न करने देने व नगर में वाहनों का जाम लगने पर लगी फटकार के बाद पुलिस-प्रशासन ने अपने निजी वाहनों से नैनीताल आ रहे पर्यटकों को सुबह 9 बजे के करीब नगर से बाहर ही रोक दिया, और बसों-शटल टैक्सियों के माध्यम से नगर को भेजा। वहीं टैक्सी यूनियन का आरोप था कि पुलिस ने खुर्पाताल की ओर कुछ टैक्सी वालों की कथित तौर पर पिटाई भी की। इससे गुस्साए टैक्सी-ट्रेवल यूनियन, होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन व व्यापार मंडल तथा नैनीताल नागरिक मंच के साथ ही पार्किंग व लेक ब्रिज चुंगी के व्यवसाय से जुड़े लोग सुबह साढ़े 10 बजे के करीब तल्लीताल डांठ पर जमा हो गये, एवं जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे एएसपी हरीश चंद्र सती व एडीएम हरबीर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का काफी प्रयास किया। इस दौरान बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डा. आरके वर्मा के बीमार पिता सहित कई रोगी, बच्चे आदि भी जाम में फंसे रहे। आखिर एक बजे के करीब प्रदर्शनकारी अधिकारियों की डीएम-एसएसपी के सीएम की वीडियो कांफ्रेंस के बाद दो बजे तक कोई हल निकलने के आश्वासन पर जाम लगाने पर माने। दो बजे के बाद डीएम-एसएसमी बैठक के बाद प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे, और उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए मजबूरी बताई। इस पर नैनीताल नागरिक मंच के अध्यक्ष किसन नेगी ने शाम को रात्रि आठ बजे होटल-रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष दिनेश साह के प्रतिष्ठान में सभी संगठनों की बैठक करने और प्रशासन को समाधान के लिए 24 घंटे का समय देते हुए इसके बाद मुख्यालय में सब कुछ बंद कर देने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में टैक्सी-ट्रेवल यूनियन के अध्यक्ष नीरज जोशी, नगर के बड़े होटलों, मनु महारानी व विक्रम विंटेज के जीएम, दिग्विजय बिष्ट, आलोक साह, बृज साह सहित अनेक होटल मालिक एवं अन्य पर्यटन से जुड़े व्यवसायी भी पहली बार किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होते दिखे।

पार्किंग बुकिंग और हाईकोर्ट सहित बड़े कार्यालयों में भी पार्किंग की सुविधा ही नहीं

नैनीताल। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने नगर में सैलानियों के लिए पार्किंग की अग्रिम बुकिंग कराये बिना वाहनों का प्रवेश नहीं कराने के आदेश जारी किये हैं, लेंिकन सच्चाई यह है कि नगर में पार्किंग बुकिंग कराने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। इस हेतु होटल एसोसिएशन ने एक मोबाइल ऐप बनाने की कोशिश की थी, पर बताया गया कि उच्च न्यायालय की कसौटी पर वह ऐप खरा नहीं उतरा। नगर में पिछले दो दशकों में 200 वाहनों की पार्किंग की अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गयी है। यही नहीं उच्च न्यायालय के साथ कुमाऊं कमिश्नरी, कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी, डीएम एवं एसएसपी व जिला न्यायालय जैसे उच्चाधिकारियों के कार्यालयों में दर्जनों-सैकड़ों लोगों-वादकारियों के प्रतिदिन आने के बावजूद वाहनों के पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इधर प्रशासन द्वारा पिछले एक वर्ष से एडीबी के माध्यम से करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से नारायणनगर में करीब 300 वाहनों की पार्किंग निर्माण की स्वीकृति को बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया गया। नगर में अशोक टॉकीज की जगह करीब 400 वाहनों की यांत्रिक पार्किंग के साथ ही जिला प्रशासन की ओर से एचएमटी रानीबाग में करीब 500 तथा कैलाखान में भी पार्किंग विकसित करने की जानकारी दी गयी, लेकिन यह बातें भी धरातल पर कहीं नहीं उतरी हैं। जबकि नैनीताल पुलिस द्वारा उच्च न्यायालय में दिये गये हलफनामे में नगर में सीजन में 4000 वाहनों के प्रवेश करने और नगर में करीब 1200 वाहनों की पार्किंग की सुविधा ही उपलब्ध होने की बात भी कही गयी है।

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10 जून 2018 को रानीबाग में सैलानियों के स्वागत के बजे नैनीताल पुलिस द्वारा लगाया गया ‘नैनीताल हाउसफुल’ का बोर्ड

नैनीताल, 9 जून 2018। सरोवरनगरी में सैलानियों की पिछले वर्ष से कम आवक की हर ओर से सुनी जा रही शिकायतों के बावजूद शनिवार को वाहनों की आवक नगर की क्षमता से पार हो गयी। इस पर निजी छोटे वाहनों से सरोवरनगरी आ रहे सैलानियों को दोपहर से पहले ही पुलिस के द्वारा पहले कालाढुंगी, फिर हल्द्वानी, रानीबाग और रूसी बैंड से आगे आने से रोक दिया गया। इसके बावजूद नगर की सड़कें भी वाहनों से पटी रहीं, और पूरे दिन यातायात रैंगता नजर आया। एएसपी हरीश चंद्र सती व सीओ विजय थापा आदि दोपहर 12.30 बजे स्वयं सड़क पर उतरे और लाउडस्पीकर के माध्यम से वाहनेां से आ रहे सैलानियों को सूचना दी कि नगर की फ्लैट्स मैदान एवं शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल के मैदान की प्रमुख पार्किंगें पूरी तरह भर गयी हैं। लिहाजा अब वाहनों को नगर से बाहर नारायण नगर ले जाकर पार्क करें।

शनिवार को हर ओर वाहनों से पटे नैनीताल नगर का एक बिहंगम नजारा।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नगर की सभी पार्किंग के पूरी तरह से भर जाने के कारण अब नगर में वाहनों को पार्क करने की बिलकुल भी सुविधा उपलब्ध नहीं है, इसलिए वाहनों को पहले कालाढुंगी में रोककर हल्द्वानी को भेजा जा रहा है, और हल्द्वानी से अपने वाहनों के बजाय रोडवेज की बसों से आने को कहा जा रहा है। इसके बाद भी आगे आ रहे वाहनों को रानीबाग से भीमताल की ओर भेजा जा रहा है। बावजूद आने वाले वाहनों को रूसी बैंड बाइपास से नगर की ओर नहीं आने दिया जा रहा है, तथा बाईपास से नारायण नगर की ओर भेजकर वहीं रुकने व शटल टैक्सी से नगर में आने को कहा जा रहा है।

कैसा पर्यटन प्रदेश, कैसा उद्योग के दर्जे वाला पर्यटन, डेढ़ दशक में पार्किंग क्षमता 100 भी नहीं बढ़ी
नैनीताल। सैलानियों को नैनीताल आने से रोके जाने पर होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों में खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ दशक में नगर में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है, और तभी से प्रशासन से नयी पार्किंग बनाने के लिए कहा भी जाता है, किंतु डेढ़ दशक में नगर में 100 वाहनों की नयी पार्किंग भी तैयार नहीं की जा सकी है। ऐसे में सरकार का राज्य को पर्यटन प्रदेश कहना और पर्यटन को उद्योग का दर्जा देना बेमानी हो जाता है।

