बना रहेगा नैनीताल बैंक, ना मर्जर करेगा, ना अपनी हिस्सेदारी कम करेगा ‘बॉब’

राष्ट्रीय सहारा, 11 अप्रैल 2018

बोर्ड बैठक में रखा जाएगा द नैनीताल बैंक के निजीकरण का मामला

द नैनीताल बैंक के निजीकरण की तैयारी का विरोध कर रहे कर्मचारी-अधिकारियों ने प्रबंधन की सहमति पर मामला बैंक की बोर्ड बैठक में रखे जाने का निर्णय लिया है। इन दिनों लगातार विरोध कर रहे कार्मिकों ने शुक्रवार को बैंक प्रबंधन से वार्ता की। आंदोलित कर्मियों ने कहा कि बोर्ड के निर्णय के बाद कार्मिक आगे की रणनीति तय करेंगे। इससे पहले कर्मचारियों ने मुख्यालय में नारेबाजी कर विरोध व्यक्त किया। बता दें कि बीती 10 अप्रैल को हिन्दुस्तान में द नैनीताल बैंक के निजीकरण से संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। जिसके बाद बैंक से जुड़े कर्मचारी व अधिकारियों के संगठनों ने इसका विरोध करते हुए कार्य बहिष्कार किया। मुख्यालय में नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन तथा नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के भारी विरोध के बाद शुक्रवार को प्रबंधन ने कार्मिकों के साथ वार्ता की। इस दौरान प्रबंधन ने कार्मिकों की मांगों को बैंक की आगामी बोर्ड बैठक में रखे जाने की बात कही। तय किया गया कि इसके बाद कर्मचारी-अधिकारी आगे की रणनीति तय करेंगे। कर्मचारी नेताओं के अनुसार डिजिटल वेंचर का हवाला देकर टेक्नोलॉजी को विकसित करने की बात कही जा रही है, जोकि कर्मचारियों तथा बैंक के हित में ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शाजिश है। जिसके तहत बैंक को पिछले दरवाजे से बेचने की तैयारी की जा रही है। आरोप लगाया कि यूनियन की ओर से आवाज उठाने पर पदाधिकारियों का दूर-दराज तबादला कर दिया जा रहा है। नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर कन्याल ने कहा कि बैंक प्रबंधन की ओर से कर्मचारी और अधिकारियों के हित में निर्णय नहीं लिया जा रहा है। डिजिटल वेंचर के नाम पर करोड़ों का खर्चा किया जा रहा है। उन्होंने बैंक से जुड़े हर कर्मचारी को प्रमोट करने की मांग की है। चेतावनी दी है कि सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने पर संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। बैंक के चेयरमैन मुकेश कुमार शर्मा के अनुसार प्रबंधन की ओर से कार्मिकों तथा बैंक के हित में निर्णय लिया जाएगा। कार्मिकों को चिंतित होने की आवश्यक्ता नहीं है। इस मौके पर महासचिव पीयूष पयाल, प्रवीण साह, निशा कामत, राज वैभव, मालासोनी, विजेता कपिल, सोनम शर्मा, सुमित भंडारी, कमलेश साह आदि मौजूद रहे।