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शनिवार को पुलिस द्वारा जिला अस्पताल के सामने चेन से बांधे गये दोपहिया वाहन।

-एक दिन में 619 वाहनों के चालान कर वसूला 75,950 रुपए जुर्माना, 23 वाहन भी किए सीज, कप्तान से मिले भाजपा अध्यक्ष
नैनीताल। नैनीताल पुलिस शनिवार को नगर में अधिक भीड़भाड़ न होने के बावजूद आवश्यकता से अधिक सक्रिय व चालान करने की हड़बड़ी में दिखी। हद से अधिक सक्रियता दिखाते हुए पुलिस ने पूर्व में स्वयं ही तय किये गये बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के सामने के स्थान पर खड़े दोपहिया वाहनों को भी सीज और चालान कर दिया। कई दोपहिया वाहनों पर चेन लगाकर ताले लगा दिये, इससे कई लोग स्कूल की छुट्टी के समय बच्चों को लेने भी नहीं जा पाये।इस पर नगर वासियों, रोगियों के तीमारदारों में पुलिस के प्रति गहरी नाराजगी देखी गयी। कई लोगों की पुलिस से झड़प भी हुई। यहां तक कि सत्तारूढ़ भाजपा कार्यकर्ताओं का भी पारा चढ़ गया। इसी कड़ी में भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज जोशी की अगुवाई में शिष्टमंडल ने जिले के पुलिस कप्तान से मिल कर शिकायत की, उनका कहना था कि इस स्थान पर सड़क चौड़ी हेै, तथा यहां सामने ही अस्पताल, शौचालय व बाजार है, लिहाजा दोपहिया वाहन खड़े करने दिये जाएं। जोशी ने बताया कि एसएसपी ने पूर्व की तरह वाहन खड़े करने की इजाजत देने का आश्वासन दिया। शिष्टमंडल में अरविंद पडियार, विवेक साह, विक्की जुनेठा, नितिन कार्की, दीप नारायण, विकास जोशी, कुंदन बिष्ट, भानु पंत, उमेश गड़िया, मनोज जगाती व मोहित रौतेला आदि मौजूद रहे।

नैनीताल में 54 सहित जिले में सैकड़ों वाहनों के किये गये चालान
नैनीताल। रोज की बजाय एक ही दिन में मानो चालान के रिकार्ड पूरे करने निकली नैनीताल पुलिस ने शनिवार को जिले भर में वाहनों के जबर्दस्ती चालान करने का अभियान चलाया। पुलिस द्वारा ही उपलब्ध कराये गये आंकड़े गवाह हैं कि किस तरह कार्रवाई की गई। कोतवाली मल्लीताल द्वारा कुल 44 चालान कर संयोजन शुल्क 6000, तल्लीताल द्वारा 10 चालान, एक सीज कर 1900 जुर्माना वसूला। इसी तरह थाना मुक्तेश्वर द्वारा 8 चालान, एक सीज, 800 जुर्माना, बेतालघाट द्वारा 15 चालान, 5 सीज, 7000 जुर्माना, रामनगर द्वारा 47 चालान, 3 सीज, 9700 जुर्माना, लालकुआ द्वारा 21 चालान, 2450 जुर्माना, हल्द्वानी द्वारा 46 चालान, 5800 जुर्माना, मुखानी द्वारा 21 चालान, 3100 जुर्माना, बनभूलपुरा द्वारा 17 चालान, 2100 जुर्माना, काठगोदाम द्वारा 50 चालान, 6000 जुर्माना, चोरगलिया द्वारा 8 चालान, 5 सीज, 1900 जुर्माना, यातायात पुलिस हल्द्वानी द्वारा 42 चालान, 6 सीज व 6200 जुर्माना तथा सीपीयू हल्द्वानी द्वारा 286 चालान, 3 सीज व 23000 जुर्माना वसूला गया। इस प्रकार कुल 619 वाहनों के चालान कर कुल 75,950 रुपए जुर्माना वसूला गया, जबकि 23 वाहन सीज किये गए। सवाल उठता है कि पुलिस रोज इतनी ही सक्रिय क्यों नहीं रहती है। ऐसा क्यों कि पहले लोगों को अनुशासन तोड़ने का मौका दो, और जब वे अनुशासन तोड़ना सीख लें तो पकड़ो। नियम रोज के लिए क्यों लागू नहीं रखे जा सकते ? और खासकर नैनीताल के मामले में पुलिस खुद ही जिला अस्पताल के सामने बनाई गयी पार्किंग को क्यों बंद कर रही है, जबकि इसके बंद करने से हर किसी को परेशानी है। आखिर पुलिस-प्रशासन के फैसले जनता के हित के लिए ही तो होने चाहिए कि नहीं !

दीपक तले अधेरा: राज भवन रोड पर पुलिस लाइन, प्राधिकरण, कमिश्नरी, कलक्ट्रेट, एसएसपी ऑफिस व कचहरी के बाहर अक्सर जबर्दस्त जाम

-जिले-मंडल में व्यवस्थाएं बनाने वाले कार्यालयों के पास नहीं हैं अपने पार्किंग स्थल, इनके आगे ही सड़क पर खड़े होते हैं वाहन
नैनीताल। बोर्ड की परीक्षाओं के बीच नगर के प्रमुख स्कूलों के मार्ग पर पुलिस लाइन से लेकिन जिला विकास प्राधिकरण, कुमाऊं आयुक्त कार्यालय, जिला सत्र न्यायालय, एसएसपी कार्यालय, जिला कलक्ट्रेट में जिला अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय से लेकर राजभवन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जबर्दस्त जाम लग रहा है। इससे परीक्षार्थियों को भी परीक्षा में पहुंचने में देरी हो रही है। उल्लेखनीय है कि यह मार्ग बेहद संकरा है, बावजूद सड़क के किनारे वाहन खड़े रहते हैं, और परीक्षा के दौरान भी पुलिस की ओर से वाहनों के आवागमन साफ करने की विशेष पहल नहीं की जा रही है। वहीं इतने महत्वपूर्ण कार्यालय जहां जिले व मंडल भर में यातायात व्यवस्थाएं बनाने के लिए पहल करते हैं, किंतु इनके खुद के पास पार्किंग स्थल नहीं हैं, जोकि अपने आप में ‘दीपक तले अंधेरा’ जैसी स्थिति है।

चार बहुमंजिला पूर्णतया ऑटोमेटेड पार्किंग का स्वीकृत प्रस्ताव गायब !

नैनीताल। २०१५ में सरोवरनगरी में शुरुआत में २५३ व बाद में ४०० वाहनों की विस्तारित क्षमता की चार, चार मंजिला पूर्णतया ऑटोमेटेड मल्टी स्टोरी पार्किंग स्वीकृत हो गयी थीं। इनमें से ८.५ करोड़ की लागत से तीन पार्किंग मल्लीताल में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के पास, नगर पालिका कार्यालय के पीछे पुराने घोड़ा स्टेंड में और पुलिस कोतवाली के पीछे पुराने कोयला टाल में एशियाई विकास बैंक के जरिए, जबकि चौथी लोक निर्माण विभाग के माध्यम से कालाढुंगी रोड पर नगर से करीब छह किमी दूर नारायणनगर में बननी प्रस्तावित थी। एडीबी ने इन पार्किंगों के लिए निविदा की प्रक्रिया भी पूरी की। किंतु अज्ञात कारणों से प्रस्ताव ही गायब हो गये। इधर बमुश्किल कुमाऊं आयुक्त ने नारायणनगर वाली पार्किंग के लिये ठीक चुनाव से पहले कुछ हरकत की थी, लेकिन फिर नतीजा सिफर ही रहा है। उल्लेखनीय है कि नगर में वर्तमान में पार्किंग की ढांचागत सुविधा के नाम पर एकमात्र सूखाताल स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम की पार्किंग ही उपलब्ध है, जिसका नगर से दूर होने की वजह से पूरा उपयोग नहीं हो पाता है। इन दिनों इस पर्किंग में निगम मुख्यालय भी संचालित हो रहा है। ऐसी स्थिति में नगर के एकमात्र खेल के मैदान फ्लैट्स पर खेल गतिविधियां रोककर वाहनों को खड़ा करने की नौबत आना आम बात है। डीएम की कस्टडी में मौजूद शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल के मैदान का प्रयोग भी पार्किंग के लिए करना पड़ता है। पूर्व में हनुमानगढ़ी में एक पार्किंग प्रस्तावित की गई थी, लेकिन पर्यावरण प्रेमियों के हस्तक्षेप से वह भी नहीं बन पाई थी। इस दौरान नगर में पार्किंग तो नहीं बनीं, उल्टे नगर पालिका के पीछे की घोड़ा स्टेंड पार्किंग को पार्क बना दिया गया।

सरोवरनगरी में पार्किग स्थलों की वाहन क्षमता :

  • डीएसए मैदान- ३००
  • मोहन-को पार्किग-३०
  • हल्द्वानी रोड-५०
  • मेट्रोपोल (अस्थायी)-६००
  • सूखाताल- ३००
  • अंडा मार्केट-२०
  • इसके अलावा बड़े होटलों की पार्किग में करीब ७०० वाहन पार्क किए जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : 2013 की आपदा से अभी भी नहीं उबर पाया नैनीताल का पर्यटन

-अभी भी 2013 के स्तर पर है नैनीताल में आने वाले सैलानियों की संख्या
नवीन जोशी, नैनीताल। जी हां, वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा से कमोबेश बेवजह और तत्कालीन सरकार द्वारा किये गये दुष्प्रचार के कारण सैकड़ों किमी दूर नैनीताल जनपद के पर्यटन को तब तो बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ ही, लेकिन इसके बाद भी नगर के पर्यटन को ऐसे बड़े झटके लगते रहे हैं कि यह चार वर्षों के बाद भी बुरे दौर से उबर नहीं पाया है। स्थिति यह है कि 2017 में भी नगर में करीब उतने ही सैलानी पहुंचे हैं, जितने 5 वर्ष पूर्व 2012 में पहुंचे थे। इसके साथ ही यहां पहुंचने वाले सैलानियों के बीते तीन वर्षों के आंकड़े देखें तो वर्ष-दर-वर्ष सैलानियों के पहुंचने की दर लगातार घटती जा रही है।

सिंगापुर-मैक्सिको की संस्थाएं तैयार करेंगी उत्तराखंड के सभी भवनों का विस्तृत जोखिम आंकलन

नैनीताल, 7 मार्च 2018। उत्तराखंड प्रदेश में सभी तरह के सरकारी, गैर सरकारी, रिहायसी, व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कालेज सहित अन्य भवनों का एक विस्तृत जोखिम आंकलन किया जा रहा है, ताकि इसका उपयोग विकास योजनाओं में करते हुये एक आपदा प्रतिरोधक समाज की स्थापना की जा सके। इस हेतु राज्य सरकार ने सिंगापुर की संस्था डीएचआई को चयनित किया है। डीएचआई अपनी तकनीकी सहयोगी ईआरएम मैक्सिको, एशियन तकनीकी संस्थान व भू-वेधशाला, सिंगापुर के साथ मिलकर कार्य कर रही है। योजना के तहत राज्य के सभी जनपदों में समस्त सरकारी, गैर सरकारी, रिहायसी-गैर रिहायसी एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कालेज तथा अन्य भवनों का सर्वे कार्य किया जा रहा है।
बुधवार को कुमाऊं मण्डल के जिला स्तरीय अधिकारियों की उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में आयोजित एक दिवसीय आपदा आंकलन एवं न्यूनीकरण कार्यशाला में यह जानकारी दी गयी। कार्यशाला का शुभारम्भ उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के निदेशक अवनेन्द्र सिंह नयाल ने करते हुए बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों के साथ आपदा पूर्व तैयारियां, न्यूनीकरण, प्रतिवेदन तथा पुनः प्राप्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर रणनीति बनाना व चर्चा करना है। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये आपदा न्यूनीकरण एवं जोखिम आंकलन मास्टर ट्रेनर श्री टॉम व डा. पीडी माथुर ने कहा कि उत्तराखण्ड एक मध्य हिमालयी राज्य है। भूगर्भीय संरचना, अत्यधिक वर्षा एवं अन्य कारक इस राज्य को प्राकृतिक घटनाओं के प्रति अतिसंवेदनशील बनाते हैं जिसमें भूकम्प, भूस्खलन, त्वरित बाढ़, बादल फटना आदि प्रमुख हैं। राज्य का समग्र, आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय विकास तभी सम्भव है जब हम इन प्राकृतिक आपदाओं के खतरों को भांपते हुये अनियोजित विकास पर विराम लगायें व समाज को जागरूक कर क्षमता वृद्धि करें।

पर्यटन विभाग द्वारा जनपद के होटलों में आने वाले सैलानियों की संख्या के आधार पर तैयार पर्यटन सांख्यिकी के अनुसार राज्य बनने के 17 वर्षों में जनपद में आने वाले सैलानियों की संख्या में सरसरी तौर पर देखने पर करीब तीन गुने की बढ़ोत्तरी दिखती है, किंतु 17 वर्षों के औसत के लिहाज से देखें तो यह 8.99 फीसद यानी नौ फीसद से भी कम है। वहीं पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े देखने पर पर्यटन का घटना साफ तौर पर नजर आ रहा है। वर्ष 200-09 के बीच जनपद के पर्यटन में जहां 21.32 फीसद की रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गयी थी, वहीं 2012 में जनपद में 9,06,333 सैलानी पहुंचे थे। लेकिन ठीक ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के बीच 15-16 जून 2013 में सैकड़ों किमी दूर केदारनाथ और धारचूला से आगे कैलाश मानसरोवर यात्रा के मार्ग पर आई आपदा से यहां का पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्मरणीय रहे कि तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा ने राष्ट्रीय मीडिया में पूरे प्रदेश को आपदाग्रस्त बताते हुए सैलानियों से प्रदेश में न आने को कह दिया था। ऐसी स्थितियों में 2013 में जनपद में माइनस 1.3 फीसद के नुकसान के साथ 7,44,218 सैलानी ही आये। स्थितियां आगे भी बेहतर नहीं हुईं, बल्कि विज्ञापनों आदि के जरिए स्थितियों में भरपाई के प्रयास भी नदारद रहे। फलस्वरूप 2014 में केवल 1.86 फीसद की बढ़ोत्तरी के साथ 7,58,123 सैलानी ही आये। इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद जिले का पर्यटन 7.6 फीसद चढ़ा तो आगे नोटबंदी व जीएसटी जैसे ‘इमानदारी के प्रयासों’ के फलस्वरूप अगले वर्षों में पर्यटन तो बढ़ा किंतु इसकी दर वर्ष-दर-वर्ष गिरती रही है। 2015-16 के बीच यह 7.06 फीसद रही तो बीते वर्ष 9,17,652 सैलानियों की संख्या के साथ 2016-17 के बीच बढ़ोत्तरी की दर केवल 5.06 फीसद रही है।

नैनीताल जनपद की पर्यटन सांख्यिकी:

वर्ष       देशी सैलानी विदेशी सैलानी कुल

2001    356941      5793               362734

2002    412440      4224               416664

2003    441593      4839               446432

2004    478133      6277               484410

2005     510957     6789               517748

2006     554527     7533               562060

2007     580079     9437              589516

2008     615469     7070              622539

2009     749556     5722              755278

2010     786705     7123              793828

2011     834405     9410              843815

2012     898077    8256              906333

2013     737130    7088              744218

2014     750501    7622              758123

2015      808903    6902             815805

2016      866164    7231             873395

2017      910323    8329             917652

2015-16 के बाद लगातार 10-15 फीसद गिरा बड़े होटलों का कारोबार
नैनीताल। जनपद की पर्यटन सांख्यिकी की तर्ज पर ही नगर के बड़े होटलों का कारोबार भी लगातार गिर रहा है। नगर के शेरवानी हिलटॉप इनके के मैनेजर कमलेश सिंह के अनुसार वर्ष 2015 में नगर के होटलों ने अच्छा कारोबार किया था, लेकिन इसके बाद 2016 में 10 और इधर 2017 में 10 से 15 फीसद तक कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद नगर के 7.5 हजार रुपए से अधिक किराये वाले स्तरीय होटल 28 फीसद टैक्स के दायरे में आ गये हैं। इसके साथ ही नगर में बसों का प्रवेश प्रतिबंधित होने से बेहद मामूली मार्जिन पर कार्य करने वाले टेªवल एजेंटों का कारोबार चौपट हो गया है, इस कारण नगर में अच्छे पर्यटन समूहों का आना कमोबेश पूरी तरह से बंद हो गया है। यह नगर के पर्यटन कारोबार के गिरने की मुख्य वजह है।

महीनेवार पर्यटक सांख्यिकी नैनीताल 2012
भारतीय विदेशी योग
जनवरी 50130 624 50754
फरवरी 28676 930 29606
मार्च 32908 995 33903
अप्रैल 53748 952 54700
मई 112092 575 112667
जून 285565 533 285998
जुलाई 84074 408 84482
अगस्त 58418 419 58837
सितम्बर 54236 512 54748
अक्टूबर 66578 861 67439
नवम्बर 34990 829 35819
दिसम्बर 36762 618 37380
योग:- 898077 8256 906333

महीनेवार पर्यटक सांख्यिकी नैनीताल 2013
भारतीय विदेशी योग
जनवरी 54140 590 54730
फरवरी 32977 724 33701
मार्च 362032 1259 37491
अप्रैल 58748 1067 59815
मई 121254 503 121757
जून 254098 408 254506
जुलाई 18074 214 18288
अगस्त 16077 276 16353
सितम्बर 32542 322 32864
अक्टूबर 46605 671 47276
नवम्बर 31123 556 31679
दिसम्बर 35260 498 35758
योग:- 737130 7088 744218

महीनेवार पर्यटक सांख्यिकी नैनीताल 2014
भारतीय विदेशी योग
जनवरी 52516 486 53002
फरवरी 32395 518 32913
मार्च 33334 990 34324
अप्रैल 54049 1070 55119
मई 111554 453 112007
जून 272247 394 272641
जुलाई 20298 402 20700
अगस्त 19292 314 19606
सितम्बर 33619 885 34504
अक्टूबर 48935 435 49370
नवम्बर 33612 930 34542
दिसम्बर 38650 745 39395
योग:- 750501 7622 758123
पर्यटक सांख्यिकी नैनीताल 2015
भारतीय विदेशी योग
ज्नवरी 34338 556 34894
फरवरी 55666 515 56181
मार्च 35886 1223 37109
अप्रैल 56692 796 57488
मई 117131 564 117695
जून 3,00,424 259 3,00,683
जुलाई 22157 253 22410
अगस्त 20111 319 42840
सितम्बर 35292 344 35636
अक्टूबर 52849 575 53424
नवम्बर 36600 807 37407
दिसम्बर 41742 791 42533
योग:- 8,08,903 6902 8,15,805

महीनेवार पर्यटक सांख्यिकी नैनीताल 2016
भारतीय विदेशी योग
जनवरी 52740 545 53285
फरवरी 37102 817 37919
मार्च 38756 1032 39788
अप्रैल 61344 880 62224
मई 126501 491 126992
जून 3,82,446 302 3,82,748
जुलाई 23974 362 24336
अगस्त 12128 264 12392
सितम्बर 37057 509 37566
अक्टूबर 55491 722 56213
नवम्बर 38795 608 39403
दिसम्बर 43830 696 44526
योग:- 8,66,164 7,231 8,73,395

महीनेवार पर्यटक सांख्यिकी नैनीताल 2017
भारतीय विदेशी योग
जनवरी 55,910 552 56462
फरवरी 39328 891 40219
मार्च 40693 1342 42035
अप्रैल 66152 1102 66254
मई 1,37,122 375 1,37,497
जून 3,59,288 394 3,59,682
जुलाई 24155 340 24495
अगस्त 15,405 372 15777
सितम्बर 33507 328 33835
अक्टूबर 52605 993 53598
नवम्बर 40,508 1021 41,529
दिसम्बर 45,650 619 46,269
योग:- 9,10,323 8,329 9,17,652

हद है, राज्य बनने के बाद औसतन सवा फीसद ही बढ़े नैनीताल में विदेशी सैलानी

English Tourists (1)

-पिछले पांच वर्षों में तो विदेशी सैलानियों की संख्या में हो गयी करीब 27 फीसद की कमी 

-कुल आने वाले सैलानियों में भी राज्य बनने के बाद औसतन सवा आठ फीसद की दर से ही बढ़त
नवीन जोशी, नैनीताल। जी हां, पर्यटन प्रदेश कहे जाने वाले उत्तराखंड प्रदेश में पर्यटन शहरों में सर्वप्रमुख सरोवरनगरी नैनीताल में भले सीजन में पर्यटकों की जितनी बढ़ी संख्या, भीड़-भाड़ दिखाई देती हो, पर पर्यटन विभाग के आंकड़े गवाह हैं कि प्रकृति के स्वर्ग कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी में अपार संभावनाओं के बावजूद विदेशी सैलानियों की संख्या राज्य बनने के डेढ़ दशक में औसतन महज सवा फीसद (1.26 फीसद) की दर से ही बढ़ रही है। वहीं इधर तो हालात और भी बुरे हैं। पिछले पांच वर्षों में तो विदेशी सैलानियों की संख्या में करीब 27 फीसद की कमी हो गयी है। नगर में कुल आने वाले सैलानियों की बात भी करें तो राज्य बनने के बाद औसतन सवा आठ फीसद की दर से बढ़ रही है।

English Tourists (2)

उल्लेखनीय है उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश के रूप में प्रदेश सरकारों के द्वारा खूब प्रचारित किया जाता है। प्रदेश में नैनीताल, मसूरी व कार्बेट पार्क रामनगर जैसे अपार पर्यटन संभावनाओं वाले अनेक पर्यटन स्थलों वाले प्रदेश में ऐसी संभावनाएें भी मौजूद हैं। लेकिन सरकारी उदासीनता के चलते राज्य बनने के बाद पर्यटन विभाग का ठीक से ढांचा ही न बन पाने और बेहतर ‘कनेक्टिविटी’ और प्रचार-प्रसार जैसे कारण राज्य के पर्यटन को गर्त में धकेल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य के पर्यटन को बढ़ाने के नाम पर मंत्रियों-विधायकों व नौकरशाहों के विदेशी दौरों की बात करें तो ऐसे कई दौरों पर साथ गये भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार जितना विदेशी धन इन लोगों के द्वारा खर्च किया गया है, उतना विदेशी धन राज्य में आये सैलानियों से प्राप्त नहीं हो पाया है। अधिकारी -जनप्रतिनिधि विदेशों में आयोजित होने वाले ‘ट्रेड फेयर’ और ‘ट्रेवल व टूरिज्म मेलों “के नाम पर होने वाले दौरों को तफरी के लिये ही अधिक लेते हैं, और वहां राज्य के पर्यटन को बढ़ाने के कोई प्रयास नहीं करते हैं। यहां तक ​​कि पिछले दिनों जर्मनी जैसे देशों में हुये मेलों में हिंदी में प्रदेश के पर्यटन के ब्रोशर बांटे गये। अधिकांश अधिकारी देश लौटने पर सरकार को अपनी रिपोर्ट भी नहीं देते हैं। आंकड़े भी इसके गवाही कर रहे हैं।

राष्ट्रीय सहारा, 22 जनवरी 2016
राष्ट्रीय सहारा, 22 जनवरी 2016

वर्ष 2001 में यहां 5793 विदेशी सैलानी आये थे , जबकि बीते वर्ष 2015 में यह संख्या केवल 6902 रही है। जबकि इससे पूर्व 2011, 4109 में में 8256, 12 और 2014 में 13 में 7088 के 7622 में साथ यह संख्या लगातार गिरती गयी है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व विदेशी सैलानियों की संख्या में वृद्धि हो रही थी। वर्ष 2009 व 10 के बीच वृद्धि दर 24.48 फीसद व 2010 व 11 के बीच वृद्धि दर 32 फीसद रही थी। इस बाबत नार्थ इंडिया होटल ऐसोसिऐशन के प्रबंधन कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य इन स्थितियों को स्वीकारते हुये कहते हैं कि राज्य के पर्यटन को अपनी साहसिक पर्यटन, योग, ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग जैसी विशेषताओं (यूएसपी) पर फोकस करते हुए अपने प्रचार को बढ़ाना तथा इस दिशा में ठोस कार्य करना होगा, तभी स्थितियां बेहतर हो सकती हैं, वरना मौजूदा ट्रेड तो स्थितियों के और भी बदतर होने का ही इशारा कर रहा है।

विदेशी सैलानियों की पसंद हैं बसंत व शरदकाल

नैनीताल। बीते वर्षों में सरोवरनगरी में आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या की वृद्धि दर देशी सैलानियों के मुकाबले अधिक रिकार्ड की गई है। विदेशी पर्यटकों के लिये बसंत व शरद ऋतुएें नगर में पहुंचने के लिये सर्वाधिक पसंदीदा समय रहते हैं। बीते वर्ष की बात करें तो यहां जनवरी में 515, फरवरी में 456, मार्च में 1223, अप्रैल में 796, मई में 564, जून में 259, जुलाई में 253, अगस्त में 319, सितंबर में 344, अक्टूबर में 575, नवंबर में 807 तथा दिसंबर में 791 विदेशी सैलानी पहुंचे। यह भी कहा जाता है कि सरोवरनगरी आने वाले विदेशी सैलानियों में सर्वाधिक संख्या अमेरिका और दूसरे स्थान पर इंग्लेंड, ग्रेट ब्रिटेन के सैलानियों की रहती है। इंग्लेंड व ग्रेट ब्रिटेन के कई सैलानी तो अपने पूर्वजों के निसान तलाशने भी यहां आते हैं।

केवल ढाई फीसद की दर से ही बढ़ रहा विदेशी सैलानियों का आना
नैनीताल। वैश्विक पहचान होने और जनपद में सरोवरनगरी नैनीताल व जिम कार्बेट पार्क जैसे स्थलों की मौजूदगी के साथ अपार संभावनाओं के बावजूद विदेशी सैलानियों की संख्या राज्य बनने के 17 वर्षों में औसतन महज ढाई फीसद (2.57 फीसद) की दर से ही बढ़ रही है। वहीं इधर तो हालात और भी बुरे हैं। वर्ष 2011 में जनपद में 9,410 विदेशी सैलानी पहुंचे थे, जबकि 2017 में 8,329 विदेशी सैलानी पहुंचे हैं, यानी यह संख्या 2011 से भी कम है।

ऐसे पर्यटन की चाह शायद किसी को नहीं

  • सड़कों पर हुआ सैलानियों-वाहनों का कब्जा, नगरवासी हुए पैदल चलने को मजबूर, खेल मैदान के वाहनों से पटने से बच्चे खेलने से महरूम
  • नैनी झील और माल रोड पर खुले में कर रहे शौच
  • निकटवर्ती क्षेत्रों के सैलानियों के भारी संख्या में उमड़ने से नगर की व्यवस्थाएं तार-तार

नवीन जोशी। नैनीताल। उत्तराखंड पर्यटन प्रदेश है। पर्यटन से यहां सर्वाधिक रोजगार मिलता है, तथा आगे भी अपार संभावनाएं हैं। किंतु सरोवरनगरी में पिछले दो दिनों से जिस तरह का पर्यटन नजर आ रहा है, शायद ऐसे पर्यटन की चाह किसी को न हो। यहां निकटवर्ती क्षेत्रों के सैलानियों के भारी संख्या में उमड़ने से नगर की व्यवस्थाएं तार-तार हो गयी हैं। खुद के वाहनों पर आकर, साथ में अपना दिन का भोजन लेकर आने वाले यूपी के सीमावर्ती रुहेलखंड मंडल के ये सैलानी न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को पलीता लगाते हुए अपनी प्राकृतिक सुंदरता व पर्यावरण के लिये वैश्विक महत्व की नैनी झील और नगर की शान माल रोड में खुले में शौच करने से भी बाज नहीं आ रहे, वहीं इन्होंने नगर की सड़कों पर कमोबेश कब्जा ही कर लिया है।

परिणामस्वरूप नगर के मूल वासी अपने वाहनों को घर पर ही रखकर पैदल चलने को मजबूर हो गये हैं। नगर का एकमात्र खेल मैदान, डीएसए फ्लैट्स भी इन सैलानियों के वाहनों से पट गया है, जिस कारण नगर बच्चे मैदान में सुबह-शाम खेलने से महरूम हो गये हैं। यह सैलानी न तो नगर के बड़े पंजीकृत होटलों की सेवाएं ले रहे हैं, और न ही नौकाओं पर नैनी झील की सैर करने का चाव ही इनमें दिख रहा है। अलबत्ता ये झील में पैदल ही उतर कर मछलियों को ब्रेड, बन के साथ नमकीन तक उड़ेल रहे हैं। अलबत्ता, इनकी वजह से नगर के गैर पंजीकृत और अवैध होटलों की जरूर पौ-बारह है। क्योंकि वहां ये कम दरों पर एक ही कमरे में दर्जनों की संख्या में रात्रि गुजार रहे हैं। ऐसे दर्जनों सैलानी बीती रात्रि फ्लैट्स मैदान, रोडवेज बस स्टेशन और पार्कों में भी सोते हुए मिले और सुबह खुले में ही शौच आदि नित्य कर्मों से निवृत्त भी हुए। इससे नगर में गंदगी का भी अंबार लग गया है।

बैंड स्टेंड व यहां लगे कुमाउनी संस्कृति के संग्रहालय को किया तबाह

नैनीताल। नगर के ऐतिहासिक धरोहर महत्व के, अंतर्राष्ट्रीय शिकारी व पर्यावरणविद् जिम कॉर्बेट द्वारा अपने पैंसे से निर्मित और इधर दशकों बाद जीर्णाेद्धार हुए ऐतिहासिक बैंड स्टेंड में इन दिनों कुछ कुमाउनी लोक संस्कृति के प्रेमी युवाओं ने बकायदा अनुमति लेकर आगामी 30 जून तक के लिये कुमाउनी संस्कृति का संग्रहालय स्थापित किया है। इधर बुधवार को ये युवा किसी कारण से संग्रहालय से दूर गये कि सैलानी संग्रहालय में चढ़ आये, और यहां लगी माता नंदा देवी के चित्र युक्त पोस्टर सहित कुमाउनी लोक संस्कृति से संबंधित अनेक पोस्टरों को पैरों तले कुचलकर और फाड़कर जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया। यही नहीं बैंड स्टेंड को पान-गुटखे की पीक से रंग डाला, और बैंड स्टेंड के बीच में बच्चों के शौच युक्त हगीज तथा अन्य गंदगी बिखेर दी। इससे आहत आयोजक युवाओं ने बताया कि वे संग्रहालय को तीन दिन पूर्व ही समेटने की सोच रहे हैं।

सैलानियों को नगर से बाहर ही रोके जाने की उठ रही मांग

नैनीताल। राष्ट्रीय सहारा ने सैलानियों की समस्या पर नगर वासियों से बात की। लोगों का कहना है कि पूर्व की तरह नगर के पैक होने पर सैलानियों को कालाढुंगी व रानीबाग में रोके जाने की व्यवस्था दुबारा से लागू की जानी चाहिये। वहीं ऐसे सैलानियों पर नकेल कसने के प्रबंध होने चाहिये। नैनी झील में उतर रहे और वहां मछलियों को चारा खिला रहे तथा पार्कों को नुकसान पहुंचा रहे सैलानियों का निर्धारित नियमों के अनुसार चालान व अन्य दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिये। जबकि इधर सैलानियों पर किसी भी तरह का नियंत्रण करने के लिये पालिका या पुलिस-प्रशासन के कर्मचारी कहीं भी नजर नहीं आ रहे हैं। साथ ही ऐसे पर्यटक वाहनों को नगर से बाहर ही पार्किंग स्थल विकसित करके या सड़कों पर ही खड़ा कर रोकने तथा उन्हें खासकर माल रोड पर न आने देने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।

मुद्दा : पर्यटक नगरी पर बोझ 2017 का, व्यवस्थाएं 1994 की
  • १७ वर्षों में नहीं बना पर्यटन विभाग का ठीक से ढांचा ही
  • १९९४ से नगर में व्यवसायिक निर्माणों पर रोक, यानी नहीं बढ़ी वैधानिक तौर पर ‘बेड कैपेसिटी’
  • सरोवरनगरी में पार्किंग क्षमता अधिकतम ढाई हजार, जबकि आते हैं सीजन में कई गुना वाहन

नवीन जोशी। नैनीताल। कहा जाता है कि पर्यटन उत्तराखंड प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य आधार हो सकता है, लेकिन असीमित संभावनाओं के बावजूद स्थितियां कैसी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकारी उदासीनता के चलते राज्य बनने के १७ वर्षों के बाद भी पर्यटन विभाग का ठीक से ढांचा ही ठीक से नहीं बन पाया है। वहीं प्रदेश में सर्वाधिक देशी-विदेशी को आकर्षित करने वाली विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सरोवरनगरी नैनीताल में १९९४ से सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर व्यवसायिक निर्माण प्रतिबंधित हैं। इसका अर्थ यह भी है कि इस दौरान नगर में कोई भी नया होटल अथवा नये कक्ष औपचारिक तौर पर नहीं बढ़े हैं, यानी नैनीताल २०१७ के पर्यटन का बोझ १९९४ की व्यवस्थाओं पर ही ढो रहा है। इसी तरह नगर में जहां अधिकतम दो हजार वाहनों को ही पार्क करने की व्यवस्था है, वहीं नगर में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के करीब डेढ़ माह हर दिन पांच से १० हजार तक वाहन पहुंचते हैं। वहीं करीब एक दशक से नगर के लिये बाइपास का निर्माण कार्य चल रहा है, परंतु दो वर्ष पूरा होने का दावा होने के बावजूद यह लगातार ढहने के कारण इसका आज भी उपयोग नहीं हो पा रहा है।प्रदेश में पर्यटन विभाग का ठीक से ढांचा ही न बना होने का परिणाम है कि पर्यटन विभाग का न राज्य के पर्यटन व्यवसायियों पर कोई नियंत्रण है, और न वह पर्यटकों की मदद या उन्हें सुविधाएें दिलाने में कोई मदद कर पाता है। सरोवरनगरी की बात करें तो यहां केवल १४४ होटल ही सराय एक्ट में पंजीकृत हैं। १९९४ से वैधानिक तौर पर एक भी नया होटल नहीं बना है, सो ‘बेड कैपेसिटी” भी नहीं बढ़ी है। साफ है इन १९ वर्षों में बढ़े पर्यटक दो दशक पूर्व की सुविधाओं से ही काम चलाने को मजबूर हैं। नगर की बाहरी शहरों से ‘कनेक्टिविट के लिहाज से ट्रेनों की संख्या में भी कोई खास वृद्धि हुई। पंतनगर के लिए नियमित हवाई सेवा कई बार शुरू होने के बाद बंद पड़ी है। सड़कों की स्थिति खासकर यूपी के रामपुर-बिलासपुर क्षेत्र में खासी  खस्ता है। राज्य बनने के बाद के एक दशक से अधिक समय में भी यहां वाहनों की पार्किंग सुविधा में भी औपचारिक तौर पर कोई वृद्धि नहीं हुई है। नगर में छोटे-बड़े कामचलाऊ पार्किंग स्थलों में मिलाकर अधिकतम दो हजार वाहनों के खड़े होने की जगह है, जबकि सीजन में कई दिनों में हर रोज पांच से दस हजार वाहन भी प्रवेश करते हैं। सैलानियों को नगर में पार्किंग की खोज में अनावश्यक यहां से वहां भागना पड़ता है, सो शहर में वाहनों की अनावश्यक भीड़भाड़ रहती है। वहीं नगर के प्रमुख आकर्षण माल रोड स्थित होटलों को वाहनों के खड़े होने की अनुमति न होने से सैलानी नहीं मिल पाते। सैलानी अनाधिकृत तौर पर चलने वाले सस्ते-सुविधाविहीन होटलों में रहने को मजबूर होते हैं, और इससे नगर की छवि खराब होती है।