-बैंक के चेयरमैन व सीईओ मुकेश शर्मा ने मीडिया में आई ऐसी खबरों को बताया निराधार
-कहा डिजिटल करेंगे बैंक को, इस हेतु कैपिटल जुटाने के लिए रिजर्व वैंक से लेंगे अनुमति
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड के अपने करीब एक सदी पुराने ऐतिहासिक और इकलौते वाणिज्यिक बैंक नैनीताल बैंक लिमिटेड के अस्तित्व, नाम के मिटने की खबरों को बैंक के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश शर्मा ने निराधार बताया है। उन्होंने साफ कहा है कि नैनीताल बैंक की अपनी ‘ब्रांड वैल्यू’ और राज्य के लोगों का जुड़ाव है। लिहाजा नैनीताल बैंक का नाम और अस्तित्व हमेशा बना रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि नैनीताल बैंक में 98.57 फीसद हिस्सेदारी रखने वाला ‘पैरंटल बैंक’ बॉब यानी बैंक ऑफ बड़ौदा ना ही अपनी हिस्सेदारी कम करेगा, ना ही इसका मर्जर यानी अधिग्रहण करेगा। इसके साथ ही उन्होंने नैनीताल बैंक को आज और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाओं से युक्त करने की बात कही। बताया कि नैनीताल बैंक ने ‘डिजिटल’ होने के लिए धनराशि जुटाने के लिए देश की शीर्ष नियामक बैंक आरबीआई यानी भारतीय रिजर्व बैंक में आवेदन किया था। आरबीआई ने उनसे इस संबंध में अपनी बोर्ड में नये सिरे से इस संबंध में विचार-विमर्श पूरी योजना युक्त प्रस्ताव लाने को कहा था। आरबीआई के निर्देशों पर नैनीताल बैंक की बोर्ड ने प्रस्ताव पारित कर दिया है। इस प्रस्ताव को अब दुबारा से आरबीआई में प्रस्तुत किया जा रहा है। आगे आरबीआई नैनीताल बैंक को डिजिटल करने के लिए धनराशि जुटाने को आईपीओ लाने या बड़े संस्थानों से धनराशि के प्रस्ताव लेने जैसी जो भी अनुमति देता है, उसके अनुरूप ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को विशेष भेंट में श्री शर्मा ने कहा कि नैनीताल बैंक का वर्तमान एवं भविष्य की बैंकिंग जरूरतों के अनुरूप पेशेवर रवैया अपनाने और डिजिटल फॉर्मेट में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होने की आवश्यकता है। इसी कड़ी में नैनीताल बैंक ने अपने खाताधारकों को एटीएम व डेबिट कार्ड देने व एटीएम स्थापित करने तथा मोबाइल व इंटरनेट बैंकिंग आदि की शुरुआत पहले ही कर दी है, लेकिन आगे अपने उपभोक्ताओं को घर बैठे ऑनलाइन खाता खोलने, ऋणों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने और ऋण ऑनलाइन ही स्वीकृत होने जैसी अनेक सुविधाएं देने की योजना है। इस हेतु आवश्यक धनराशि जुटाने के लिए नैनीताल बैंक के द्वारा आरबीआई से अनुमति मांगी गयी थी। इस पर आरबीआई ने अपनी बोर्ड में विचार-विमर्श कर पूरा ठोस समग्र प्रस्ताव लाने को कहा था। यह प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में स्वीकृत होने के बाद आरबीआई को भेजा जा रहा है। अलबत्ता, दावा किया कि धनराशि जुटाने में नैनीताल बैंक के पैरंटल बैंक बॉब का अपनी हिस्सेदारी कम करने, नैनीताल बैंक का अधिग्रहण करने जैसा कोई इरादा नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मीडिया में आई खबरों के बाद ऑल इंडिया नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के महामंत्री प्रवीण साह व ऑल इंडिया नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएस कन्याल भी अध्यक्ष व सीईओ से मिलकर इस संबंध में अध्यक्ष श्री शर्मा से मिले थे।

पदोन्नत हुए अध्यक्ष मुकेश शर्मा

नैनीताल बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा

नैनीताल। बैंक ऑफ बड़ौदा से नैनीताल बैंक के चेयरमैन व मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर नियुक्त मुकेश शर्मा का बैंक ऑफ बड़ौदा ने ग्रेड-6 के डिप्टी जनरल मैनेजर पद से ग्रेड-7 के जनरल मैनेजर पद पर पदोन्नत कर दिया है। उल्लेखनीय है कि नैनीताल बैंक के चेयरमैन पद पर बॉब से डिप्टी जनरल मैनेजर ही नियुक्त होते हैं, लिहाजा पदोन्नति के बाद उन्हें इस पद से बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए नैनीताल बैक के अधिकारियांे व कर्मचारियों का योगदान मानते हुए धन्यवाद दिया है। बताया कि सबके सहयोग से ही पिछले दो वर्षों में बैंक प्रगति के नये सोपान चढ़ा है। देश भर की चिंताओं के बीच नैनीताल बैंक ने इस वर्ष एनपीए को और कम करने की उपलब्धि भी हासिल की है।