कुल : अधिकतम करीब दो हजार वाहन।

Sl.

No.

Name,Address & Email of Hotel /Accomodational Unit Tel/Mobile/ Fax (with STD code) Category (star/Non Star/Haritage / Govt.Accmo Total Rooms Total Beds Min. & Max. Tariff/ Rates

(in Rs.)

Reservation Authority (incase of Govt. Accmo.)
A/c Non A/c No. of Beds in Dorm.
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
1 Alka

E-mail enfo@alka hotal.com

05942-236629 44   2800-8000
2 Manu Maharani

E-mail manumaharani @vsnl.com

05942-237342

Fax 2373501

67 134 6750-15000
3 Naini Retreat

E-mail nainital@ leisure hotels. in

05942-235108

Fax 235103

37 94 5000-7000
4 Arif Castle

E-mail nainital @ arifcastels. com

05942-235801

Fax 236231

66 132 4550-7700
5 Sherwani Hill Top Inn

E-mail hilltopinn. nainital@sherwanihotels

05942-233800

Fax 236304

35 70 12999-21999
6 Classic

E-mail classicnainital2009-1130@rediffmail. com

05942-235173 32 66 4500-10000
7 Balrampur House

E-mail balrampurhouse-ntl@ rediffmail.com

05942-236236

Fex 239902

15 30 3000-11000
8 Grand 05942-235406

Fax 237057

31 62 2400-4000
9 Evrest 05942-235453 39 112 2200-4900
10 Fair havens

E-mail fairhavens@rediffmail. Com

05942-236057

Fax 236604

Haritage 30 60 3500-5000
11 India 05942-235517

Fax 239018

49 126 900-3600
12 Ambassador 05942-235642 52 108 1250-2750
13 Aashiyana 05942-235542 6 18 1200-4000
14 Armadel 05942-235855 16 32 500-3000
15 Ankur Plaza 05942-235448 15 40 500-2500
16 Aroma 05942-235354 20 40 600-1600
17 Ahuja 05942-235561 15 30 2000-4500
18 Hotel A-1 05942-211102 8 16 450-999
19 Belveder 05942-237434 40 80 4000-6000
20 Broadway 05942-233202 23 53 400-950
21 Channi Raja 05942-235624 26 50 1200-5000
22 City Heart 05942-235226 19 44 1450-1500
23 Coronation 05942-263349 25 56 800-1000
24 Everest 05942-235435 39 112 2000-4400
25 Evelyn 05942-235457 56 130 1200-5000
26 Gauri 05942-236617 26 57 650-3550
27 Gurdeep 05942-235528 16 41 700-3600
28 Him Trek 05942-235578 21 58 1500-3000
29 Jagati 05942-235486 12 34 800-2500
30 Krishna 05942-231646 21 41 2000-4800
31 Konark 05942-235912 12 24 500-900
32 Lake View 05942-235632 20 40 900-1700
33 Anamika 05942-231176 16 32 1800-2600
34 Madhuban 05942-235522 22 47 14502450
35 Meghdoot 05942-235124 28 63 175-950
36 Maharaja 05942-235281 18 39 875-2475
37 Moon 05942-236318 43 94 400-2800
38 Nanak 05942-239047 12 24 1800-3500
39 Prime Rose 05942-237524     1850-2450
40 Prashant 05942-235347 34 88 975-2400
41 Pratap Regency 05942-235865 36 72 1500-3200
42 Prince 05942-236817 19 38 1250-2450
43 Prem Sarover 05942-235064 15 30 1250-2450
44 Sheela 05942-235184 36 80 350-900
45 Shalimar 05942-235432 72 168 600-2500
46 Sun Rise 05942-235749 12 24 700-1600
47 Sita Kiran 05942-237054 22 44 1800-2200
48 Welcome Park 05942-235552   46 2550-3150
49 Archana 05942-235884 20 40 50-375
50 Ashik 05942-235721 40 84 250-1000
51 Arif Castles 05942-235801 66 132 3600-6300
52 Bliss 05942-237043 10 20 300-800
53 Basera 05942-235885 14 28 600-800
54 Capri 05942-235690 20 40 300-1500
55 Deep Jyotl 05942-236934 13 26 200-500
56 Elrse Court 05942-236381 9 18 3000-8555
57 Elphiston 05942-235534 45 145 300-1000
58 Hill View 05942-235361 28 62 400-600
59 Lake Side Inn 05942-235777 19 40 1650-3500
60 Naini Vision 05942-235496 15 30 150-500
61 Natinol 05942-235537 24 49 150-450
62 Paryatak 05942-235815 12 24 100-250
63 Punjab 05942-235545 15 37 50-250
64 Royal 05942-236007 44 120 500-2000
65 Rose Villa 05942-231224 20 40 100-250
66 Radha Continental 05942-236267 33 69 1650-2450
67 Silverton 05942-235249 25 54 1500-2700
68 Sevoy 05942-235721 20 43 400-1200
69 Samart 05942-235768 12 24 200-800
70 Vinayak 05942-236906 16 32 100-400
71 Vikram Vintage 05942-236179 37 74 5000-7500
72 Sivraj 05942-235698 19 42 1450-2450
73 Tourist 05942-235580 13 26 200-800
74 Moon Guest House 9411681800     04   08 1200-2000  
75 Clifton House 05942-238788     04   08 1000  
76 Vrindavan Guest House 05942-235977     06   12 500-600  
77 Raj Guest House 05942-236297     04   08 200-450  
78 Lavila Guest House 05942-237042     04   08 500  
79 Imli Lodge 05942-235857     03   04 500  
80 Atithi Guest House 9411537627     04   08 800  
81 Surya Homes 9412327282     12   24 1200  
82 Narendra Guest Uouse 9837095702     04   08 2000  
83 Aursh Bhawali 05942-220073 40 80 350-950
84 Aursh Jyolikot 05942-224029      
85 The Cottage Jyolikot 05942-224013 5 10 1800-3500
83 Mukteshwar Himalayan Resorts

E-mai mukteshwar1-resort@Rediffmail.com

05942-286299     12   28 900-2000  
84 Red Roofs Mukteshwar

E-mail red roof@ rediffmail. com

05942-286299     06   12 1500-2000  
85 Mountain Trail Mukteshwar 05942-286040     12   24 3600  
86 Krishna Orchard Mukteshwar 05942-286292     27   54 2000-3500  
87 Ramgarh Bungalous 05942-281156     13   28 2000-4000  
88 Writers Bungalous 05942-281136           2500-5000  
89 Himalayan Hight 05942-281227     14   28 1000-2000  
90 Roop Kumaon Ramgarh 05942-281200              
91 Forest Fern Bhimtal 05942-247121

Fax 247017

  55   110 9000-11000  
92 Pine Crest Bhimtal (Himansu Resorts)

E-mai the pinecrest@himansuresotts. com

05942-247430

Fax -247944

    21   21 4500  
93 Shri Hari Resorts Mukteshwar

E-mai siddharthpandey@rediffmail. com

05942-286163     09   22 500-2200  
94 Sweet Home Chokuta Mukteshwar 05942-     05 12 22 350-1250  
95 Maya Regency Bhimtal

www mayaregency. com

05942-247859

9759714219

    15   30 1000-2000  
96 Sikha Inn Bhimtal 9997306269     18   39 1800-2000  
97 Silver Tree Inn Bhimtal 05942-247259     09   24 1000-6000  
98 Manoram View Navkuchiatal

E-mai manoramview@gmail. Com

9217519161     04   08 2000  
99 Neel Kanth Guest House, Mallital, Nainital 05942-236134

9411538222

    04   08 2000  
100 At Last Navkuchiatal 9758513755     04   08 1000  
101 Rang Tulika Navkuchiatal 9758513755     02   04 1000  
102 Anand Complex Tallital Nainital 9719733100     04   08 1000  
103 Deodar Lodge Mallital,Nainital

E-mai deoderlodge@gmail. com

9319057233     04   08 1800-2300  
104 Lake Haritage Bhimtal 05942-248222     12   15 1200-2000  
105 Monolith Bhimtal

E-mai monolith-resorts@yaho. Com.inn

05942-247415   16     32 3600-4950  
106 Mountain Club Bhimtal 05942-247117     19   42 1800-4500 `
107 Nilesh Inn Bhimtal 05942-247117     19   42 1800-4500  
108 The Lake Resort Navkuchiatal

E-mai the lakesesort@sanchar net.inn

05942-247183 Fax- 247871     30   60 2520-3000  
109 Lake Village Navkuchiatal 05942-247375

9411107573

    16   32 4750-5500  
110 The Village Residency Navkuchiatal 05942-242375

09899804410

    06   24 8750  
111 Club Mahindra Navkuchiatal

E-mai resv-navkuchiatal@ clubmahindra.com

05942-248105     31   62 4000-5000  
112 Rewa Retreet Bhowali

E-mai rewa retreat@gmail. com

05942-220048     07   16 1900-2400  
113 Saurabh Mount View Haldhwani 05946-222371-72   41     58 4000-10000  
114 Nagpal Tower Haldhwani

E-mai nagpaltowers@rediffmail. com

05946-252391

252063

    21   42 650-1650  
115 Jai Guru Haldhwani 05946-251435     18   34 600-1550  
116 Nanak Haldhwani 05946-252388     06   08 700-1000  
117 White Rebeca Haldhwani 05946-221878

223378

    16   32 695-2500  
118 Amarpali Haldhwani 05946-222381     13   26 700-1500  
119 Leman Park (Hotel & Spa) Haldhwani

E-mai leman park@rediffmail. com

05946-266305

266306

  26     30 1950-2550  

होटल लिस्ट जनपद नैनीताल :

Sl.

No

Name,Address & Email of Hotel /Accomodational Unit Tel/Mobile/ Fax (with STD code)  
 
1 Alka

E-mail enfo@alka hotal.com

05942-236629  
2 Manu Maharani

E-mail manumaharani @vsnl.com

05942-237342

Fax 2373501

 
3 Naini Retreat

E-mail nainital@ leisure hotels. in

05942-235108

Fax 235103

 
4 Arif Castle

E-mail nainital @ arifcastels. com

05942-235801

Fax 236231

 
5 Sherwani Hill Top Inn

E-mail hilltopinn. nainital@sherwanihotels

05942-233800

Fax 236304

 
6 Classic

E-mail classicnainital2009-1130@rediffmail. com

05942-235173  
7 Balrampur House

E-mail balrampurhouse-ntl@ rediffmail.com

05942-236236

Fex 239902

 
8 Grand 05942-235406

Fax 237057

 
9 Evrest 05942-235453  
10 Fair havens

E-mail fairhavens@rediffmail. Com

05942-236057

Fax 236604

 
11 India 05942-235517

Fax 239018

 
12 Mountain Trail Mukteshwar 05942-286040  
13 Krishna Orchard Mukteshwar 05942-286292  
14 Forest Fern Bhimtal 05942-247121

Fax 247017

 
15 Pine Crest Bhimtal (Himansu Resorts)

E-mai the pinecrest@himansuresotts. com

05942-247430

Fax -247944

 
16 Belveder 05942-237434  
17 Channi Raja 05942-235624  
18 Everest 05942-235435  
19 Evelyn 05942-235457  
20 Corbett View Retreat Dikuli Ramnagar 05947-284236  
21 Suman Grand Dikuli Ramnagar

E-mai corbettsumangrand@Dediffmail. com

05947-284150  
22 Wood Castle Ramnagar 05947-284107  
23 Tarangi Ramnagar 05947-284162  
24 Corbett Woods Resorts Ramnagar

E-mai info@corbettwoodrisort. com

9927922572  
25 Jim Jungle Retreat Delha Ramnagar 9837572386

9837185386

 
26 Corbett Jungle Lore Delha Ramnagar A Unit of U.K.F.D.C 9837096655  
27 Jungle Paradise Retreat Dikuli Ramnagar

E-mai hotelpalace.ntl@gmail. com

05947-284314  
28 Hotel Mannu Maharani Dikuli Ramnagar 05947-284230  
29 Corbett River Side Resort Dikuli Ramnagar 05947-284125

284126

 
30 Infinity Resort Dikuli Ramnagar 05947-251280

251281

 
31 The Claridges Corbeet Hide Away Ramnagar 05947-284132  
32 The Wild Crest Resort, Dikuli Ramnagar

E-mai thewildcrest@yahoo. com

05947-284224

284151-53

 

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