उल्लेखनीय है कि ‘नवीन समाचार’ ने ठीक तीन माह पूर्व 11 व 12 जनवरी 2018 को ‘नैनीताल बैंक’ के बारे में यह समाचार ‘ब्रेक’ किया था। इधर नैनीताल बैंक द्वारा कुछ अधिकारियों को रूटीन में इधर से उधर किया गया है, जिसके बाद मीडिया में खबर आई है कि नैनीताल बैंक मे 98.57 फीसद शेयरधारिता रखने वाला बॉब यानी बैंक ऑफ बड़ौदा अपने ‘कैपिटल गेन’ के लिए शेयर बेचने की राह पर निकलने जा रहा है। आशंका जताई गई है कि बॉब की पहले चरण में नैनीताल बैंक से अपनी 25 फीसदी शेयर बेचने की योजना है। शेयर बेचने से मिलने वाली धनराशि से बैंक को डिजिटल बैंक बनाने की बात कही जा रही है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि बैंक पहले से ही डिजिटल होने के लिए कई कदम उठा चुका है। असल मकसद बॉब के बढ़ते एनपीए के कारण घटते लाभ को निरंतर लाभ के पथ पर प्रशस्त नैनीताल बैंक का निजीकरण करना है।
हालांकि ‘नवीन समाचार’ को यह भी जानकारी है कि देश के सर्वोच्च नियामक बैंक-भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक ऑफ बड़ौदा के नैनीताल बैंक से अपनी शेयरधारिता कम करने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।

पूर्व आलेख : 12 जनवरी 2018: साफ़ हुआ, नैनीताल बैंक में अपनी शेयरधारिता बेचने की कोशिश में आरबीआई गया था बॉब

  • नैनीताल बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मानैनीताल बैंक को बेचेगा नहीं, पर शेयरधारिता में बदलाव की मंशा रखता है बॉब
  • नैनीताल बैंक के चेयरमैन ने कहा बॉब के पास 98.57 फीसद शेयर हैं, इनमें कोई बदलाव हो सकता है, पर बेचने की बात गलत है
राष्ट्रीय सहारा, 13 जनवरी 2018

नैनीताल। नैनीताल बैंक को बेचे जाने के लिए इसके पैतृक बैंक-बैंक ऑफ बड़ौदा के भारतीय रिजर्व बैंक में अनुमति लेने जाने से संबंधित समाचार पर बैंक ऑफ बड़ौदा ‘बैकफुट’ पर आ गया लगता है। बॉब प्रबंधन से मिले संदेश के बाद नैनीताल बैंक के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश शर्मा ने इस संबंध में आज हुई प्रगति पर पूछे जाने पर कहा कि बैंक आफ बड़ौदा का नैनीताल बैंक में ‘मेजोरिटी स्टेक’ यानी बड़ा हिस्सा है। और बैंक ऑफ बड़ौदा अपने ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ हेतु ‘कैपिटल’ बढ़ाने के प्रयास में है। इसी यानी ‘कैपिटल बढ़ाने’ की कोशिश में बॉब प्रबंधन भारतीय रिजर्व बैंक गया था। आगे कुछ भी भारतीय रिजर्व बैंक एवं अन्य नियामकों से मिलने वाली स्वीकृतियों पर निर्भर करेगा। यानी बॉब जो भी करेगा, आरबीआई की स्वीकृति पर ही करेगा। कहा कि अपने खातों के सुधार के लिए बॉब को नैनीताल बैंक को बेचे जाने की बात गलत है। बैंक ऑफ बड़ौदा का नैनीताल बैंक की अपनी धारिता को बेचने की कोई योजना नहीं है, और वह नैनीताल बैंक का भविष्य में भी ‘बड़ा शेयर होल्डर बना रहेगा’। अलबत्ता, बातों में यह भी कहा कि बॉब के पास नैनीताल बैंक के 98.57 फीसद शेयर हैं, इसमें कोई बदलाव हो भी सकता है। इस प्रकार साफ़ हो गया है कि बैंक ऑफ़ बडौदा, नैनीताल बैंक को बेचने न सही बैंक में अपनी शेयरधारिता को बेचने की कोशिश में जरूर है, और इसकी अनुमति लेने के लिए ही बॉब आरबीआई गया था। इशारा समझा जा सकता है कि बैंक ऑफ़ बडौदा 50 फीसद से अधिक शेयर अपने पास रखकर भी नैनीताल बैंक का ‘मेजोरिटी स्टेक होल्डर’ रह सकता है। और इस पूरे प्रकरण में बैंक ऑफ़ बडौदा द्वारा नैनीताल बैंक को बेचने तथा इसमें अपनी हिस्सेदारी बेचने जितना मूल फर्क है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल बैंक को बेचने की कोशिश में आरबीआई पहुंचा बॉब !

\

2 Replies to “बना रहेगा नैनीताल बैंक, ना मर्जर करेगा, ना अपनी हिस्सेदारी कम करेगा ‘बॉब’”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *